रांची : पशुपालन विभाग के एक भी पशु चिकित्सक राज्य में पशुपालन निदेशक नहीं बन पायेंगे. पशुपालन निदेशक पद के लिए विभाग ने जो योग्यता तय की है, फिलहाल वह किसी भी अधिकारी में नहीं है. सरकार ने एक बार फिर पशुपालन निदेशक के पद को गैर संवर्गीय कर दिया है. अब पशुपालन निदेशक का चयन झारखंड लोक सेवा आयोग द्वारा इंटरव्यू के माध्यम से होगा. अभी पशुपालन निदेशक के पद पर डॉ रजनीकांत तिर्की पदस्थापित हैं. अदालत के आदेश से डॉ तिर्की प्रभारी निदेशक हैं.
कृषि एवं पशुपालन विभाग के निदेशक (पशुपालन) पद के लिए 7600 ग्रेड पे में तीन साल काम करनेवाले अधिकारी ही आवेदन कर सकते हैं. राज्य में एक भी पशु चिकित्सक का ग्रेड पे 7600 नहीं है. बिरसा कृषि विश्वविद्यालय में शैक्षणिक कार्य में लगे कुछ अधिकारियों का ग्रेड पे 7600 हो सकता है. राज्य में पिछले 16 साल में पहली बार पशु चिकित्सकों का प्रमोशन हुआ है. प्रमोशन पाने के बाद पशु चिकित्सकों का ग्रेड पे 6600 रुपये हुआ है. इस कारण कोई भी पशु चिकित्सक इस पद के योग्य नहीं होंगे.
तीन साल से प्रभार में : पशुपालन निदेशक का पद पिछले तीन साल से प्रभार में चल रहा है. पशुपालन विभाग की पूर्व नियमावली (2011) के आधार पर पश्चिम बंगाल के अधिकारी डॉ आनंद गोपाल बंदोपाध्याय का चयन पशुपालन निदेशक के पद पर हुआ था. कार्यकाल समाप्त होने के बाद वह पश्चिम बंगाल वापस लौट गये. इसके बाद विभाग ने नयी नियमावली (2013) तैयार की. इसमें पशुपालन निदेशक के पद को संवर्गीय कर दिया. कुछ अधिकारियों ने निदेशक के एकल पद को संवर्गीय करने का विरोध किया. इसके बाद विभागीय स्तर पर इसे गैर संवर्गीय कर दिया गया है.
