पूछताछ के दौरान पाकिस्तान के आतंकवादी ने किया खुलासा, निशाने पर झारखंड समेत देश के धार्मिक स्थल और राजनेता
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :29 Mar 2019 9:25 AM (IST)
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झारखंड पुलिस मुख्यालय व एटीएस को दी गयी जानकारी रांची : देश के प्रमुख धार्मिक स्थल और यात्रा स्थल जहां अधिक संख्या में विदेशी आते जाते हैं, के अलावा देश के प्रमुख राजनेता और सामाजिक कार्यकर्ता आतंकवादियों के निशाने पर हैं. इस बात की सूचना केंद्रीय खुफिया एजेंसी को मिली है. जिसके आधार पर केंद्रीय […]
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झारखंड पुलिस मुख्यालय व एटीएस को दी गयी जानकारी
रांची : देश के प्रमुख धार्मिक स्थल और यात्रा स्थल जहां अधिक संख्या में विदेशी आते जाते हैं, के अलावा देश के प्रमुख राजनेता और सामाजिक कार्यकर्ता आतंकवादियों के निशाने पर हैं. इस बात की सूचना केंद्रीय खुफिया एजेंसी को मिली है. जिसके आधार पर केंद्रीय खुफिया एजेंसी ने झारखंड पुलिस मुख्यालय और एटीएस को अलर्ट किया है.
केंद्रीय खुफिया एजेंसी को इस बात की भी सूचना मिली है कि आतंकी उक्त स्थानों पर हमला भी कर सकते हैं. रिपोर्ट के अनुसार संबंधित स्थानों को निशाना बनाये जाना का खुलासा पूछताछ के दौरान पाकिस्तान के एक आतंकवादी ने भी किया है. हमले के पीछे विशेष कर आतंकी संगठन लश्कर-ए- तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद का हाथ हो सकता है.
रिपोर्ट के अनुसार देश के प्रमुख राजनीतिक और सामाजिक कार्यकर्ता के परिवार के सदस्यों को आतंकी निशाना बना सकते हैं. इसके अलावा रेलवे लाइन और ऑयल डिपो को निशाना बनाने की जानकारी केंद्रीय खुफिया एजेंसी को मिली है.
लिहाजा, एजेंसी ने झारखंड पुलिस से पूर्व के वैसे केस के बारे में जानकारी मांगी है, जिसमें लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और इंडियन मुजाहिद्दीन के आतंकियों का कनेक्शन रहा है, ताकि उनकी गतिविधियों के बारे में जानकारी एकत्र की जा सके. इसके अलावा केंद्रीय खुफिया एजेंसी ने आतंकी गतिविधियों पर निगरानी रखने और मामले में सत्यापन के बाद कार्रवाई का भी निर्देश दिया है.
वर्ष 2011 में जमशेदपुर व 2012 में हजारीबाग से पकड़े जा चुके हैं आतंकवादी
उल्लेखनीय है कि झारखंड में पहले से इंडियन मुजाहिद्दीन (आइएम) के आतंकियों की गतिविधियां होने की बात सामने आ चुकी हैं. कई आतंकवादी पकड़े भी जा चुके हैं. कुछ साल पहले पटना में हुए बलास्ट के बाद आइएम के रांची मॉड्यूल होने की बात सामने आयी थी.
मामले में सीठियो सहित विभिन्न इलाके में रहनेवाले कई लोग पकड़े गये थे. जिनके आइएम से जुड़े होने की बात सामने आ चुकी है. इसके अलावा सबसे पहले 2008 में आइएम का झारखंड लिंक सामने आया था.
जब बाद में बरियातू के मंजर और दानिश गिरफ्तार हुए, तब इस बात की पुष्टि भी हुई. वर्ष 2011 में भोपाल में छह किलो सोना लूटकांड में घटना के बाद आइएम के आतंकी अबू फैजल व इकरार शेख जमशेदपुर में रहे थे. दोनों की गिरफ्तारी के बाद जमशेदपुर के जाकिर नगर स्थित आवास से तीन किलो सोना भी बरामद हुआ था. 2012 में हजारीबाग से आइएम का आतंकी गिरफ्तार हो चुका है.
दूसरे आतंकी संगठन के झारखंड लिंक की बात भी सामने आ चुकी है. वर्ष 2003 में दिल्ली के अंसल प्लाजा में हुए विस्फोट मामले में शाहनवाज का नाम सामने आया था. वह आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा रहा था. उसने पूर्व में जमशेदपुर में रहकर ड्राइविंग का लाइसेंस लिया था. वहीं, जमशेदपुर से लश्कर-ए-तैयबा का आतंकी तारिक अख्तर और नूर मोहम्मद को पूर्व में गिरफ्तार किया जा चुका है.
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