लॉ की छात्रा के साथ गैंग रेप मामला : एफएसएल भेजे जायेंगे छात्रा के कपड़े, ब्लड सैंपल की होगी जांच, अक्षय ने ट्वीट कर जताया दुख

By Prabhat Khabar Digital Desk
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रांची/कांके : कांके थाना क्षेत्र के संग्रामपुर बस स्टॉप पर खड़ी जमशेदपुर निवासी लॉ की छात्रा को जबरन उठाकर ले जाने और उसके साथ गैंग रेप करनेवाले सभी 12 आरोपियों को शुक्रवार को जेल भेज दिया गया. इसमें गोली मारने की धमकी देनेवाले सुनील मुंडा पर अलग से केस दर्ज किया गया है. उसे सीजेएम की अदालत में पेश किया गया. उसी के पास से पुलिस ने छात्रा का मोबाइल, दो हथियार व कार बरामद किये हैं.
इधर, डीएसपी नीरज कुमार ने बताया कि छात्रा के साथ-साथ सभी आरोपियों की मेडिकल जांच करा ली गयी है. छात्रा के कपड़े, स्वाइप का स्लाइड व अारोपियों का ब्लड सैंपल जांच के लिए फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) भेजा जायेगा, ताकि इस मामले में पुलिस को पुख्ता सबूत मिल सकें. डीएसपी ने बताया कि पुलिस स्पीडी ट्रायल करा कर आरोपियों को जल्द से जल्द सजा दिलाने का प्रयास करेगी.
पीड़िता के बयान पर दर्ज हुआ है मामला: गैंग रेप की पीड़िता ने एसटी, एसी एक्ट के तहत गैंग रेप की प्राथमिकी दर्ज करायी थी, जिसके कारण 11 आरोपियों को एसटी, एसी एक्ट के विशेष न्यायाधीश विशाल श्रीवास्तव की अदालत में पेश किया गया. जबकि गैंग रेप व आर्म्स एक्ट के एक आरोपी सुनील मुंडा को सीजेएम की अदालत में पेश किया गया.
11 आरोपियों को दो दिसंबर तक के लिए जबकि आर्म्स एक्ट व गैंग रेप के एक आरोपी को 13 दिसंबर तक के लिए जेल भेजा गया है. बरामद कार भी सुनील मुंडा के पास ही थी. कार मालिक का नाम भी नंबर के आधार पर मिल गया है. पुलिस जांच कर रही है कि वह कार चोरी की तो नहीं. उसके बाद पुलिस अलग से कार चोरी की प्राथमिकी दर्ज करेगी.
दूसरी ओर हथियार रखने के मामले में जिन चार युवकों का नाम सामने आया था, उन्हें पूछताछ बाद पीआर बांड पर थाने से छोड़ दिया गया. पुलिस का कहना है कि पकड़े गये सभी अारोपियों में कुछ ने ही दुष्कर्म किया है. डीएसपी ने बताया कि इसमें कुछ युवक छोटा-मोटा काम करते हैं, जबकि शेष युवक बेरोजगार हैं और नशा व अपराध करना इनका काम है.
गोली मारने की धमकी देनेवाले पर अलग से चलेगा केस
बॉलीवुड अभिनेता अक्षय ने ट्वीट कर जताया दुख
हाल के दिनों में देश के विभिन्न हिस्सों में हुई गैंग रेप की घटनाओं से दुखी बॉलीवुड अभिनेता अक्षय कुमार ने शुक्रवार को एक ट्वीट किया. इसमें उन्होंने लिखा : हैदराबाद में प्रियंका रेड्डी, तमिलनाडु में रोजा और रांची में लॉ कॉलेज की छात्रा के साथ हुई गैंग रेप की घटनाएं हमें एहसास कराती हैं कि हमारा समाज कितना नीचे चला गया है. निर्भया कांड को आज सात साल बीत गये, लेकिन ऐसा लगता है, जैसे हमारी नैतिकता मर गयी है. हमें बेहद सख्त कानून की जरूरत है. यह रुकना चाहिए.
रांची में इस साल दर्ज हुए हैं दुष्कर्म के 95 मामले
जनवरी 14
फरवरी 7
मार्च 14
अप्रैल 11
मई 19
जून 23
जुलाई 19
अगस्त 18
सितंबर 23
लॉ विवि के समीप बना पुलिस पिकेट नहीं कर रहा काम
इस घटना के बाद से लॉ िववि के समीप बने पुलिस िपकेट की उपयोिगता पर स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं. वे कहते हैं िक इस पिकेट के अधिकारी कौन हैं, इसमें कितने जवान तैनात हैं, उनका कार्य क्या है, यह किसी को पता नहीं. इस पुलिस पिकेट को पूर्व डीजीपी डीके पांडेय ने स्थापित कराया था.
चला कानून का डंडा : दुष्कर्मी को उम्रकैद
रांची : पोक्सो मामले के विशेष न्यायाधीश कशिका एम प्रसाद की अदालत ने बच्ची को हवस का शिकार बनानेवाले अभियुक्त लापुंग निवासी बहुरान लोहरा को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनायी है. उसे पोक्सो की दो धाराओं एवं भादवि की धारा 302 में उम्रकैद की सजा सुनायी गयी है. साथ ही 80 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है.
जुर्माने की राशि जमा नहीं करने कि स्थिति में उसे अतिरिक्त 19 महीने जेल काटनी होगी. किसी अभियुक्त को पोक्सो की धाराओं के तहत पहली बार उम्रकैद की सजा सुनायी गयी है. घटना को लेकर मृतका बच्ची के अभिभावक ने लापुंग थाने में कांड संख्या 12/16 के तहत प्राथमिकी दर्ज करायी थी. अभियुक्त ने बच्ची के साथ दुष्कर्म करने के बाद उसकी हत्या कर लाश को छुपा दिया था. मामले में अभियुक्त के खिलाफ आठ फरवरी 2017 को आरोप तय किया गया था.
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