रांची रेल डिवीजन : 13 स्टेशनों पर पुरानी तकनीक से आज भी किया जा रहा ट्रेनों का आवागमन

By Prabhat Khabar Digital Desk
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लीवर सिस्टम से लाइन को चेंज किया जाता है
रांची : रांची रेल डिवीजन के 13 स्टेशन ऐसे हैं, जहां आज भी पुरानी तकनीक से ट्रेनों का आवागमन हो रहा है. हटिया से ओरगा रेल लाइन में बालसिरिंग, लोदमा, कर्रा, बकसपुर, पोकला, पकड़ा, कुरकुरा, महाभुआंग, बानो, कनरवा, टाटी, पवर्तोनिया व ओरगा स्टेशन पर आज भी पुरानी व्यवस्था चल रही है. उक्त स्टेशनों का निर्माण 1960-61 में किया गया था.
तब एक छोटे से कमरे से इसकी शुरुआत की गयी है. इन स्टेशनों पर आज भी लीवर सिस्टम से लाइन को चेंज किया जाता है. सिग्नल सिस्टम भी अपग्रेड नहीं है. स्लाइड बॉक्स को हाथ से खींच कर ट्रेनों का रूट निर्धारित किया जाता है. वहीं सुरक्षा के अन्य उपकरण भी अद्यतन तकनीक के नहीं है.
ट्रेनों का आवागमन मैनुअली होने से दुर्घटना की संभावना बनी रहती है. गलत प्वाइंट और कम्यूनिकेशन से पूर्व में दुर्घटना भी हो चुकी है. वहीं रेलवे के अधिकारियों का कहना है कि हटिया-बंडामुंडा रेल लाइन के दोहरीकरण का कार्य किया जा रहा है.
इसी क्रम में फेज वाइज सभी स्टेशनों को अपग्रेड करने की योजना है. इस रूट पर गोविंदपुर स्टेशन का जीर्णोद्धार कर लिया गया है. यहां ट्रेनों का आवागमन पूरी तरह से नयी तकनीक से किया जा रहा है. वहीं यात्री सुविधा में भी बढ़ोतरी की गयी है. योजना के तहत उक्त 13 स्टेशनों पर दो से तीन मंजिला बिल्डिंग बनायी जा रही है. इसमें वेटिंग रूम, शौचालय, दिव्यांगों के लिए रैंप, कंप्यूटराइज सिग्नल रूम आदि का निर्माण किया जा रहा है.
हटिया से ओरगा तक डबल होगी लाइन : हटिया से ओरगा तक रेल लाइन को डबल करने का कार्य होना है. इसके तहत पुरानी स्टेशन बिल्डिंग को नया बनाने का प्रस्ताव है.
ट्रेनों के आवागमन के लिए कंप्यूटराइज्ड मशीन व इलेक्ट्रिक ऑपरेटेड मशीन लगायी जायेगी. इसके लगने से एक बड़ी स्क्रीन पर ट्रेनों के इंडिकेशन के साथ सूचना एक क्लिक पर मिलेगी. सीपीआरओ नीरज कुमार ने कहा कि हटिया-ओरगा रेल लाइन को डबल करने का कार्य पूरा होने पर सभी 13 स्टेशनों पर कंप्यूटराइज्ड तरीके से ट्रेनों का परिचालन शुरू हो जायेगा. इसके बाद सारा काम कंप्यूटर के एक क्लिक से होगा.
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