बैन इ-सिगरेट की बड़ी खेप रांची की चार दुकानों से जब्त, औषधि निदेशालय की चार टीमों ने की कार्रवाई
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :02 Jul 2019 7:22 AM (IST)
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रांची : अौषधि निदेशालय की चार टीमों ने सोमवार को राजधानी के विभिन्न इलाकों से बड़ी संख्या में इ-सिगरेट जब्त किया है और उनके सैंपल लिये हैं.निदेशालय की चार टीमों ने अोवरब्रिज (मेन रोड) के आसपास, कांके के चांदनी चौक, हरमू बाइपास-डिबडीह की दुकानों से इन्हें बरामद किया है. हर टीम का नेतृत्व अौषधि निरीक्षक […]
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रांची : अौषधि निदेशालय की चार टीमों ने सोमवार को राजधानी के विभिन्न इलाकों से बड़ी संख्या में इ-सिगरेट जब्त किया है और उनके सैंपल लिये हैं.निदेशालय की चार टीमों ने अोवरब्रिज (मेन रोड) के आसपास, कांके के चांदनी चौक, हरमू बाइपास-डिबडीह की दुकानों से इन्हें बरामद किया है. हर टीम का नेतृत्व अौषधि निरीक्षक कर रहे थे.
इससे पहले निदेशक अौषधि, ऋतु सहाय के निर्देश पर निरीक्षकों की टीम ने रेकी कर इ-सिगरेट बेचने वाली कुछ दुकानों की शिनाख्त की थी. इसके बाद निदेशक ने रांची के उपायुक्त को इसकी जानकारी दी और उनसे पुलिस बल की मांग की. एक जुलाई को ही संबंधित दुकानों में छापामारी की योजना बनी और इसे अमलीजामा पहनाया गया.
अोवरब्रिज के पास स्थित मनभावन पान दुकान व गोधक स्टोर, हरमू बाइपास में डिबडीह के पास एमएस गिफ्ट गैलरी और चांदनी चौक के पास स्थित आलम जेनरल स्टोर से इ सिगरेट का इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस व रिफिल (इ-वैप) बरामद किये गये हैं.
मनभावन पान दुकान के मालिक तनवीर अालम, एमएस गिफ्ट गैलरी के अशोक गुप्ता, आलम जेनरल स्टोर के युसूफ आलम और शमीम बेटल के मालिक मो इसलाम मलिक के समक्ष गवाही व अन्य प्रक्रिया पूरी कर सैंपल लिये गये हैं. समाचार लिखे जाने तक बरामद इ-सिगरेट की गणना और सैंपल लेने की प्रक्रिया चल रही थी. उधर चांदनी चौक के पास शमीम बेटल एंड जेनरल स्टोर से निकोटिन वाला शीरा (मोलासेस) भी बरामद किया गया है.
क्या है नुकसान : स्वास्थ्य विभाग के एक कार्यालय आदेश (दिनांक 07.03.19) के अनुसार इएनडीएस सिस्टम में प्रयुक्त होने वाले लिक्विड (इनग्रेडियेंट्स) में निकोटिन के साथ प्रोपलिन ग्लाइकोल, ग्लाइसरोल और अन्य फ्लेवरिंग (स्वाद वाले) एजेंट मिले होते हैं, जिसके भाप (वेपर) को सूंघने या पीने से शरीर पर इसका बुरा असर होता है.
अौषधि निदेशालय के सूत्रों के अनुसार इसके पीने से ठीक वैसा ही असर होता है, जैसे पॉलिथीन खाने से मवेशियों में असर देखा गया है. इ-सिगरेट विशुद्ध रूप से कैंसर कारक है, जिससे बेचैनी व अन्य परेशानियां भी होती हैं.
क्या है कीमत : बाजार में डिवाइस और रिफिल एक साथ या अलग-अलग भी उपलब्ध है. बाजार में उपलब्ध एक डिवाइस (इ-सिगरेट) की कीमत औसतन 900 रुपये है. वहीं एक रिफिल (10 एमएल) की कीमत 300-1000 रुपये है.
पहले शहर के विभिन्न इलाकों में इ-सिगरेट व रिफिल बेचने वाली दुकानें चिह्नित की गयीं. रिफिल में निकोटिन होने की संभावना के मद्देनजर इन दुकानों से लैब जांच के लिए सैंपल लिये गये हैं. यदि इनमें निकोटिन मिला, तो संबंधित दुकानदारों पर कानूनी कार्रवाई की जायेगी.
ऋतु सहाय, निदेशक अौषधि, झारखंड
कहां से क्या मिला
गोधक स्टोर, अोवरब्रिज के पास : छह सिगरेट (डिवाइस) व अाठ रिफिल
मनभावन पान दुकान, मेन रोड : तीन सिगरेट (डिवाइस) व चार रिफिल
एमएस गिफ्ट गैलरी, डिबडीह : 12 सिगरेट (डिवाइस) व 16 रिफिल
आलम स्टोर, चांदनी चौक : तीन सिगरेट (डिवाइस) व छह रिफिल
देश भर में है प्रतिबंधित
क्या है इ-सिगरेट : इलेक्ट्रॉनिक निकोटिन डिलिवरी सिस्टम (इएनडीएस) या इ-सिगरेट एक इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के माध्यम से सिगरेट की तरह पीया जानेवाला एक उपकरण है. इसमें बैटरी होती है और चार्जर से इसे चार्ज किया जाता है. इसी बैटरी से हीट पैदा होती है, जिससे इ-सिगरेट का लिक्विड भाप बनता है.
वेपोराइजेशन की इस प्रक्रिया से उठने वाला भाप युवा पीते हैं. सिगरेट का इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस एक ही बार खरीदना होता है. बाद में लिक्विड के लिए बस रिफिल की जरूरत होती है. लोगों को धोखा देने के लिए लिक्विड की बोतल पर नो-निकोटिन लिखा होता है. युवाअों के इ-सिगरेट की चपेट में तेजी से आने के कारण ही इसे देश भर में प्रतिबंधित कर दिया गया है.
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