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1.6 किमी लंबे सर्कुलर रोड में 25 सबलेन, इस कारण लगता है जाम

Updated at : 13 Jun 2024 12:14 AM (IST)
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1.6 किमी लंबे सर्कुलर रोड में 25 सबलेन, इस कारण लगता है जाम

सबलेन से हमेशा लोगों और वाहनों का आना-जना लगा रहता है. इस वजह से इस रोड पर हमेशा वाहनों का दबाव बना रहता है.

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रांची. राजधानी के व्यस्ततम मार्गों में से एक सर्कुलर रोड (लालपुर से कचहरी तक) है. इस रोड पर सुबह से लेकर शाम तक हर समय वाहनों का दबाव बना रहता है. इसकी मुख्य वजह यह है कि सर्कुलर रोड के दायीं और बायीं ओर रिहायशी इलाके हैं. इन इलाकों के लोगों के लिए मुख्य सड़क सर्कुलर रोड ही है. 1.6 किलोमीटर लंबे इस रोड में 25 सबलेन हैं. इस कारण इस रोड पर हमेशा वाहनों का दबाव बना रहता है और जाम से लोग परेशान रहते हैं.

लालपुर से कचहरी जाने के क्रम में दायीं ओर 15 तथा बायीं ओर 10 सबलेन सर्कुलर रोड से जुड़े हैं. इन सबलेन से हमेशा लोगों और वाहनों का आना-जना लगा रहता है. इसी रोड पर रांची वीमेंस कॉलेज भी है, जहां सैकड़ों छात्राओं का आना-जाना लगा रहता है. हरिओम टावर में सैकड़ों कोचिंग संस्थान हैं, जहां दूर-दराज से सैकड़ों विद्यार्थी दिनभर पढ़ने आते हैं. इसी रोड पर दो मॉल सहित कई व्यावसायिक प्रतिष्ठान भी हैं. यही वजह है कि इस मार्ग पर हमेशा वाहनों का दबाव बना रहता है.

सड़क पर ही लगे रहते हैं वाहन

सर्कुलर रोड की चौड़ाई 25 से 30 फीट है. वहीं, कई लोग सड़क किनारे ही वाहन खड़ा कर देते हैं. इसके अलावा कई ठेले-खाेमचे भी सड़क किनारे लगे रहते हैं. इस कारण इस रोड में हमेशा जाम की स्थिति बनी रहती है. इसके अलावा ऑटो और इ-रिक्शा भी जाम में अहम भूमिका निभाते हैं. ऑटो व इ-रिक्शा वाले लालपुर चौक, रांची वीमेंस कॉलेज के साइंस ब्लॉक, जेल चौक व कचहरी के पास पैसेंजर के इंतजार में सड़क किनारे वाहन लगा कर बैठे रहते हैं.

सिर्फ चौक पर रहते हैं ट्रैफिक पुलिस के जवान

इधर, ट्रैफिक पुलिस के जवान सिर्फ लालपुर चौक, प्लाजा सिनेमा हॉल मोड़ व जेल चौक पर ही तैनात रहते हैं. बीच में कहीं भी नहीं रहते हैं. इस कारण ऑटो व इ-रिक्शा चालक मनमानी करते हैं. वहीं, लालपुर चौक पर पुलिस के सामने ही बजरंग बली मंदिर के पास इ-रिक्शा ने पड़ाव बना लिया है. यह भी जाम का कारण बन रहा है.

आड़े-तिरछे बनाये जा रहे नाले

सर्कुलर रोड में सड़क किनारे नाला का निर्माण किया जा रहा है. लेकिन, नाले का निर्माण आड़े-तिरछे किया जा रहा है. बताया गया कि पेड़ को बचाने के लिए आड़े- तिरछे नाले बनाये जा रहे हैं. इधर, लोगों का कहना है कि नाला को बीच-बीच में छोड़ कर बनाया जा रहा है. इससे बरसात में परेशानी हो सकती है.

प्रस्तुति :

ऋषिता भारती (इंटर्न).

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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