रांची : …..जब ताबूत पकड़ कर रो पड़ीं पत्नी कार्मेला
Author Prabhat khabar digital desk
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शहीद की पत्नी सुबह ही पहुंच गयी थी एयरपोर्ट रांची : शहीद सीआरपीएफ जवान विजय सोरेंगे का पार्थिव शरीर जैसे ही बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर ताबूत में पहुंचा, लोगों की आंखें नम हो गयीं. एयरपोर्ट के अंदर से पार्थिव शरीर को कंधा देकर केंद्रीय राज्य मंत्री जयंत सिन्हा, डीजीपी डीके पांडेय, आइजी सीआरपीएफ संजय आनंद […]
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शहीद की पत्नी सुबह ही पहुंच गयी थी एयरपोर्ट
रांची : शहीद सीआरपीएफ जवान विजय सोरेंगे का पार्थिव शरीर जैसे ही बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर ताबूत में पहुंचा, लोगों की आंखें नम हो गयीं.
एयरपोर्ट के अंदर से पार्थिव शरीर को कंधा देकर केंद्रीय राज्य मंत्री जयंत सिन्हा, डीजीपी डीके पांडेय, आइजी सीआरपीएफ संजय आनंद लाठकर व अन्य पुलिसकर्मी एयरपोर्ट पर बनाये गये श्रद्धांजलि स्थल पर पहुंचे. यहां सबसे पहले पत्नी कार्मेला सोरेंग ने श्रद्धांजलि दी. इसके बाद वह ताबूत पकड़कर रो पड़ीं. यह देख साथ में आये विधानसभा अध्यक्ष दिनेश उरांव, मेयर आशा लकड़ा सहित सीआरपीएफ के जवानों की आंखें भी नम हो गयीं.
इस क्रम में राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू, मुख्यमंत्री रघुवर दास, केंद्रीय राज्य मंत्री जयंत सिन्हा, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मण गिलुआ, पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय, गृह सचिव एसकेजी रहाटे, डीजीपी डीके पांडेय, एडीजी आरके मल्लिक, सीआरपीएफ झारखंड चैप्टर के आइजी संजय आनंद लाठकर सहित अन्य लोगों ने बारी-बारी से शहीद को श्रद्धांजलि दी.
कार्मेला को लेकर मेयर पहुंचीं एयरपोर्ट
शहीद विजय सोरेंग का पार्थिव शरीर आने से पहले ही सुबह में मेयर आशा लकड़ा शहीद की पत्नी कार्मेला सोरेंग को अपनी गाड़ी से लेकर बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पहुंच गयी थीं. 12.15 बजे जब पटना से यह जानकारी आयी कि विमान खराब हो गया है, तब कार्मेला को अपनी गाड़ी में बैठा कर मेयर आशा लकड़ा एयरपोर्ट से निकल गयीं. फिर वापस 3.15 बजे एयरपोर्ट पहुंचीं. कार्मेला के साथ उनकी भतीजी भी साथ थीं.
44 घंटे से भूखी कार्मेला कई बार हुईं बेहोश
कार्मेला सोरेंग को गुरुवार की रात 10 बजे उनके ससुर ने फोन पर सूचना दी थी कि अब विजय हमारे बीच नहीं रहा. इसके बाद से कार्मेला ने कुछ नहीं खाया था. इस वजह से उन्हें सीने और पेट में दर्द हो रहा था.
44 घंटे तक भूखे रहने और पति के जाने के गम में कई बार वह बेहोश भी हुई, लेकिन वीर पति को श्रद्धांजलि देने के लिए वह हिम्मत बनायी रखी. एयरपोर्ट पर पति को श्रद्धांजलि देने के बाद वह निढाल हो बैठ गयी. फिर उन्हेें मेयर आशा लकड़ा ने सहारा देकर उठाया और साथ ले गयीं.
आंखें नम थीं
मुख्यमंत्री रघुवर दास, केंद्रीय राज्यमंत्री जयंत सिन्हा व सीआरपीएफ के अन्य अधिकारियों ने शहीद के पार्थिव शरीर को दिया कंधा.
कई स्कूली बच्चे अपने परिजनों के साथ हाथों में तिरंगा लिये शहीद की एक झलक पाने आये थे.
काफी संख्या में महिलाएं व युवतियां भी श्रद्धांजलि देने के लिए आयी थीं, सभी की आंखें नम थीं.
पूरा एयरपोर्ट परिसर वाहनों से भर गया था.
कई युवा शव वाहन के साथ मोटरसाइकिल से बसिया जानेवाले थे, लेकिन पार्थिव शरीर को हेलीकॉप्टर से ले जाये जाने की सूचना पर वह मायूस हो गये.
हिनू चौक, बिरसा चौक सहित अन्य जगहों पर लोग श्रद्धांजलि देने के लिए खड़े थे, लेकिन निराशा हाथ लगी.
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