रांची : घर के बाहर खेल रहे बच्चे पर गिरा 300 किलो का स्लाइडिंग गेट, मौत

Updated at : 14 Feb 2019 8:48 AM (IST)
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रांची : घर के बाहर खेल रहे बच्चे पर गिरा 300 किलो का स्लाइडिंग गेट, मौत

टुनकी टोली में हुआ दर्दनाक हादसा, बुझ गया घर का चिराग रांची : सदर थाना क्षेत्र के टुनकी टोली में बुधवार शाम दर्दनाक हादसा हुआ. यहां बोरबेल का काम काम करनेवाले राजेश साहू के घर का स्लाइडिंग गेट अचानक गिर गया, जिसके नीचे दबने से पांच साल के बच्चे केशव कुमार पांडेय की मौत हो […]

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टुनकी टोली में हुआ दर्दनाक हादसा, बुझ गया घर का चिराग
रांची : सदर थाना क्षेत्र के टुनकी टोली में बुधवार शाम दर्दनाक हादसा हुआ. यहां बोरबेल का काम काम करनेवाले राजेश साहू के घर का स्लाइडिंग गेट अचानक गिर गया, जिसके नीचे दबने से पांच साल के बच्चे केशव कुमार पांडेय की मौत हो गयी.
वह त्रिभुवन पांडेय का इकलौता पुत्र था और कोकर स्थित आदर्श विद्या मंदिर में पहली कक्षा में पढ़ता था. उसकी एक बहन भी है, जिसका नाम दीक्षा है. स्थानीय लोगों की मानें, तो इस गेट का वजन करीब 300 किलो है. त्रिभुवन पांडेय के पड़ोसी मिंटू कुमार ने बताया कि यह हादसा शाम 4:30 बजे हुआ. उस वक्त केशव अपने घर के बाहर खेल रहा था. सामने ही राजेश साहू का दो मंजिला मकान भी है. बच्चे के खेलने के दौरान ही अचानक राजेश साहू के प्रवेश द्वार पर लगा स्लाइडिंग गेट गिर गया.
तेज आवाज होने पर आसपास के लोग घर से बाहर निकले. केशव पांडेय की मां अपने बच्चे को गेट के नीचे दबा देखा, तो चीखने-चिल्लाने लगी. शोर सुनकर पड़ोसी मिंटू कुमार और अन्य लोगों ने गेट हटाकर केशव को उठाया और उसे लेकर रिम्स भागे. यहां पहुंचने पर डॉक्टरों ने केशव को मृत घोषित कर दिया. डॉक्टरों ने बताया कि अस्पताल पहुंचने से पहले बच्चे का काफी खून बह चुका था. इधर, घटना की जानकारी मिलने के बाद सदर थाना की पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंची.
लेकिन, त्रिभुवन पांडेय किसी तरह का केस दर्ज कराने से इनकार कर दिया. साथ ही शव का पोस्टमार्टम नहीं कराने का आग्रह भी पुलिस से किया. इसके बाद वे शव को लेकर अपने पैतृक निवास चले गये. त्रिभुवन पांडेय मूल रूप से तिलैया, बरकट्टा के रहने वाले थे. त्रिभुवन पांडेय एक प्राइवेट कंपनी में काम करते हैं. जानकारी मिलने के बाद उनके मित्र जसवंत कुमार भी उनके घर पहुंचे थे.
गेट में नहीं है सपोर्ट
अासपास के लोगों ने बताया कि लगभग 300 किलो का गेट होने के बाद भी उसमें सपोर्ट नहीं है. इस कारण पहले भी एक बार गेट गिर चुका है. उस समय राजेश साहू के साले ही बाल-बाल बच गये थे. उसके बाद भी उस गेट को ठीक नहीं कराया गया. इधर, पड़ोसियों ने राजेश साहू को घटना की जानकारी दी है. फिलहाल वे शहर से बाहर हैं. जानकारी मिलने के बाद उन्होंने गुरुवार शाम वापस आने की बात कही है.
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