रांची : पांच घंटे तक ट्रॉली पर होता रहा इलाज रात आठ बजे वार्ड में भर्ती हुआ बच्चा
Updated at : 24 Aug 2019 9:03 AM (IST)
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रांची : रिम्स के शिशु विभाग में बेहतर इलाज के लिए चास बाेकारो से अाया एक बच्चे को इमरजेंसी के बाहर काफी देर तक इंतजार करना पड़ा. परिजन जिस एंबुलेंस से लेकर रिम्स लाये थे उसी पर काफी समय तक मरीज को रखना पड़ा. डॉक्टरों को कहना था कि वार्ड में बेड नहीं है, इसलिए […]
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रांची : रिम्स के शिशु विभाग में बेहतर इलाज के लिए चास बाेकारो से अाया एक बच्चे को इमरजेंसी के बाहर काफी देर तक इंतजार करना पड़ा. परिजन जिस एंबुलेंस से लेकर रिम्स लाये थे उसी पर काफी समय तक मरीज को रखना पड़ा. डॉक्टरों को कहना था कि वार्ड में बेड नहीं है, इसलिए भर्ती नहीं किया जा सकता है. परिजन वार्ड जाकर डॉक्टर समस्या बताते हुए बच्चे को भर्ती करने का आग्रह किया. डाॅक्टर का कहना था कि जमीन पर ऑक्सीजन लगाकर कैसे भर्ती लिया जा सकता है. इसी उहापोह में बच्चे को रात आठ बजे भर्ती किया गया.
रांची : मरीज को रिम्स में भर्ती कराने के लिए परेशान हुए परिजन
रांची : गढ़वा जिले के भवनाथपुर निवासी चंदन ठाकुर को रिम्स में भर्ती कराने के लिए उसके परिजन परेशान रहे. मरीज जाॅन्डिस से पीड़ित था. वह इतना कमजोर हो चुका है कि वह चल भी नहीं पा रहाथा. इमरजेंसी के सामने काफी समय तक लेटे रहने के बाद उसे इमरजेंसी में भर्ती कराया गया.
मरीज के परिजन मिथिलेश ठाकुर ने बताया कि 20 अगस्त को रिम्स लाये थे, लेकिन भर्ती नहीं लिया गया. उसने बताया कि स्वास्थ्य मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी से फोन कर भर्ती कराने का आग्रह किया, लेकिन भर्ती नहीं लिया गया. गांव के एक व्यक्ति ने पैरवी की तब रिम्स लेकर आये हैं.
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