रांची : हाइकोर्ट के जस्टिस डॉ एसएन पाठक की अदालत में बुधवार को विधानसभा कर्मियों की प्रोन्नति प्रक्रिया के दाैरान नियमों में बदलाव करने काे लेकर दायर याचिका पर सुनवाई हुई. अदालत ने प्रार्थी की दलील सुनने के बाद प्रतिवादी विधानसभा सचिवालय को पक्ष रखने का निर्देश दिया. साथ ही समय देते हुए सुनवाई स्थगित कर दी. अगली सुनवाई चार मार्च को होगी. इससे पूर्व विधानसभा की अोर से अधिवक्ता आदित्य रमण ने अदालत को बताया कि शपथ पत्र दायर किया गया है.
अंतिम बहस के लिए समय देने का आग्रह किया. वहीं प्रार्थी की अोर से बताया गया कि प्रोन्नति की प्रक्रिया के दाैरान नियमों में बदलाव कर कर्मियों को प्रोन्नति दी गयी, जो गलत है. प्रोन्नति में गड़बड़ी की पुष्टि एक सदस्यीय जांच आयोग ने भी अपनी रिपोर्ट में की है. आयोग ने अपनी जांच रिपोर्ट राज्यपाल को साैंप दी है. उल्लेखनीय है कि प्रार्थी विधानसभा के असिस्टेंट मोती कुमार पासवान व अन्य की अोर से याचिका दायर की गयी है.
प्रार्थियों ने प्रोन्नति के नियमों में बदलाव करने को चुनाैती दी है. नियमों में बदलाव कर कहा गया कि 50 प्रतिशथ सीधी भर्ती व 50 प्रतिशत पदों पर सीमित विभागीय परीक्षा से प्रोन्नति दी जायेगी. संशोधित नियमों के तहत चार व पांच जनवरी 2014 को परीक्षा ली गयी थी. 149 कर्मियों का परीक्षाफल भी जारी किया गया था.
