ePaper

थाना बदल कर जमीन खरीदने वाले आदिवासियों पर कार्रवाई का आदेश

29 Jun, 2019 1:25 am
विज्ञापन
थाना बदल कर जमीन खरीदने वाले आदिवासियों पर कार्रवाई का आदेश

विवेक चंद्र, रांची : सरकार ने थाना क्षेत्र बदल कर जमीन खरीदने वाले आदिवासियों पर कार्रवाई का आदेश दिया है. भू-राजस्व विभाग ने राज्य के सभी प्रमंडलों के आयुक्तों और जिलों के उपायुक्तों को पत्र लिख कर छोटानागपुर टेनेंसी एक्ट (सीएनटी एक्ट) की धारा 46 का उल्लंघन कर जमीन खरीदने वालों पर कार्रवाई करने के […]

विज्ञापन

विवेक चंद्र, रांची : सरकार ने थाना क्षेत्र बदल कर जमीन खरीदने वाले आदिवासियों पर कार्रवाई का आदेश दिया है. भू-राजस्व विभाग ने राज्य के सभी प्रमंडलों के आयुक्तों और जिलों के उपायुक्तों को पत्र लिख कर छोटानागपुर टेनेंसी एक्ट (सीएनटी एक्ट) की धारा 46 का उल्लंघन कर जमीन खरीदने वालों पर कार्रवाई करने के लिए पत्र लिखा है.

भाजपा विधायक रामकुमार पाहन द्वारा की गयी शिकायत को आधार बनाते हुए भू-राजस्व विभाग के संयुक्त सचिव कमलेश्वर प्रसाद सिंह ने पत्र जारी किया है. श्री पाहन ने पूर्व मुख्यमंत्री सह झामुमो के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना सोरेन द्वारा रांची के अरगोड़ा थाना क्षेत्र में आदिवासी जमीन खरीदने की शिकायत की थी. शिकायत की जांच दक्षिणी छोटानागपुर के आयुक्त से कराने के बाद सरकार ने उस पर महाधिवक्ता की राय ली थी.
महाधिवक्ता ने सीएनटी एक्ट की धारा 46 के उल्लंघन से संबंधित मामलों में कार्रवाई के लिए उपायुक्त को सक्षम बताया था. इसके बाद भू-राजस्व विभाग की ओर से सभी प्रमंडलीय आयुक्तों ओर उपायुक्तों को इस तरह के मामलों में आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया है.
क्या है सीएनटी की धारा 46
छोटानागपुर काश्तकारी अधिनियम, 1908 (सीएनटी एक्ट) को अनुसूचित जनजाति की भू-संपदा के अलावा उनका सामाजिक और सांस्कृतिक रक्षाकवच माना जाता है. सीएनटी एक्ट की धारा 46(1) (ए) और 46(1) (बी) आदिवासियों की जमीन का अवैध स्थानांतरण रोकती है. इसके मुताबिक अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अत्यंत पिछड़े वर्ग के लोग अपनी जमीन अपनी ही जाति या वर्ग के लोगों को छोड़ कर दूसरे के नाम स्थानांतरित नहीं कर सकते.
अनुसूचित जनजाति का कोई व्यक्ति अपने थाना क्षेत्र के ही अंतर्गत रहने वाले अनुसूचित जनजाति के दूसरे लोगों के नाम अपनी जमीन स्थानांतरित कर सकता है. थाना क्षेत्र से बाहर रहने वाले अपने ही समुदाय के दूसरे किसी के नाम पर भूमि का स्थानांतरण अधिनियम का उल्लंघन है. वहीं, अनुसूचित जाति (एससी) व अत्यंत पिछड़ी जाति (ओबीसी) के लोग अपनी जमीन अपने निवास के जिला क्षेत्र के अधीन ही अपनी ही जाति के किसी दूसरे को स्थानांतरित कर सकते हैं.
झूठा शपथ पत्र देने पर सजा का प्रावधान : जमीन खरीदने वाले लोगों को झूठे शपथ पत्र देने के कारण सजा हो सकती है. आइपीसी की धारा 463 और 466 के अंतर्गत इसके लिए दो वर्ष से सात वर्ष तक की सजा का प्रावधान है. साथ ही सीएनटी एक्ट की धारा 71(ए) में झूठा शपथ पत्र देकर खरीदी गयी जमीन मूल रैयत को वापस लौटाने का भी प्रावधान है.
भू-राजस्व विभाग ने आयुक्तों व उपायुक्तों को पत्र लिखा
सीएनटी एक्ट की धारा 46 का उल्लंघन करने वालों पर होगी कार्रवाई
नेताओं, अफसरों ने कानून तोड़ कर खरीदी है जमीन
सीएनटी एक्ट का उल्लंघन कर जमीन खरीदने वालों में राज्य के नेता और अफसर भी शामिल हैं. राज्य के करीब सभी राजनीतिक दलों से संबद्ध नेताओं और सरकार के वरीय अफसरों ने सीएनटी के प्रावधान तोड़ कर आदिवासी जमीन खरीदी है. उन्होंने जमीन खरीदने के लिए गलत पता का इस्तेमाल किया है.
झूठे कागजात के माध्यम से खुद को भूमि विक्रेता के थाना क्षेत्र का निवासी बताया. उन्होंने इस संबंध में शपथ पत्र भी दाखिल किया. बाद में सीआइ और सीओ के साथ मिलीभगत कर गलत पते को सत्यापित भी कराया. समय-समय पर उनके खिलाफ शिकायतें भी की जाती रही हैं.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन

अपने पसंदीदा शहर चुनें

ऐप पर पढ़ें
Page not found - Prabhat Khabar