एयरपोर्ट विस्तार अटका जमीन पर, 128 घर अब भी नहीं हटे

बिरसा मुंडा एयरपोर्ट विस्तारीकरण में जमीन सबसे बड़ी बाधा बनी हुई है. जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया में लंबे समय से अड़चनें आ रही हैं.
रांची. बिरसा मुंडा एयरपोर्ट विस्तारीकरण में जमीन सबसे बड़ी बाधा बनी हुई है. जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया में लंबे समय से अड़चनें आ रही हैं. इसको लेकर अब तक राज्य सरकार, अधिकारी और एयरपोर्ट प्रबंधन के बीच 30 से अधिक बार बैठक हो चुकी है, लेकिन एयरपोर्ट प्रबंधन को एक इंच भी जमीन नहीं मिली है. एयरपोर्ट निदेशक आरआर मौर्या ने बताया कि विस्तारीकरण के लिए 301 एकड़ जमीन मिलनी है, जिस पर ग्रामीणों का कब्जा है. यह राज्य सरकार की जिम्मेदारी है कि जमीन अतिक्रमण मुक्त करके एयरपोर्ट को दे. राज्य सरकार इसमें सहयोग कर रही है, उम्मीद है कि जल्द ही एयरपोर्ट को जमीन मिल जायेगी. वर्तमान स्थिति यह है कि जमीन की घेराबंदी को लेकर चहारदीवारी का निर्माण कार्य अधूरा है. 128 घर अब भी नहीं हटाये गये हैं. उन्होंने कहा कि जमीन नहीं मिलने से कैट-टू लाइट नहीं लग सकी है. इसके लगने से कुहासा या कम विजिबिलिटी में भी विमान रनवे पर उतर सकता है या जा सकता है. वहीं रनवे का विस्तार कार्य भी रुका हुआ है. जमीन मिलने से पार्किंग व्यवस्था भी और सुव्यवस्थित होगी.
गोवाहाटी, जयपुर, रायपुर व वाराणसी के लिए विमान सेवा शुरू होने की संभावना
एयरपोर्ट निदेशक ने फ्लाइट कम होने के सवाल पर कहा कि आनेवाले दिनों में लोगों को कई और शहरों के लिए विमान सेवा मिलेगी. इसके लिए उन्होंने एयरलाइंस कंपनियों को पत्र लिखा है. गोवाहाटी, जयपुर, रायपुर और वाराणसी के लिए विमान सेवा शुरू होने की संभावना है. यह सेवा विंटर शिड्यूल में शुरू हो सकती है. उस समय स्कूलों में छुट्टियां भी रहती हैं. अभी इंडिगो की टीम आयी थी, उनसे भी बातचीत हुई है.
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