प्रज्ञा केंद्रों में नहीं बन रहे जन्म व मृत्यु प्रमाण पत्र, हो रही परेशानी
Author Prabhat khabar digital desk
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रांची : राज्यभर के प्रज्ञा केंद्रों में जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र बनना बंद है. करीब नौ माह पहले जीएसटी के मुद्दे को लेकर प्रज्ञा केंद्रों को उक्त दोनों प्रमाण पत्र बनाने से मना कर दिया गया है. इधर इसके बाद की वैकल्पिक व्यवस्था के तहत दोनों प्रमाण पत्र बनाने का काम ग्रामीण इलाके में […]
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रांची : राज्यभर के प्रज्ञा केंद्रों में जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र बनना बंद है. करीब नौ माह पहले जीएसटी के मुद्दे को लेकर प्रज्ञा केंद्रों को उक्त दोनों प्रमाण पत्र बनाने से मना कर दिया गया है. इधर इसके बाद की वैकल्पिक व्यवस्था के तहत दोनों प्रमाण पत्र बनाने का काम ग्रामीण इलाके में पंचायत सचिवों को दिया गया है.
यानी पंचायत सचिव ही किसी आवेदन के आधार पर जन्म या मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए अॉनलाइन आवेदन करते हैं. जन्म प्रमाण पत्र के मामले में यदि 21 दिन से अधिक समय न बीता हो, तो पंचायत सचिव अपने स्तर से ही प्रमाण पत्र जारी कर देते हैं. वहीं एक साल तक के विलंबवाला प्रमाण पत्र प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीअो) तथा इससे अधिक विलंब वाले प्रमाण पत्र सदर अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीअो) के स्तर से बनते हैं. इधर ग्रामीण इलाके में पंचायत सचिवों को खोजना लोगों के लिए कठिन काम साबित हो रहा है. ज्यादातर पंचायत सचिवों के पंचायत भवन आने का समय निश्चित नहीं है. ऐसे में लोगों को प्रमाण पत्र के लिए भटकना पड़ रहा है. शहरी इलाके में भी प्रमाण पत्र के लिए लोगों को पूर्व की तरह नगर निगम आना पड़ता है. पहले अपने इलाके के प्रज्ञा केंद्र से ही प्रमाण पत्र निर्गत हो जाता था. हालांकि रांची में नये जन्म लेनेवाले बच्चे का प्रमाण पत्र सदर अस्पताल सहित रिम्स में बन जाता है.
एक प्रमाण पत्र भी नहीं बना : नामकुम प्रखंड की टाटी पूर्वी तथा टाटी पश्चिमी पंचायत में किसी बच्चे का जन्म तथा किसी की मौत होने पर मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं बन रहा है. टाटी पूर्वी के पंचायत सचिव मांझी उरांव तथा टाटी पश्चिमी के पंचायत सचिव सुभाष मांझी के अनुसार दोनों पंचायतों में सॉफ्टवेयर व पासवर्ड नहीं होने की तकनीकी समस्या है. यह काम बीडीअो को करना है. दोनों सचिवों ने बताया कि इस परेशानी की जानकारी बीडीअो को दी गयी है. इधर टाटी पूर्वी पंचायत में जन्म व मृत्यु प्रमाण पत्र निर्गत करने संबंधी 40 से अधिक आवेदन लंबित हैं.
विधि विभाग की सहमति का इंतजार : दरअसल जून-जुलाई माह में विकास अायुक्त के नेतृत्व में इस बात पर चर्चा हुई थी कि जन्म व मृत्यु प्रमाण पत्रों के लिए ली जानेवाली जीएसटी को प्रमाण पत्र निर्गत करने की पूर्व की दर 30 रुपये के अंदर ही रखा जाये या नागरिकों से अतिरिक्त राशि (5.45 रु) ली जाये. इस मुद्दे पर विधि विभाग से भी सहमति ली जानी है. प्रज्ञा केंद्रों के समन्वयक के अनुसार विधि से सहमति मिलने तथा इस संबंध में विकास आयुक्त के निर्देश पर अाइटी विभाग से पत्र जारी होते ही प्रमाण पत्र बनाने संबंधी सेवाएं प्रज्ञा केंद्रों में शुरू कर दी जायेंगी. जाति, आय व आवासीय प्रमाण पत्रों के मामले में यह मुद्दा पहले ही सुलझा लिया गया है तथा प्रज्ञा केंद्रों से ये प्रमाण पत्र निर्गत हो रहे हैं.
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