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रांची : नाकाबिल लोगों का तबादला नहीं करें उन्हें हटाने की कार्रवाई करें : सीएस

Updated at : 22 Jun 2019 7:13 AM (IST)
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रांची : नाकाबिल लोगों का तबादला नहीं करें उन्हें हटाने की कार्रवाई करें : सीएस

प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के सफल क्रियान्वयन को लेकर हुई बैठक रांची : मुख्य सचिव डॉ डीके तिवारी ने कहा कि नगर निकायों के अधिकारियों और कर्मियों का तबादला नहीं करें. इससे लांग टर्म प्लानिंग के कार्य प्रभावित होते हैं. उन्होंने कहा कि इससे सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि निकाय के चप्पे-चप्पे की जानकारी […]

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प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के सफल क्रियान्वयन को लेकर हुई बैठक
रांची : मुख्य सचिव डॉ डीके तिवारी ने कहा कि नगर निकायों के अधिकारियों और कर्मियों का तबादला नहीं करें. इससे लांग टर्म प्लानिंग के कार्य प्रभावित होते हैं.
उन्होंने कहा कि इससे सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि निकाय के चप्पे-चप्पे की जानकारी रख सकेंगे. जरूरत के अनुसार योजना बनाने, क्रियान्वयन करने के साथ त्वरित समस्या के समाधान में भी परेशानी नहीं होंगी.
वहीं, दूसरी ओर उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इसका मतलब यह नहीं होना चाहिए कि नाकाबिल लोग एक जगह कुंडली मार कर बैठे रहें. ऐसे लोगों को तबादले की जगह हटाने की कार्रवाई करें. डॉ तिवारी प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के सफल क्रियान्वयन के लिए राज्यस्तरीय स्वीकृति एवं अनुश्रवण समिति की बैठक कर रहे थे. इस दौरान नगर विकास विभाग के कई प्रस्तावों को अनुमोदित भी किया गया. बैठक में नगर विकास एवं आवास सचिव अजय कुमार सिंह, पथ निर्माण सचिव केके सोन, कल्याण सचिव हिमानी पांडेय समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे.
निगम की योजना का दायरा 50 करोड़ करने निर्देश : डॉ तिवारी ने नगर निगम द्वारा 10 करोड़ तक की योजना का दायरा बढ़ा कर 50 करोड़ तक करने के साथ ही योजना के चयन और क्रियान्वयन की जिम्मेवारी सौंपने का निर्देश दिया है.
कहा कि दायरा बढ़ाने का बड़ा फायदा यह होगा कि छोटी-छोटी चीजों के लिये निगम को सरकार पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा. उन्हाेंने नगर निकायों को अपने मूल काम के प्रति जवाबदेह बनाने के लिए उन्हें सक्षम और स्वतंत्र बनाने का निर्देश नगर विकास एवं आवास विभाग को दिया है. उन्होंने कहा कि निकाय सरकार की तरह अपनी नीति व विकास की योजनाएं बनायें और राजस्व संग्रहण करें.
नियमित नियुक्ति करने का निर्देश : कैडर बनने के बाद भी निकायों में नियुक्ति नहीं होने के मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्य सचिव ने नियमित नियुक्ति करने का निर्देश दिया. इसे सबसे पहले रांची और धनबाद नगर निगम में लागू करने के साथ निकायों के कर्मियों का क्षमता संवर्धन करने का भी निर्देश दिया.
जुपमी को समन्वित एकेडमिक सेंटर बनाएं: मुख्य सचिव ने कहा है कि नगर विकास विभाग के उपक्रम जुपमी को समन्वित एकेडमिक सेंटर के रूप में विकसित करें. इसमें विभिन्न विभागों जैसे जल संरक्षण, टाउन प्लानर, ट्रैफिक एक्सपर्ट जैसे कुशल लोगों का चयन कर उसमें प्रतिनियुक्त करने और इसका निदेशक किसी विशेषज्ञ को बनाने का निर्देश दिया है.
