रांची : मॉब लिंचिंग मामले में हाइकोर्ट नाराज, पूछा मेन रोड में हुई घटना की क्यों नहीं दायर की गयी रिपोर्ट

Updated at : 18 Jul 2019 8:57 AM (IST)
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रांची : मॉब लिंचिंग मामले में हाइकोर्ट नाराज, पूछा मेन रोड में हुई घटना की क्यों नहीं दायर की गयी रिपोर्ट

रांची : झारखंड हाइकोर्ट ने बुधवार को मॉब लिंचिंग मामले की सीबीआइ से जांच कराने काे लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए पुलिस की कार्यशैली पर नाराजगी जतायी. जस्टिस एचसी मिश्र व जस्टिस दीपक राैशन की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि पांच जुलाई की रात मेन रोड में चाकूबाजी […]

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रांची : झारखंड हाइकोर्ट ने बुधवार को मॉब लिंचिंग मामले की सीबीआइ से जांच कराने काे लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए पुलिस की कार्यशैली पर नाराजगी जतायी.
जस्टिस एचसी मिश्र व जस्टिस दीपक राैशन की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि पांच जुलाई की रात मेन रोड में चाकूबाजी की घटना हुई थी. उसमें विवेक श्रीवास्तव नामक युवक घायल हुआ था. उस मामले में क्यों रिपोर्ट दायर नहीं की गयी. सरकार के शपथ पत्र में मेन रोड की घटना पर क्या कार्रवाई की गयी है, उसका जिक्र तक नहीं किया गया है. पुलिस ने इस मामले में क्या कार्रवाई की है, उसकी स्टेटस रिपोर्ट 31 जुलाई के पूर्व प्रस्तुत करें.
खंडपीठ ने माैखिक रूप से कहा कि जब प्रशासन को सभा की सूचना थी, तो सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था क्यों नहीं की गयी थी. वहीं सरायकेला-खरसावां मॉब लिंचिंग व डोरंडा में राजेंद्र चाैक पर हुई तोड़फोड़ की घटना को लेकर सरकार द्वारा की जा रही कार्रवाई पर खंडपीठ ने संतोष प्रकट किया. इन मामलों की अद्यतन प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा. मामले की अगली सुनवाई 31 जुलाई को होगी.
तीन चिकित्सकों व पांच पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की अनुशंसा
राज्य सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता मनोज टंडन ने शपथ पत्र दायर कर खंडपीठ को बताया कि सरायकेला-खरसावां मामले की एसडीएम से जांच करायी गयी थी. जांच रिपोर्ट में तीन चिकित्सकों व पांच पुलिसकर्मियों पर लापरवाही बरतने की बात कही गयी है.
एसडीएम ने कार्रवाई की अनुशंसा की है. मो तबरेज की माैत मामले में रिपोर्ट में चिकित्सक डॉ अोपी केसरी, डॉ शाहिद व डॉ प्रदीप कुमार पर कार्रवाई की अनुशंसा की गयी है.
कहा गया कि जब जख्मी तबरेज ने अपनी गंभीर स्थिति की जानकारी दी, तो पुलिसकर्मियों ने समय पर इलाज नहीं कराया. लापरवाही बरती. इस मामले में 11 लोगों को आरोपी बनाया गया है. गिरफ्तारी की गयी है. सरकार की अोर से बताया गया कि मॉब लिंचिंग के विरोध में पांच जुलाई को रांची में डोरंडा के उर्स मैदान में सभा की गयी. सभा के बाद लाैटती भीड़ ने राजेंद्र चाैक पर बस में तोड़फोड़ की. इस मामले में डोरंडा थाना में प्राथमिकी दर्ज की गयी है.
वहीं जिस बस में तोड़फोड़ हुई थी, उसमें बैठे विद्यार्थियों ने अपने करियर को देखते हुए घटना के बारे में कुछ भी बोलने से इनकार किया है. मामले में डॉ अोबेदुल्ला कासमी, मैलाना असगर मिसबाही, शहर-ए-काज कारी जान मोहम्मद, एजाज गद्दी, मो सलाउद्दीन उर्फ संजू, शमशेगर आलम, आजम अहमद, मो शाहिद सहित 200 अज्ञात को आरोपी बनाया गया है. अभी गिरफ्तारी नहीं की गयी है. जांच जारी है.
पहले भी हो चुकी है घटना
प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता राजीव कुमार ने खंडपीठ को बताया कि सरकार ने पांच जुलाई की रात मेन रोड स्थित एकरा मस्जिद के पास हुई घटना पर कोई जवाब नहीं दिया है. सभा को लेकर सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था नहीं की गयी थी.
राजेंद्र चौक पर पूर्व में भीड़ ने डीएसपी यूसी झा पर हमला किया था. ज्ञात हो कि प्रार्थी जनसभा पलामू की ओर से महासचिव पंकज कुमार यादव ने जनहित याचिका दायर कर मॉब लिंचिंग घटनाओं की सीबीआइ से जांच कराने की मांग की है.
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