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झारखंड स्थापना दिवस : CM दास से विशेष बातचीत, कानून पैरों की बेड़ियां न बने, लोगों को शक्ति दे

Updated at : 15 Nov 2016 6:09 AM (IST)
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झारखंड स्थापना दिवस : CM दास से विशेष बातचीत, कानून पैरों की बेड़ियां न बने, लोगों को शक्ति दे

15 नवंबर को झारखंड अपनी 16 वीं वर्षगांठ मना रहा है. इस दिन सरकार की ओर से नयी नियुक्तियों की घोषणा व राज्य के लोगों को नियुक्ति पत्र बांटने की तैयारी है. मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा है कि झारखंड विकास की राह पर अग्रसर है. इसकी गति को और तेज करनी की जरूरत है. […]

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15 नवंबर को झारखंड अपनी 16 वीं वर्षगांठ मना रहा है. इस दिन सरकार की ओर से नयी नियुक्तियों की घोषणा व राज्य के लोगों को नियुक्ति पत्र बांटने की तैयारी है. मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा है कि झारखंड विकास की राह पर अग्रसर है. इसकी गति को और तेज करनी की जरूरत है.
सीएनटी-एसपीटी एक्ट पर पक्ष-विपक्ष की सहमति नहीं बन पाने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून किसी के पैरों की बेड़ियां नहीं होनी चाहिए. कानून वही अच्छा है जो लोगों को शक्ति दे. विधानसभा में सीएनटी-एसपीटी कानून पर चर्चा होगी. स्थापना दिवस से पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने प्रभात खबर के वरीय संवाददाता सतीश कुमार से विस्तार से बातचीत की. प्रस्तुत है बातचीत के प्रमुख अंश :
15 नवंबर को झारखंड अपनी 16 वीं वर्षगांठ मना रहा है. इस दिन सरकार की ओर से नयी नियुक्तियों की घोषणा व राज्य के लोगों को नियुक्ति पत्र बांटने की तैयारी है. मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा है कि झारखंड विकास की राह पर अग्रसर है. इसकी गति को और तेज करनी की जरूरत है.
– झारखंड गठन के 16 साल हो गये. आपकी नजर में राज्य कहां खड़ा है?
झारखंड विकास की राह पर अग्रसर है. विकास की गति को और तेज करने की जरूरत है. मैं झारखंड की जनता को विश्वास दिलाना चाहता हूं कि इसमें कमी नहीं आने दूंगा. आनेवाले पांच से 10 साल में झारखंड विकसित राज्यों की श्रेणी में खड़ा होगा.
– पिछले 14 साल और आपके दो वर्ष के कार्यकाल में क्या बदलाव हुआ है?
मैं 14 साल की बात नहीं करूंगा. मैं अपने लगभग दो साल के शासनकाल के बारे में कह सकता हूं कि जनता का विश्वास शासन पर बढ़ा है. यह सबसे बड़ा बदलाव है. इसके बिना आप विकास नहीं कर सकते हैं. सरकार आनेवाले समय में जनता की भागीदारी से इस राज्य का कायाकल्प करेगी.
– अगले पांच साल में आप झारखंड को कहां देखते हैं? इसके िवकास को लेकर क्या रणनीति है?
छोड़ो कल की बातें… कल की बात पुरानी, नये दौर में लिखेंगे… मिल कर नयी कहानी. हमारा प्रयास है कि अगले पांच सालों में झारखंड की गिनती देश के अग्रणी राज्यों में हो.
सीएनटी-एसपीटी एक्ट में संशोधन को लेकर पक्ष-विपक्ष में आम सहमति क्यों नहीं बन पा रही ?
पक्ष और विपक्ष सबकी जिम्मेवारी है कि जो भी कानून है वो जनता के लिए सरल हो. कानून किसी के पैरों की बेड़िया नहीं होनी चाहिए. कानून वही अच्छा है, जो लोगों को शक्ति दे. विधानसभा राज्य की सबसे बड़ी पंचायत है. इस पंचायत में भी सीएनटी-एसपीटी कानून पर चर्चा होगी. लोकतंत्र की यही खासियत भी है. लोकतंत्र में निर्णय बहुमत का होता है.
…और भावुक हो गये मुख्यमंत्री
जैप-वन मैदान में सोमवार को पुलिस अलंकरण परेड का आयोजन किया गया. मुख्यमंत्री रघुवर दास ने पलामू के छतरपुर में शहीद सात जवानों के परिजनों को सम्मानित किया. इस दौरान मंच पर मुख्यमंत्री के हाथों सम्मान पाने के बाद शहीद की पत्नी बेहोश हो गयी. मुख्यमंत्री भी भावुक हो गये.
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