उन्होंने कहा कि जुपमी के लोग विभिन्न विभागों के कर्मियों को प्रशिक्षण देकर उनकी कुशलता को बढ़ायें. इसके अलावा ये रिसर्च और कंसलटेंसी देने का भी काम करेंगे. इसके लिए पथ निर्माण व नगर विकास सचिव को संयुक्त रूप से यह स्ट्रक्चर बनाने को कहा. किस विभाग से कितने लोगों को लेना है, इस संबंध में प्रस्ताव 15 दिन के भीतर देने का निर्देश दिया है.
आवास 31 जुलाई तक पूरा करें
रांची : मुख्य सचिव डॉ डीके तिवारी ने साहेबगंज मल्टीमॉडल टर्मिनल निर्माण के लिये अधिग्रहण की गयी जमीन के प्रभावितों के लिये 25 आवासों को 31 जुलाई तक पूरा करने का निर्देश दिया है. ये सारे आवास फेज-1 के हैं. वहीं, पथ निर्माण विभाग को कॉलोनी तक पहुंच पथ 25 जुलाई तक बनाने को कहा है. मुख्य सचिव शुक्रवार को मल्टीमॉडल टर्मिनल से प्रभावितों के पुनर्वास के लिये किये जा रहे कार्यों की समीक्षा कर रहे थे.
बैठक में भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण के अध्यक्ष प्रवीर पांडेय व सारे सचिव मौजूद थे. यह योजना 280.9 करोड़ की है. मुख्य सचिव ने साहेबगंज के उपायुक्त से निर्मित होनेवाले आवासों में बुनियादी सुविधा बहाल करने का प्राक्कलन तलब किया है. वहीं भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण को बताया गया कि इंडस्ट्रियल सह लॉजिस्टिक पार्क बनाने के लिए उनकी मांग के अनुसार 367 एकड़ जमीन चिह्नित कर ली गयी है. 15 जुलाई तक इसका विस्तृत ब्योरा उन्हें उपलब्ध करा दिया जायेगा.
रांची : रेलवे को दी गयी जमीन की वर्तमान स्थिति का तैयार करें डाटा : डॉ तिवारी
रांची : मुख्य सचिव डॉ डीके तिवारी ने झारखंड में रेलवे प्रोजेक्ट के लिए सरकार द्वारा दी गयी जमीन के वर्तमान उपयोग का डाटाबेस तैयार करने का निर्देश दिया है. डॉ तिवारी ने अब तक रेलवे को दी गयी जमीन पर चर्चा करते हुए कहा कि सरकार केंद्रीय संस्थानों और संगठनों को जमीन देती रही है.
जमीन की वर्तमान स्थिति का आकलन जरूरी है. उन्होंने राजस्व सचिव को रेलवे समेत अन्य संस्थानों को दी गयी जमीन के उपयोग की वर्तमान स्थिति की रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया है. कहा कि रिपोर्ट में उल्लेख करें कि अब तक रेलवे को कितनी जमीन दी गयी है. उस जमीन का कितना उपयोग हुआ है.
मुख्य सचिव ने कहा कि भारत में डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर स्थापित किये जा रहे हैं. इन कॉरिडोर से बंदरगाहों के लिए उद्योगों के बीच माल की आपूर्ति आसानी से की जा सकती है. भू राजस्व सचिव केके सोन ने बताया कि राज्य में डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के तहत आवश्यकता के अनुरूप चार जिलों में 90 फीसदी जमीन रेलवे को दी जा चुकी है. बची जमीन भी एक माह के अंदर रेलवे को हस्तांतरित कर दी जायेगी.
वन विभाग की ओर से बताया गया कि वन भूमि के उपयोग के लिए जरूरी कार्यवाही की जा रही है. मुख्य सचिव ने विभाग द्वारा की जा रही कार्रवाई ऑनलाइन करने का निर्देश दिया. ऊर्जा सचिव वंदना डाडेल ने विद्युत टावर लगाने के कार्यों का ब्योरा दिया. मुख्य सचिव ने शेष कार्य समय पर पूरा करने के निर्देश दिये. बैठक में परिवहन सचिव प्रवीण टोप्पो, वन विभाग के विशेष सचिव एके रस्तोगी मौजूद थे.
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