झारखंड में लीगल कैडेट कोर का शीघ्र होगा गठन, खोले गये हैं 600 लीगल लिटरेसी क्लब

Updated at : 10 Feb 2019 6:26 AM (IST)
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झारखंड में लीगल कैडेट कोर का शीघ्र होगा गठन, खोले गये हैं 600 लीगल लिटरेसी क्लब

राणा प्रताप रांची : झारखंड में लीगल कैडेट कोर (एलसीसी) का गठन किया जायेगा. प्रथम चरण में कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में एलसीसी का संचालन किया जायेगा. शुरुआत में न्यूनतम 25 कैडेट प्रति स्कूल शामिल किये जायेंगे. एलसीसी की स्थापना झारखंड लीगल सर्विसेज अॉथोरिटी (झालसा) की अोर से किया जा रहा है. एलसीसी की […]

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राणा प्रताप

रांची : झारखंड में लीगल कैडेट कोर (एलसीसी) का गठन किया जायेगा. प्रथम चरण में कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में एलसीसी का संचालन किया जायेगा.

शुरुआत में न्यूनतम 25 कैडेट प्रति स्कूल शामिल किये जायेंगे. एलसीसी की स्थापना झारखंड लीगल सर्विसेज अॉथोरिटी (झालसा) की अोर से किया जा रहा है. एलसीसी की स्थापना के पूर्व सभी जरूरी कदम उठाये जा रहे हैं. कैडेट व कोर के अॉफिसरों का ड्रेस कोड क्या रहेगा, इसे तय कर लिया गया. सूत्रों के अनुसार ड्रेस तैयार होकर झालसा में आ चुका है.

इसमें स्कार्फ, कैप, बैज आदि शामिल है. दूसरी तरफ, झालसा द्वारा अब तक स्कूलों में 600 लीगल लिटरेसी क्लब खोला जा चुका हैं. 10 दिसंबर 2016 को झारखंड के 500 स्कूलों में एक साथ लीगल लिटरेसी क्लब खोले गये थे. कानूनी सेवाओं में रुचि रखनेवाले बच्चों को क्लब में शामिल किया जाता है.

क्या है उद्देश्य

एलसीसी योजना नेशनल लीगल सर्विसेज अॉथोरिटी का कार्यक्रम है. राष्ट्रीय सेवा में बच्चों को शामिल करना मुख्य उद्देश्य है.

बच्चों में राष्ट्रीय सेवा की भावना जगाना, जागरूकता फैलाने में कानूनी साक्षरता क्लब के सदस्यों की सेवाओं का उपयोग करना, बच्चों में राष्ट्रीय एकता, सामाजिक व नागरिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करना, व्यक्तिगत व सामुदायिक समस्याओं के व्यावहारिक समाधान खोजने में उनके ज्ञान का उपयोग करना, सामुदायिक भागीदारी जुटाने में कौशल हासिल करना, नेतृत्व गुण विकसित करना, आपात स्थिति व प्राकृतिक आपदाओं को पूरा करने की क्षमता विकसित करना, सामाजिक समरसता का अभ्यास करना, कन्या भ्रूण हत्या, बाल श्रम, बाल विवाह, बाल तस्करी को रोकने के लिए भी कार्य करना प्रमुख उद्देश्यों में शामिल है.

यह है प्रशासनिक संरचना

राज्य स्तर पर एक सलाहकार समिति होगी, जो एलसीसी योजना के क्रियान्वयन के रूप में एक सर्वोच्च निकाय होगी. झालसा के कार्यकारी अध्यक्ष सर्वोच्च अधिकारी होंगे, जबकि सदस्य सचिव व झालसा के सदस्य सलाहकार होंगे. प्रोग्राम को-अॉर्डिनेटर सीनियर ज्यूडिशियल अॉफिसर होंगे, जबकि स्कूल के प्रधानाध्यापक को प्रोग्राम अॉफिसर बनाया जायेगा. एलसीसी वोलेंटियर भी बनाये जायेंगे.

नालसा के पैटर्न इन चीफ सुप्रीम कमांडर व कार्यकारी अध्यक्ष फील्ड मार्शल होंगे. झालसा के पैटर्न इन चीफ कमांडर-इन-चीफ होंगे व कार्यकारी अध्यक्ष को जनरल ऑफिसर कमांडिंग (जीअोसी) बनाया जायेगा. डीएलएसए के अध्यक्ष को ब्रिगेडियर, टीएलएससी के अध्यक्ष को कर्नल, स्कूल के प्रधानाध्यापक को लेफ्टिनेंट कर्नल, शिक्षक प्रभारी को कप्तान, सीनियर अंडर ऑफिसर व जूनियर अंडर ऑफिसर का पद नाम दिया गया है.

एलसीसी की गतिविधियां

झालसा गतिविधियाें से संबंधित कैलेंडर (इंडोर और आउटडोर) तैयार करेगा. गर्मियों व सर्दियों की छुट्टियों के दौरान शिविर का आयोजन किया जायेगा. यह एक या दो दिन के लिए हो सकता है.

शिविर के दौरान मॉक लीगल एक्टिविटीज, लोक अदालत, चिल्ड्रेन कोर्ट सहित अन्य इनोवेटिव कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे. चित्रकला व नाटक प्रतियोगिता आयोजित की जा सकती है. प्रतियोगिताओं के विजेताओं को ट्राॅफी व प्रमाण पत्र दिये जा सकते हैं. शिविरों में भाग लेनेवाले कैडेटों को भी भागीदारी का प्रमाण पत्र दिया जायेगा.

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