रांची : एक रुपया में रजिस्ट्री पर हो सकता है पुनर्विचार

Updated at : 13 Feb 2020 9:25 AM (IST)
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रांची : एक रुपया में रजिस्ट्री पर हो सकता है पुनर्विचार

नियम में संशोधन पर भी हो रहा है विचार रांची : हेमंत सरकार एक रुपया के टोकन मनी में जमीन और फ्लैट की रजिस्ट्री महिलाअों के नाम करने के प्रावधान को बंद कर सकती है. यह भी देखा जायेगा कि इस योजना को बंद किया जाये या इसमें संशोधन करके लागू रखा जाये. इस बिंदू […]

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नियम में संशोधन पर भी हो रहा है विचार
रांची : हेमंत सरकार एक रुपया के टोकन मनी में जमीन और फ्लैट की रजिस्ट्री महिलाअों के नाम करने के प्रावधान को बंद कर सकती है. यह भी देखा जायेगा कि इस योजना को बंद किया जाये या इसमें संशोधन करके लागू रखा जाये. इस बिंदू को लेकर सरकार के स्तर पर अभी विचार-विमर्श हुआ है. यह देखा जा रहा है कि यह प्रावधान कितना उपयोगी है. इससे वास्तव में जरूरतमंद कितने लाभान्वित हो रहे हैं. कहीं इस योजना का लाभ ज्यादा संपन्न लोगों को तो नहीं मिल रहा है.
यह पाया गया है कि करीब ढाई साल में 1.60 लाख से ज्यादा महिलाअों के नाम राज्य भर में एक रुपये टोकन मनी में रजिस्ट्री हुई है. इससे राजस्व के रूप में बड़ी राशि सरकार को नहीं मिली है. राजस्व की दृष्टिकोण से भी इस मामले को देखा जा रहा है. इस पर भी विचार किया जा रहा है कि बड़ी लागत वाली संपत्ति संपन्न लोगों द्वारा खरीदी जाती है. ऐसे में कीमती संपत्ति के लिए रजिस्ट्री चार्ज में छूट दी जाये या नहीं. इस पर भी बात हो रही है कि कम लागत वाली संपत्ति में ही केवल छूट का लाभ दिया जाये. फिलहाल, इस छूट का लाभ गरीब से लेकर संपन्न तक सबको मिल रहा है.
10 लाख रुपये की संपत्ति में 70 हजार राजस्व मिलता
जानकारी के मुताबिक, किसी संपत्ति की रजिस्ट्री कराने के लिए स्टांप ड्यूटी चार फीसदी व कोर्ट फीस तीन फीसदी कुल सात फीसदी ली जाती है. यानी 10 लाख की संपत्ति पर कुल 70 हजार रुपये सरकार को राजस्व के रूप में भुगतान करना है.
किसी पुरुष के नाम से संपत्ति की रजिस्ट्री कराने पर राशि का भुगतान सरकार को करना पड़ता है, लेकिन रघुवर सरकार ने जून 2017 में यह प्रावधान किया था कि किसी भी महिला के नाम से रजिस्ट्री कराने पर यह शुल्क नहीं लिया जायेगा, बल्कि एक रुपये टोकन मनी में ही रजिस्ट्री हो जायेगी. यह लाभ महिलाअों को केवल एक ही बार मिलेगी, चाहे वह कितनी राशि की भी रजिस्ट्री क्यों न हो, लेकिन इसके लिए लागत सीमा तय की गयी थी. यानी 50 लाख लागत की संपत्ति की भी रजिस्ट्री हो सकेगी.
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