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लोकसभा चुनाव को लेकर झारखंड पुलिस की तैयारी पूरी, केंद्रीय अर्द्धसैनिक बलों की 154 कंपनियां होंगी तैनात

Updated at : 18 Apr 2019 8:57 AM (IST)
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लोकसभा चुनाव को लेकर झारखंड पुलिस की तैयारी पूरी, केंद्रीय अर्द्धसैनिक बलों की 154 कंपनियां होंगी तैनात

रांची : लोकसभा चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो, इसके लिए झारखंड पुलिस ने तैयारी पूरी कर ली है. चुनाव के दौरान जवानों को वाहन उपलब्ध कराने के लिए आइजी प्रोविजन अरुण कुमार सिंह ने एक रिपोर्ट तैयार की है. इसके अनुसार राज्य में पहले से केंद्रीय अर्द्धसैनिक बल की 94 कंपनियां हैं. इसके अतिरिक्त […]

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रांची : लोकसभा चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो, इसके लिए झारखंड पुलिस ने तैयारी पूरी कर ली है. चुनाव के दौरान जवानों को वाहन उपलब्ध कराने के लिए आइजी प्रोविजन अरुण कुमार सिंह ने एक रिपोर्ट तैयार की है.
इसके अनुसार राज्य में पहले से केंद्रीय अर्द्धसैनिक बल की 94 कंपनियां हैं. इसके अतिरिक्त बाहर से 60 अतिरिक्त कंपनियां को झारखंड आना है.
यानी केंद्रीय अर्द्धसैनिक बल की कुल 154 कंपनियाें को चुनाव के दौरान उपयोग में लाया जायेगा. इसके अलावा झारखंड सशस्त्र पुलिस (जैप), आइआरबी, एसआइआरबी की 52 इको कंपनियां को चुनाव कार्य में लगाया जायेगा. जिला सशस्त्र पुलिस के 12 हजार जवान और गृह रक्षा वाहिनी के छह हजार जवान भी तैनात किये जायेंगे. पुलिस मुख्यालय के अनुसार चुनाव से पहले जवानों के मूवमेंट प्लान तैयार करने की जिम्मेवारी चुनाव कोषांग के पास है.
चुनाव से पहले बलों को चुनाव ड्यूटी में भेजने के लिए चुनाव कोषांग द्वारा ही इससे संबंधित आदेश जारी किया जायेगा. इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस अधिकारी लगातार मीटिंग कर रहे हैं. सुरक्षा के दृष्टिकोण से यह प्रयास किया जा रहा है कि अति संवेदनशील बूथों में अधिक से अधिक संख्या में केंद्रीय अर्द्धसैनिक बलों की तैनाती हो, ताकि सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हो. संवेदनशील बूथों पर भी केंद्रीय अर्धसैनिक बलों को तैनात किया जायेगा. इसके अलावा साधारण बूथ में जिला पुलिस और होमगार्ड के जवान तैनात रहेंगे.
रांची़ : रिजर्व इवीएम की जीपीएस सिस्टम से होगी ट्रैकिंग
रांची़ : इस बार रिजर्व इवीएम की जीपीएस सिस्टम से ट्रैकिंग होगी. चुनाव आयोग ने निष्पक्ष व पारदर्शी चुनाव की दिशा में पहल की है. इसके तहत आइटी का इस्तेमाल किया जा रहा है. रिजर्व इवीएम को लाने व ले जाने के लिए इस्तेमाल होनेवाले वाहनों पर लगातार निगरानी रखी जायेगी. जीपीएस ट्रैकिंग के लिए हर जिला मुख्यालय में नियंत्रण कक्ष भी बनाये जायेंगे.
इसे लेकर बुधवार को सारे जिले के इवीएम कोषांग के नोडल अफसरों व कंप्यूटर अॉपरेटर के लिए ट्रेनिंग प्रोग्राम का आयोजन किया गया. मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी एल खियांग्ते ने सारे सेक्टर अफसरों को बताया कि मतदान के दिन रिजर्व इवीएम को प्राप्त करने से लेकर उसे निर्धारित स्थान पर जमा करने तक के मूवमेंट की ट्रैकिंग मोबाइल आधारित जीपीएस सिस्टम से की जायेगी. ट्रेनिंग के दौरान अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी विनय कुमार चौबे व डॉ मनीष रंजन भी उपस्थित थे.
लोकेशन, रूट और स्पीड का भी चलेगा पता : मोबाइल आधारित जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम से सेक्टर अफसर के वास्तविक लोकेशन, वाहन की गति, इस्तेमाल किये जाने वाले एंड्रायड फोन की बैट्री के चार्ज की प्रतिशत आदि की जानकारी मिल सकेगी.
यह भी पता चल सकेगा कि निर्धारित रूट में जा रहे वाहन का स्टॉपेज कहां–कहां और कितने समय के लिए हुआ. ऐसे में सेक्टर अफसरों से कहा गया है कि वे मूवमेंट के दौरान अपने मोबाइल फोन को ऑफ नहीं रखेंगे. जीपीएस सिस्टम की मदद से सेक्टर अफसर का मोबाइल फोन जहां-जहां मूव करेगा, उसके वास्तविक लोकेशन की जानकारी मिलती रहेगी.
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