रांची : मेकन विनिवेश कंपनियों की सूची में शामिल
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :09 Nov 2019 3:05 AM (IST)
विज्ञापन

राजेश झा रांची : मेकन पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग विनिवेश की जानेवाली कंपनियों की सूची में शामिल हो गया है. 23 अक्तूबर को दिल्ली में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया. अब यह प्रस्ताव कैबिनेट में जायेगा. बैठक में भारी उद्योग मंत्रालय, नीति आयोग व विनिवेश मंत्रालय के अधिकारी शामिल थे. मेकन के अधिकारी ने […]
विज्ञापन
राजेश झा
रांची : मेकन पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग विनिवेश की जानेवाली कंपनियों की सूची में शामिल हो गया है. 23 अक्तूबर को दिल्ली में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया. अब यह प्रस्ताव कैबिनेट में जायेगा. बैठक में भारी उद्योग मंत्रालय, नीति आयोग व विनिवेश मंत्रालय के अधिकारी शामिल थे.
मेकन के अधिकारी ने बताया कि पूर्व में मंत्रालय ने एसेट, कार्यादेश व कर्मचारियों की संख्या की जानकारी मांगी थी. गौरतलब है कि वर्ष 2018 में मेकन को इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड (इआइएल) में विलय करने से संबंधित प्रस्ताव पर राय मांगी गयी थी. केंद्र सरकार का कहना था कि सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के कामकाज और तौर-तरीकों में दक्षता लाने के लिए एक जैसी कंपनियों का विलय जरूरी है.
जवाब में मेकन की ओर से कहा गया था कि मेकन इस्पात मंत्रालय का थिंक टैंक है. केवल इस्पात ही नहीं, मेकन को मााइनिंग, रेलवे, अंतरिक्ष, डिफेंस व ऊर्जा सहित अन्य क्षेत्रों में भी महारत हासिल है. इआइएल ऑयल एवं रिफाइनरी के क्षेत्र में कार्यरत है. विलय के बाद मेकन उसका विंग बनकर रह जायेगा.
मेकन केंद्र सरकार को दो वर्ष छोड़ कर लगातार डिविडेंट देता आ रहा है. मेकन का अलग अस्तित्व ही अच्छा होगा. मेकन की भूमिका भारत सरकार के वर्ष 2030-31 तक 300 मिलियन टन इस्पात क्षमता के निर्माण के लिए बहुत अहम है.
वहीं झारखंड की अग्रणी इंजीनियरिंग परामर्शदात्री संस्था है. मेकन में 1288 कर्मचारी कार्यरत हैं. इसमें 50 प्रतिशत से अधिक 40 वर्ष से कम उम्र के हैं. इसके बाद मर्जर का मामला चुनाव के कारण लटक गया था.
देश-विदेश से मिले हैं कार्यादेश
मेकन को देश की विभिन्न कंपनियों के अलावा विदेशों से भी कार्यादेश मिला है. दक्षिण अफ्रीका की यूनाइटेड इंपेक्स कंपनी से, थाइलैंड की जीजे स्टील से, भारत की कंपनी एनपीसीआइएल से फ्यूल स्टोरेज फेसिलिटी के लिए, इसरो से ह्यूमन स्पेस फ्लाइट सेंटर चल्लाकेरा के लिए, इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन से, आइआरइएल मुंबई से, सिटी गैस त्रिपुरा में, कोलकाता में सिटी गैस पाइप के लिए, झारखंड के जादूगोड़ा में यूरेनियन कॉरपोरेशन की सभी परियोजनाओं सहित कई कंपनियों से कार्यादेश मिला है.
23 अक्तूबर को दिल्ली में हुई बैठक में हुआ निर्णय
4314 करोड़ से अधिक का कार्यादेश है मेकन के पास
मेकन के पास चालू वित्तीय वर्ष में विभिन्न कंपनियों से 4314 करोड़ से अधिक का कार्यादेश है. मेकन ने मंत्रालय से चालू वित्तीय वर्ष में 550 करोड़ के टर्नओवर के एमओयू लक्ष्य पर हस्ताक्षर किया है, जिसमें अक्तूबर तक 214 करोड़ का कार्य किया गया है. मेकन के अधिकारी ने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष में अगर मेकन एमओयू लक्ष्य को प्राप्त कर लेता है, तो 10.47 करोड़ का लाभ अर्जित करेगा. वित्तीय वर्ष 2018-19 में मेकन ने 9.97 करोड़ का लाभ अर्जित किया था. मेकन का नेटवर्थ अभी 300 करोड़ से अधिक है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Tags
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




