नेत्रहीन बच्चों पर सरकार का सिस्टम पड़ रहा भारी, एक साल गुजर गये अब तक नहीं मिला लैपटॉप

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बिपिन, रांची : कल्याण विभाग ने नेत्रहीन बच्चों के बीच लैपटॉप वितरण की योजना बनायी थी. यूनिवर्सल ब्रेल किट नामक इस गैजेट को करीब डेढ़ साल पहले बंटवाने की योजना थी. तब से ये उपकरण विभाग के एक कमरे में पड़े हैं. हाल यह है कि योजना का लाभ पाने से वंचित कई नेत्रहीन छात्र […]

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बिपिन, रांची : कल्याण विभाग ने नेत्रहीन बच्चों के बीच लैपटॉप वितरण की योजना बनायी थी. यूनिवर्सल ब्रेल किट नामक इस गैजेट को करीब डेढ़ साल पहले बंटवाने की योजना थी. तब से ये उपकरण विभाग के एक कमरे में पड़े हैं. हाल यह है कि योजना का लाभ पाने से वंचित कई नेत्रहीन छात्र एक साल से समाहरणालय का चक्कर काट रहे हैं.

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जिला कल्याण पदाधिकारी ने नवंबर में ही एक पत्र विभाग के विशेष कार्य पदाधिकारी को इस बाबत लिखा था. विभाग को भेजे पत्र में उपकरणों के खराब होने का अंदेशा जताते हुए इसे संबंधित लोगों के बीच वितरण कर देने की बात कही गयी थी. हालांकि इस बात को भी गुजरे चार महीने हो गये हैं.
इसके बावजूद जिला कल्याण विभाग के एक कमरे में किसी कबाड़ की तरह पड़ा है. कल्याण विभाग की ओर से तैयार सूची के आधार पर नेत्रहीन छात्रों को लैपटॉप (यूनिवर्सल ब्रेल किट) चलाने के लिए प्रशिक्षण देने की बात सामने आयी है, हालांकि खरीदारी के इतने दिन बाद भी वितरण नहीं होने की बात कह कर दरकिनार कर दिया गया.
मामला संज्ञान में आने के बाद पता चला कि वितरण के लिए शासन से जो गाइड लाइन आयी थी, उसके मुताबिक उसी वक्त इसे बांट दिया जाना था. खराब सिस्टम के चलते प्रधानमंत्री के डिजिटल इंडिया का नारा वैसे नेत्रहीन बच्चों के लिए केवल एक सपना बन कर रह गया.
क्या था उद्देश्य
विभाग की मानें तो इस योजना पर 8 से 10 लाख रुपये खर्च हुए हैं. प्रत्येक लैपटॉप की कीमत 32 से 35 हजार रुपये है. इस तरह के इलेक्ट्राॅनिक गैजेट के वितरण के पीछे सरकार का उद्देश्य विशेष विद्यार्थियों को कंप्यूटर तकनीक से परिचित कराना था.
नेत्रहीन स्टूडेंट्स को लैपटॉप उपलब्ध कराने के मसले का समाधान करने में वक्त लग सकता है. मेरे साथ-साथ पूर्व जिला कल्याण पदाधिकारी कंचन सिंह ने भी विभाग को कई बार पत्र लिखा, पर दूसरी ओर से हमें कोई आदेश जारी नहीं हुआ.
सुमन सिंह, कल्याण पदाधिकारी, रांची
हम इसकी प्रमाणिक जानकारी कुछ दिन बाद ही दे सकते हैं. हालांकि जहां तक मुझे याद है कि मैंने उपकरणों को बांटने के आदेश जिला कल्याण पदाधिकारी को काफी पहले ही दे दिये हैं.
रामप्रवेश प्रसाद, विशेष कार्य पदाधिकारी
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