रांची : विवि शिक्षकों की प्रोन्नति का मामला शीघ्र निबटायें

Updated at : 19 Jul 2019 9:33 AM (IST)
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रांची : विवि शिक्षकों की प्रोन्नति का मामला शीघ्र निबटायें

राज्यपाल ने जेपीएससी अध्यक्ष को राजभवन बुला कर दिया निर्देश रांची : राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने गुरुवार को झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) के अध्यक्ष सुधीर त्रिपाठी को राजभवन बुला कर उनसे विवि शिक्षकों को प्रोन्नति देने के मामले की विस्तृत जानकारी ली. इसके बाद राज्यपाल ने अध्यक्ष को निर्देश दिया कि वे प्रोन्नति के […]

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राज्यपाल ने जेपीएससी अध्यक्ष को राजभवन बुला कर दिया निर्देश
रांची : राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने गुरुवार को झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) के अध्यक्ष सुधीर त्रिपाठी को राजभवन बुला कर उनसे विवि शिक्षकों को प्रोन्नति देने के मामले की विस्तृत जानकारी ली. इसके बाद राज्यपाल ने अध्यक्ष को निर्देश दिया कि वे प्रोन्नति के मामले में आ रही बाधाओं को दूर कर लंबित समस्याओं का निराकरण कर शीघ्र प्रोन्नति दें. राज्यपाल ने विवि में असिस्टेंट प्रोफेसर (बैकलॉग व रेगुलर) की नियुक्ति प्रक्रिया की भी जानकारी ली.
उल्लेखनीय है कि 17 जुलाई को राज्य के विवि शिक्षकों ने राजभवन के समक्ष धरना देने के बाद राज्यपाल से मिल कर प्रोन्नति में हो रहे विलंब से शिक्षकों को होनेवाले नुकसान की जानकारी दी थी. राज्यपाल ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया था कि वे इस संबंध में आयोग से बात करेंगी. हाल ही में आयोग ने विवि के 30 शिक्षकों की प्रोन्नति अनुशंसा करते हुए संबंधित विवि को पत्र जारी किया है. कई शिक्षकों की प्रोन्नति के लिए आवश्यक कागजात नहीं रहने की स्थिति में संबंधित विवि से कागजात उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है.
रांची : राज्य के निजी विश्वविद्यालयों का एक प्रतिनिधिमंडल गुरुवार को राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू से राजभवन में मिला. सदस्यों ने राज्यपाल से आग्रह किया कि झारखंड संयुक्त प्रवेश परीक्षा पर्षद (जेसीइइसी) के परिणाम के आधार पर इंजीनियरिंग व डिप्लोमा कोर्स में नामांकन लेने का निर्देश राज्य सरकार वापस ले.
उच्च, तकनीकी शिक्षा व कौशल विकास विभाग द्वारा एक निर्देश जारी किया गया है, जिसमें कहा गया है कि इस सत्र से झारखंड संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा के परिणाम के आधार पर काउंसेलिंग कर इंजीनियरिंग, फार्मेसी व डिप्लोमा में नामांकन करें. प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से सत्र 2019-20 से इस व्यवस्था को लागू नहीं कराने का आग्रह किया, क्योंकि पर्षद द्वारा परीक्षा का परिणाम काफी विलंब से प्रकाशित किया गया है, जबकि विवि में पूर्व में ही इंजीनियरिंग व डिप्लोमा में नामांकन की प्रक्रिया आरंभ हो गयी थी.कई विद्यार्थियों ने नामांकन भी ले लिया है. सरकार का यह आदेश छात्र हित में न्यायोचित नहीं है. प्रतिनिधिमंडल में सभी विवि के संचालक, कुलपति व प्रतिनिधि शामिल थे.
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