रांची : उत्पादन में पिपरवार प्रथम व मगध-आम्रपाली द्वितीय

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सीसीएल ने मार्च महीने में किया 13 मिलियन टन से अधिक कोयले का उत्पादन इसीएल भी 50 मिलियन टन से अधिक उत्पादन वाली कंपनियों की श्रेणी में शामिल रांची : सीसीएल में वित्तीय वर्ष (2018-19) में सबसे अधिक उत्पादन पिपरवार एरिया ने किया. यहां करीब 17 मिलियन टन कोयले का उत्पादन हुआ. कंपनी ने कुल […]

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सीसीएल ने मार्च महीने में किया 13 मिलियन टन से अधिक कोयले का उत्पादन
इसीएल भी 50 मिलियन टन से अधिक उत्पादन वाली कंपनियों की श्रेणी में शामिल
रांची : सीसीएल में वित्तीय वर्ष (2018-19) में सबसे अधिक उत्पादन पिपरवार एरिया ने किया. यहां करीब 17 मिलियन टन कोयले का उत्पादन हुआ. कंपनी ने कुल 68.72 मिलियन टन कोयले का उत्पादन किया है.
दूसरे स्थान पर रहे मगध-आम्रपाली में 15.10 मिलियन टन कोयले का उत्पादन हुआ. कुल 12 एरिया में इन दोनों एरिया को छोड़ अन्य एरिया में 10 मिलियन टन का उत्पादन नहीं हुआ. मार्च में कंपनी ने 13 मिलियन टन से अधिक कोयले का उत्पादन किया. इधर, कोल इंडिया की कंपनी इसीएल भी 50 मिलियन टन से अधिक कोयले का उत्पादन करनेवाली कंपनियों की श्रेणी में शामिल हो गयी है. इसीएल का उत्पादन लक्ष्य 50.50 मिलियन टन था.
इसकी तुलना में कंपनी ने 50.16 मिलियन टन कोयले का उत्पादन किया. यह इसीएल की सबसे अधिक विकास दर थी. कंपनी ने पिछले साल की तुलना में करीब 15 फीसदी का विकास दर प्राप्त किया है. बीसीसीएल ने 31 मिलियन टन कोयले का उत्पादन किया. इसीएल में 33 मिलियन टन कोयले का उत्पादन हुआ था.
सीसीएल के विभिन्न एरिया का उत्पादन
एरिया उत्पादन (मिलियन टन में)
बरकासयाल 4.01
अरगड्डा 1.01
नार्थ कर्णपूरा 6.52
राजहरा 1.03
पिपरवार 17.04
मगध-आम्रपाली 15.10
रजरप्पा 1.33
कुजू 2.12
हजारीबाग 3.95
करगली 6.82
ढोरी 6.12
कथारा 2.76
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