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रांची के अधिवक्ता की हत्या का विरोध, झारखंड में आज अदालती कार्यों से अलग रहेंगे 33 हजार वकील, ये है मांग

झारखंड स्टेट बार काउंसिल के आह्वान पर राज्यभर के लगभग 33000 अधिवक्ता आज 30 जुलाई को अदालती कार्यों से अलग रहेंगे. अधिवक्ता मनोज झा की हत्या का राज्यभर में अधिवक्ता विरोध प्रकट करेंगे. इस दौरान एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग करेंगे.

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
रांची के अधिवक्ता की हत्या का विरोध
रांची के अधिवक्ता की हत्या का विरोध
फाइल फोटो

Jharkhand News, रांची न्यूज : झारखंड स्टेट बार काउंसिल के आह्वान पर राज्यभर के लगभग 33000 अधिवक्ता आज 30 जुलाई को अदालती कार्यों से अलग रहेंगे. अधिवक्ता मनोज झा की हत्या का राज्यभर में अधिवक्ता विरोध प्रकट करेंगे. इस दौरान एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग करेंगे.

झारखंड स्टेट बार काउंसिल का एक प्रतिनिधिमंडल शीघ्र ही राज्यपाल व मुख्यमंत्री से मिल कर घटना पर विरोध दर्ज करायेगा. अधिवक्ता मनोज झा के परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग करेगा. 28 जुलाई को बार काउंसिल की आपात बैठक में अदालती कार्यों से अलग रहने का निर्णय लिया गया था. साथ ही एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने में हो रहे विलंब को देखते हुए राज्य सरकार से अध्यादेश लाने की मांग की गयी थी. एक्ट का ड्रॉफ्ट राज्य सरकार के पास लंबित है.

बार काउंसिल के उपाध्यक्ष राजेश कुमार शुक्ल ने राज्य सरकार से अधिवक्ताओं की सुरक्षा को देखते हुए अविलंब एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग की है. आपको बता दें कि पिछले दिनों रांची सिविल कोर्ट के अधिवक्ता मनोज झा की दिन दहाड़े हत्या कर दी गयी थी.

अधिवक्ता मनोज कुमार झा हत्याकांड में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. हालांकि, उनके पास से हत्या में प्रयुक्त हथियार नहीं मिले हैं. ग्रामीण एसपी नौशाद आलम ने बताया कि अफसर आलम उर्फ छोटू उर्फ नागड़ा ही हत्याकांड का मास्टर माइंड है. वह पश्चिम बंगाल भाग गया है. पुलिस उसकी तलाश कर रही है. ग्रामीण एसपी के अनुसार, अधिवक्ता की हत्या के दौरान घटनास्थल के पास आठ लोग मौजूद थे.

ग्रामीण एसपी की मानें, तो अधिवक्ता की हत्या में पिस्तौल व कट्टा दोनों का प्रयोग किया गया था. जो खोखा व गोली पुलिस ने बरामद की है, उनमें 7.65 तथा .303 बोर की गोली मिली है. 7.65 की गोली पिस्तौल व .303 की गोली का प्रयोग कट्टा में किया जाता है. अधिवक्ता की हत्या पूर्व नियोजित योजना के तहत की गयी है. उनकी हत्या के पूर्व दो लोगों ने रेकी भी की थी और शूटर को सूचना दी थी.

Posted By : Guru Swarup Mishra

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