रांची : संविधान की पांचवीं अनुसूची जनजातियों के लिए है: उरांव

Updated at : 23 Feb 2020 9:40 AM (IST)
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रांची : संविधान की पांचवीं अनुसूची जनजातियों के लिए है: उरांव

विद्यार्थी परिषद की आेर से व्याख्यान का आयोजन रांची : केंद्रीय पुस्तकालय स्थित शहीद स्मृति भवन में शनिवार को व्याख्यानमाला का आयोजन किया गया. अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद रांची महानगर के तत्वावधान में हुए कार्यक्रम का विषय था- पांचवीं अनुसूची एवं झारखंड. कार्यक्रम की अध्यक्षता अभाविप प्रदेश अध्यक्ष प्रो नाथू गाड़ी ने की. इस अवसर […]

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विद्यार्थी परिषद की आेर से व्याख्यान का आयोजन
रांची : केंद्रीय पुस्तकालय स्थित शहीद स्मृति भवन में शनिवार को व्याख्यानमाला का आयोजन किया गया. अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद रांची महानगर के तत्वावधान में हुए कार्यक्रम का विषय था- पांचवीं अनुसूची एवं झारखंड. कार्यक्रम की अध्यक्षता अभाविप प्रदेश अध्यक्ष प्रो नाथू गाड़ी ने की.
इस अवसर पर सेवानिवृत्त आइपीएस शीतल उरांव ने कहा कि संविधान में 12 सूची हैं, जिसकी पांचवीं सूची पूरे विश्व की जनजातियों के लिए है. बीआइटी एक्सटेंशन प्रो प्रदीप मुंडा ने कहा कि यह सेंटर आदिवासी समाज के हितों के लिए कार्यरत है एवं इनके साथ घट रही घटनाओं या उत्पन्न समस्याओं का समाधान करती है. प्रांत संगठन मंत्री याज्ञवल्क्य शुक्ल ने कहा कि जिन परंपराओं को भगवान बिरसा ने बनाये रखने के लिए संघर्ष किया, अब वह हमारी जिम्मेजारी है कि हम उन सभी को संरक्षित करें. कार्यक्रम में पूर्व विधायक शिव शंकर उरांव, सोमनाथ भगत, बरखा कुजूर आदि ने भी संबोधित किया.
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