झारखंड विधानसभा चुनाव 2019 : जिनके पास हर सुविधा, वही नहीं निकले वोट करने
Updated at : 13 Dec 2019 7:42 AM (IST)
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रांची : झारखंड विधानसभा के तीसरे चरण के चुनाव के लिए मतदान गुरुवार को संपन्न हो गया. इसके साथ ही इस चरण के चुनावी रण में उतरे कुल 309 प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला इवीएम में बंद हो गया. इस चरण में आठ जिलों की 17 विधानसभा सीटों पर शाम पांच बजे तक 62.35 फीसदी […]
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रांची : झारखंड विधानसभा के तीसरे चरण के चुनाव के लिए मतदान गुरुवार को संपन्न हो गया. इसके साथ ही इस चरण के चुनावी रण में उतरे कुल 309 प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला इवीएम में बंद हो गया. इस चरण में आठ जिलों की 17 विधानसभा सीटों पर शाम पांच बजे तक 62.35 फीसदी मतदान दर्ज किया गया. यह वर्ष 2014 में हुए मतदान से 1.67 प्रतिशत कम है. पिछले बार इन सीटों पर 64.02 प्रतिशत मतदान रिकाॅर्ड किया गया था. हालांकि, इस बार भी ग्रामीण इलाके वोटिंग के मामले में शहरी इलाकों से काफी आगे रहे हैं.
तीसरे चरण के 17 विधानसभा क्षेत्र से कहीं किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है. छिटपुट घटनाओं को छोड़ कर सभी क्षेत्रों में शांतिपूर्ण ढंग से मतदान संपन्न हुआ. कुछ जगहों पर इवीएम या वीवीपैट में खराबी आने के कारण थोड़े समय तक मतदान बाधित रहा. लेकिन, मशीन दुरुस्त कर जल्द से जल्द वोटिंग शुरू करायी गयी.
सिल्ली में सबसे अधिक मतदान
तीसरे चरण के 17 में से 12 विधानसभा क्षेत्रों में गत चुनाव की तुलना में मतदान प्रतिशत में गिरावट आयी है. तीसरे चरण में सबसे अधिक 76.98 फीसदी मतदान सिल्ली में रिकाॅर्ड किया गया. ईचागढ़ में भी 73.11 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया. लेकिन, राजधानी के शहरी इलाके में लोग वोट देने के लिए नहीं निकले.
रांची में सबसे कम 49.10 प्रतिशत मतदान हुआ. हटिया में भी मतदान प्रतिशत 53.63 फीसदी ही रहा. बावजूद इसके रांची, कांके, खिजरी, सिमरिया और बरकट्ठा सीट पर पिछले वर्ष की तुलना में मतदान प्रतिशत में मामूली बढ़त दर्ज की गयी. हालांकि, मतदान प्रतिशत का यह संभावित आंकड़ा है. चुनाव आयोग एक-दो दिनों में मतदान प्रतिशत के फाइनल आंकड़े जारी करेगा.
सुबह सात से नौ बजे तक धीमा मतदान
शाम पांच बजे चुनाव आयोग द्वारा जारी किये गये आंकड़ों के मुताबिक 2014 के चुनाव की तुलना में सिल्ली और रांची के मतदान प्रतिशत में मामूली बढ़त हुई है.
सर्दी के कारण सुबह सात से नौ बजे तक मतदान की रफ्तार काफी धीमी थी. सुबह नौ बजे के बाद मतदान प्रतिशत में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जाती रही. चुनाव में 13,504 बैलेट यूनिट, 8772 कंट्रोल यूनिट और 9123 वीवीपैट का इस्तेमाल किया गया. चुनाव आयोग ने पर्याप्त संख्या में सुरक्षा बल के जवानों के अलावा चार हेलीकॉप्टर भी चुनाव कार्य में लगाये गये थे. सभी संवेदनशील और अति संवेदनशील मतदान केंद्रों में आर्म्ड फोर्सेज के जवान मतदान के दौरान पूरी तरह से मुस्तैद रहे. कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है.
वेबकास्टिंग के जरिये मतदान केंद्रों की गतिविधियों पर हर पल नजर रखी गयी. इस चरण में नक्सल प्रभावित इलाकों में 1008 अति संवेदनशील और 543 संवेदनशील मतदान केंद्रों को चिह्नित किया गया है. गैर नक्सल क्षेत्रों में संवेदनशील मतदान केंद्रों की संख्या 1119 और अति संवेदनशील मतदान केंद्रों की संख्या 2672 है.
कम मतदान होना चिंता का कारण है. चुनाव आयोग ने मतदान प्रतिशत बढ़ाने का पूरा प्रयास किया. लोगों को मताधिकार का प्रयोग करने के लिए प्रोत्साहित करने की काफी कोशिश की गयी थी. चुनाव खत्म बाद कम मतदान के कारणों का विश्लेषण किया जायेगा.
– विनय कुमार चौबे, मुख्य चुनाव पदाधिकारी, झारखंड
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