ePaper

रद्द प्रस्ताव पर रांची के बैंक से चार करोड़ का कर्ज, जानें क्‍या है पूरा मामला

Updated at : 04 Oct 2019 6:42 AM (IST)
विज्ञापन
रद्द प्रस्ताव पर रांची के बैंक से चार करोड़ का कर्ज, जानें क्‍या है पूरा मामला

शकील अख्तर रांची : यूनियन बैंक ऑफ इंडिया पटना के मेन ब्रांच द्वारा रद्द प्रस्ताव पर रांची के डोरंडा ब्रांच ने चार करोड़ रुपये का कर्ज दिया. सिर्फ इतना ही नहीं डोरंडा ब्रांच ने तीन करोड़ की संपत्ति खरीदने के लिए 4.10 करोड़ रुपये कर्ज दिया. कर्ज की इस रकम में से जगदीश प्रसाद और […]

विज्ञापन
शकील अख्तर
रांची : यूनियन बैंक ऑफ इंडिया पटना के मेन ब्रांच द्वारा रद्द प्रस्ताव पर रांची के डोरंडा ब्रांच ने चार करोड़ रुपये का कर्ज दिया. सिर्फ इतना ही नहीं डोरंडा ब्रांच ने तीन करोड़ की संपत्ति खरीदने के लिए 4.10 करोड़ रुपये कर्ज दिया.
कर्ज की इस रकम में से जगदीश प्रसाद और मेसर्स जय मंगल लिमिटेड को डिमांड ड्राफ्ट के सहारे 2.85 करोड़ रुपये दिये गये. हालांकि इसे स्वीकार नहीं करने की वजह से ड्राफ्टों को रद्द कर 2.85 करोड़ रुपये फिर से लोन अकाउंट में वापस जमा कर दिया गया. इन ड्राफ्टों को बिना किसी से आवेदन लिये ही रद्द कर दिया गया. बैंक की आंतरिक जांच में इन तथ्यों का खुलासा हुआ है.
क्या कहा गया जांच रिपोर्ट में : बैंक की आंतरिक जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि जिस संपत्ति की खरीद के लिए आवेदन दिया गया वह पटना में है.
खरीदार और विक्रेता भी पटना के हैं. मेसर्स क्राफ्ट आउटडोर मीडिया प्राइवेट लिमिटेड ने होटल खरीदने के लिए पहले यूनियन बैंक पटना के मेन ब्रांच में आवेदन दिया था, जिसे अस्वीकार कर दिया गया. इसके बाद कर्ज लेने से संबंधित इस प्रस्ताव को बैंक के डोरंडा ब्रांच में दिया गया. डोरंडा ब्रांच ने होटल खरीद के इस प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए 4.10 करोड़ रुपये का कर्ज स्वीकृत किया.
जबकि मेसर्स क्राफ्ट आउटडोर मीडिया प्राइवेट लिमिटेड के पास होटल चलाने न तो कोई अनुभव है ना ही कंपनी के लिए निर्धारित गतिविधियों में यह शामिल है. कंपनी के 2017 के बैलेंसशीट में 20 लाख रुपये की पूंजी होने का उल्लेख है. 2018 में इसे बढ़ कर 1.50 करोड़ रुपये होने का उल्लेख किया गया है. हालांकि इसमें इस बात का उल्लेख नहीं किया गया है कि पूंजी में 650 प्रतिशत की वृद्धि कैसे हो गयी.
कीमत से ज्यादा कर्ज स्वीकृत किया गया : इसके साथ ही दस्तावेज की जांच में यह पाया गया कि जिस होटल या संपत्ति की खरीद के लिए बैंक ने 4.10 करोड़ रुपये कर्ज स्वीकृत किया ‌उसकी कीमत तीन करोड़ रुपये थी. खरीद बिक्री के लिए तैयार डीड संख्या 2953 में संपत्ति की कीमत तीन करोड़ रुपये होने और 25 लाख रुपये अग्रिम भुगतान करने का उल्लेख है.
दस्तावेज में जगदीश प्रसाद को संपत्ति का मालिक बताया गया. कर्ज स्वीकृति से संबंधित दस्तावेज में इस बात का उल्लेख किया गया कि आवेदक ने कर्ज की रकम में से जगदीश प्रसाद और मेसर्स जय मंगल को कुल 2.85 करोड़ रुपये देने का अनुरोध किया. हालांकि इससे संबंधित कोई आवेदन फाइल में नहीं मिला.
कर्ज स्वीकृति के बाद लोन अकाउंट से नौ मार्च 2018 को जगदीश प्रसाद और मेसर्स जय मंगल को नाम कुल 2.85 करोड़ रुपये का ड्राफ्ट बनाया गया. 27 मार्च 2018 को बिना किसी के आवेदन के ही ड्राफ्टों को कैंसिल कर पहले बैंक के संड्री अकाउंट में जमा किया. इसके बाद 2.85 करोड़ रुपये की इस रकम को मेसर्स क्राफ्ट आउटडोर मीडिया के लोन अकाउंट में जमा कर दिया गया.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Tags

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola