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महाराष्ट्र के रायगढ़ से वापस लौटे झारखंड के 23 श्रमिक, घर वापसी के लिए CM हेमंत सोरेन को दिया धन्यवाद

महाराष्ट्र के रायगढ़ में एक कंपनी में कार्यरत चक्रधरपुर के 23 श्रमिकों की मंगलवार को सुरक्षित घर वापसी हुई है. हेमंत सरकार की विशेष पहल पर इन श्रमिकों की वापसी हुई है. चक्रधरपुर पहुंचने पर इन श्रमिकों ने सीएम हेमंत सोरेन को धन्यवाद दिया है.

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
हेमंत सरकार की पहल पर महाराष्ट्र के रायगढ़ से 23 श्रमिकों की हुई घर वापसी.
हेमंत सरकार की पहल पर महाराष्ट्र के रायगढ़ से 23 श्रमिकों की हुई घर वापसी.
सोशल मीडिया.

Jharkhand News (रांची) : झारखंड CM हेमंत सोरेन की विशेष पहल पर पश्चिमी सिंहभूम के 23 श्रमिक महाराष्ट्र के रायगढ़ से चक्रधरपुर पहुंच गये. सभी 23 श्रमिक SRC फेस्टिवल स्पेशल ट्रेन से मंगलवार को पश्चिमी सिंहभूम के चक्रधरपुर पहुंचे. यहां पहुंचने पर सभी श्रमिकों ने घर वापसी के लिए सीएम श्री सोरेन को धन्यवाद दिया है.

बता दें कि सभी श्रमिक रायगढ़ जिला में एक कंपनी के तहत कोंकण रेलवे में इलेक्ट्रिशियन का काम करते थे. कंपनी इन्हें पिछले तीन महीने से वेतन नहीं दे रही थी. ऐसे में मुश्किल से काम कर रहे मजदूरों ने वापस लौटने का फैसला किया.

लेकिन, वेतन नहीं मिलने के कारण इन श्रमिकों के पास टिकट खरीदने तक के पैसे नहीं थे. इन श्रमिकों ने श्रम विभाग के राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष से संपर्क कर मदद की गुहार लगायी. इसके बाद राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष ने कंपनी के मैनेजर से बात कर सभी श्रमिकों के लिए ट्रेन भाड़े के मद में 10 हजार रुपये की व्यवस्था करायी.

बताया गया कि राज्य सरकार के दवाब पर कंपनी जल्द इन श्रमिकों के बकाया वेतन का भुगतान कर देगी. वहीं, श्रमिकों ने अपनी सुरक्षित वापसी पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन समेत राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष के प्रति भी आभार प्रकट किया है.

बताया गया कि सभी श्रमिक पश्चिमी सिंहभूम जिला अंतर्गत टोंटो ब्लॉक के निवासी हैं. कुछ महीने पहले ही ये महाराष्ट्र के रायगढ़ स्थित कंपनी में इलेक्ट्रिशियन का काम कर रहे थे. वहां श्रमिकों का तीन महीने से वेतन बकाया था. राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष और इसका संचालन कर रही फिया फाउंडेशन की टीम ने कंपनी के मैनेजर से बात कर उनपर दबाव बनाया कि वे मजदूरों को मुक्त करें और उनके ट्रेन के भाड़े की व्यवस्था करें. इसके बाद कंपनी ने मजदूरों के भाड़े के लिए पैसे दिये.

Posted By : Samir Ranjan.

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