रांची : सी-विजिल ऐप के बारे में कर्मचारियों को दिया गया प्रशिक्षण
Updated at : 27 Feb 2019 8:42 AM (IST)
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चुनाव में पहली बार सी-विजिल ऐप का हो रहा है इस्तेमाल रांची : आगामी लोकसभा चुनाव में स्वतंत्र और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित कराने के लिए भारत निर्वाचन आयोग ने सी-विजिल मोबाइल ऐप लांच किया. मंगलवार को रांची समाहरणालय के बी ब्लॉक स्थित कमरा संख्या-505 में सी-विजिल कोषांग का प्रशिक्षण कार्यक्रम हुआ. इसमें सी-विजिल कोषांग के […]
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चुनाव में पहली बार सी-विजिल ऐप का हो रहा है इस्तेमाल
रांची : आगामी लोकसभा चुनाव में स्वतंत्र और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित कराने के लिए भारत निर्वाचन आयोग ने सी-विजिल मोबाइल ऐप लांच किया. मंगलवार को रांची समाहरणालय के बी ब्लॉक स्थित कमरा संख्या-505 में सी-विजिल कोषांग का प्रशिक्षण कार्यक्रम हुआ. इसमें सी-विजिल कोषांग के नोडल पदाधिकारी अखिलेश कुमार सिन्हा ने कोषांग के कर्मचारियों को ऐप के बारे में विस्तार से बताया.
उन्होंने बताया कि इस ऐप के जरिये कोई भी व्यक्ति आचार संहिता के उल्लंघन की जानकारी दे सकता है. इसकी रिपोर्टिंग फ्लाइंग स्क्वायड टीम में शामिल लोग रिटर्निंग अफसर को करेंगे. चुनाव में इस बार पहली बार सी-विजिल ऐप का इस्तेमाल किया जा रहा है. बैठक में शिवचरण बनर्जी, भवानी सिंह, अमित कुमार, जनसंवाद समन्वयक संदीप बड़ाईक के अलावा कई ई-ब्लॉक मैनेजर शामिल थे.
इंवेस्टीगेटर ऐप डाउनलोड करना होगा
मोबाइल ऐप सी-विजिल में सिटीजन और इंवेस्टीगेटर दो तरह के ऐप डाउनलोड किये जा सकते हैं. फ्लाइंग स्क्वायड टीम में शामिल कर्मी http://eci.gov.in/cvigil लिंक में जाकर इंवेस्टीगेटर ऐप डाउनलोड कर सकते हैं.
रंगों के आधार पर मामलों की जानकारी
सी-विजिल के इंवेस्टीगेटर ऐप में रंगों के आधार पर मामलों का वर्गीकरण किया गया है. ऐप में नीले रंग के जरिये नये मामलों की जानकारी मिलती है.
बैगनी रंग स्वीकार किये गये मामलों की जानकारी देता है. लाल रंग के जरिये ओवर ड्यू मामलों की जानकारी मिलेगी. फ्लाइंग स्क्वायड टीम के पास ऐप के जरिये संज्ञान में आये मामलों के निराकरण और अस्वीकार किये जाने का विकल्प भी होगा.
10 मिनट में मौके पर पहुंचेगी फ्लाइंग स्क्वायड टीम
सी-विजिल ऐप के जरिये किसी नागरिक द्वारा आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन की जानकारी दिये जाने के बाद टीम मौके पर पहुंचेगी. मामला संज्ञान में आने के बाद 100 मिनट में इसका निराकरण करना होगा.
शिकायत दर्ज होने के बाद सूचना जिला नियंत्रण कक्ष के पास जायेगी. फिर इसे फील्ड इकाई के पास भेजा जायेगा. 10 मिनट में एफएसटी के सदस्य को मौके पर पहुंचकर इसकी रिपोर्ट करनी होगी. निकटतम टीम को ही मामले असाइन किये जायेंगे, ताकि जल्द से जल्द इसकी रिपोर्टिंग हो सके.
मतदान दिवस तक होगी रिपोर्टिंग
अपर जिला दंडाधिकारी (विधि व्यवस्था) सह सी-विजिल के नोडल पदाधिकारी अखिलेश कुमार सिन्हा ने बताया कि अधिसूचना जारी होने के साथ ही सी-विजिल ऐप के जरिये टीम रिपोर्टिंग शुरू कर देगी, जो मतदान दिवस तक चलेगा. उन्होंने कहा कि एफएसटी केवल रिपोर्टिंग ऑथोरिटी है. इसके बाद आचार संहिता कोषांग कार्रवाई करेगा.
28 फरवरी तक सी-विजिल का ट्रायल
अपर जिला दंडाधिकारी (विधि व्यवस्था) सह सी-विजिल के नोडल पदाधिकारी श्री अखिलेश कुमार सिन्हा ने बताया कि चुनाव आयोग ने 28 फरवरी तक सी-विजिल ऐप का ट्रायल रखा गया है. फिर ये लाइव मोड में होगा.
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