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निगम की लापरवाही से हुई मेरी बच्ची की मौत, बताएं! जिम्मेदारी कौन लेगा

Updated at : 27 Jul 2019 2:08 AM (IST)
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निगम की लापरवाही से हुई मेरी बच्ची की मौत, बताएं! जिम्मेदारी कौन लेगा

फलक की मौत के 44 घंटे बाद उसके घर पहुंचे मंत्री सीपी सिंह, परिजन ने पूछा रांची : नगर विकास मंत्री सीपी िसंह के देर से घटनास्थल पर पहुंचने को लेकर फलक के परिजन और मोहल्ले के लोगों का आक्रोश साफ झलक रहा था. ये लोग फलक की मौत के लिए रांची नगर निगम को […]

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  • फलक की मौत के 44 घंटे बाद उसके घर पहुंचे मंत्री सीपी सिंह, परिजन ने पूछा
रांची : नगर विकास मंत्री सीपी िसंह के देर से घटनास्थल पर पहुंचने को लेकर फलक के परिजन और मोहल्ले के लोगों का आक्रोश साफ झलक रहा था. ये लोग फलक की मौत के लिए रांची नगर निगम को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहरा रहे थे. मंत्री से उनका सीधा सवाल था : नगर निगम की लापरवाही से ही हमारी फूल सी बच्ची की मौत हुई है.
बताइए! इसके लिए जिम्मेदार कौन है और उसके खिलाफ क्या कार्रवाई की जा रही है? इस दौरान नगर विकास मंत्री बार-बार परिजन को ढांढ़स बंधाने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन कोई उनकी बात सुनने को तैयार नहीं था.
हालांकि, मंत्री ने यह भी स्वीकार किया कि फलक की मौत ने न सिर्फ नगर निगम, बल्कि सभी की आंखें खोल दी हैं. अब शहर का कोई भी नाला खुला नहीं रहेगा. साथ ही मंत्री ने परिजन को भरोसा दिलाया : आपलोगों की हरसंभव मदद की जायेगी. अापलोग सहयोग करें.
मंत्री का विरोध होता देख बीच में आये नगर आयुक्त : नगर विकास मंत्री सीपी सिंह का विरोध होता देख उनके साथ आये नगर आयुक्त मनोज कुमार भी फलक के परिजनों को समझाने लगे. उन्होंने कहा : नाले में गिरने से हुई बच्ची की मौत से पूरा शहर स्तब्ध है, लेकिन भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो इसके लिए ठोस प्रयास किये जायेंगे. नाला रोड में जहां भी नाला खुला हुआ है, उसपर अभिलंब स्लैब डालने का आदेश दिया गया है.
इसके अलावा शहर के खतरनाक नालों को चिह्नित कर उन्हें भी ढंकने की प्रक्रिया शुरू की जायेगी. हालांकि, बाद में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और लोगों के समझाने-बुझाने पर परिजन शांत हो गये. इसके बाद नगर विकास मंत्री और नगर आयुक्त ने मोहल्ले के लोग के साथ मोहल्ला में खुले नाले का जायजा लिया.
हिंदपीढ़ी के नाला रोड में 24 जुलाई दोपहर 2:15 बजे बारिश के बाद खुले नाले में गिरने से चार साल की बच्ची फलक अख्तर की मौत हो गयी थी. उस घटना के बाद शहर का सरकारी अमला, सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि और कई राजनीितक दलों के जनप्रतिनिधि पीड़ित परिवार से मिलने के लिए पहुंच चुके हैं. लेकिन, नगर विकास मंत्री सीपी सिंह को पीड़ित परिवार तक पहुंचने में करीब 44 घंटे लग गये. वे शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे फलक के परिवार को ढांढ़स बंधाने पहुंचे. उनके यहां पहुंचते ही उनका विरोध शुरू हो गया.
  • 24 जुलाई को बारिश के बाद दोपहर 2:15 बजे खुले नाले में गिरने से हो गयी थी फलक
  • नगर विकास मंत्री के पहुंचते ही फूटा फलक के परिजन का गुस्सा, उन्हें मनाने की कोशिश करते रहे मंत्री
  • कहा : फलक की मौत ने सभी की आंखें खोल दी हैं, भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति नहीं होने दी जायेगी
  • पीड़ित परिवार को हर संभव मदद का भी आश्वासन दिया मंत्री ने मोहल्ले के खुले नाले का मुआयना किया
ये लोग थे मौजूद
नगर विकास मंत्री के साथ नगर आयुक्त के अलावा डिप्टी मेयर संजीव विजयवर्गीय, अपर नगर आयुक्त, वार्ड पार्षद साजदा खातून, असलम परवेज, शकील हबीबी, सज्जाद इदरीसी, मोईज अख्तर भोलू, मो जावेद, पप्पू आदि मौजूद थे.
मंत्री से मिला पार्षदों का प्रतिनिधिमंडल
वार्ड में नाली निर्माण को लेकर शुक्रवार को पार्षदों का एक प्रतिनिधिमंडल नगर विकास मंत्री सीपी सिंह से मिला. पार्षदों ने अपने क्षेत्र में नालों को ढंकने व उसकी मरम्मत के लिए फंड की मांग की. वार्ड-26 के पार्षद अरुण झा ने बताया कि पार्षद योजना मद में फंड नहीं है. नाली के निर्माण के लिए निगम से तीन साल से एक पैसा नहीं मिला है. ऐसे में नाली निर्माण का फंड दिया जाये. मंत्री ने पार्षदों को अपने वार्ड से जुड़ी समस्या के निदान के लिए योजना बनाकर देने को कहा.
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