रांची : विवि में अब राज्य वित्त सेवा के पदाधिकारी भी बन सकेंगे वित्त सलाहकार

Updated at : 30 Jan 2019 9:07 AM (IST)
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रांची : विवि में अब राज्य वित्त सेवा के पदाधिकारी भी बन सकेंगे वित्त सलाहकार

रांची : विश्वविद्यालय में अब राज्य वित्त सेवा के पदाधिकारी भी वित्त सलाहकार बन सकेंगे. रांची विश्वविद्यालय वित्त सलाहकार की नियुक्ति के लिए तय मापदंड में बदलाव कर रहा है. वर्तमान में केंद्रीय वित्त सेवा के पदाधिकारी ही विश्वविद्यालय में वित्त सलाहकार बन सकते हैं विश्वविद्यालय में डिप्टी एकाउंटेंट जनरल स्तर के अधिकारी वित्त सलाहकार […]

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रांची : विश्वविद्यालय में अब राज्य वित्त सेवा के पदाधिकारी भी वित्त सलाहकार बन सकेंगे. रांची विश्वविद्यालय वित्त सलाहकार की नियुक्ति के लिए तय मापदंड में बदलाव कर रहा है. वर्तमान में केंद्रीय वित्त सेवा के पदाधिकारी ही विश्वविद्यालय में वित्त सलाहकार बन सकते हैं
विश्वविद्यालय में डिप्टी एकाउंटेंट जनरल स्तर के अधिकारी वित्त सलाहकार बन सकते थे. अब इसमें बदलाव किया जा रहा है. विश्वविद्यालय में अब राज्य वित्त सेवा के असिस्टेंट कमिश्नर स्तर के अधिकारी भी वित्त सलाहकार बन सकेंगे. विश्वविद्यालय परिनियम में बदलाव कर रहा है.
इस आशय का प्रस्ताव 31 जनवरी को होनेवाली रांची विश्वविद्यालय के सिंडिकेट की बैठक में रखा जायेगा. सिंडिकेट की स्वीकृति के बाद प्रस्ताव उच्च एवं तकनीकी शिक्षा सह कौशल विकास विभाग को भेजा जायेगा. विश्वविद्यालय में शिक्षकों की लंबित प्रोन्नति का मामला भी जल्द सुलझ जायेगा. इसके लिए भी रांची विश्वविद्यालय ने परिनियम तैयार किया है.
वर्ष 2008 के बाद विश्वविद्यालय शिक्षकों की प्रोन्नति के लिए कोई परिनियम नहीं था. विश्वविद्यालय द्वारा तैयार किया गया परिनियम भी 31 जनवरी को होनेवाले सिंडिकेट की बैठक में रखा जायेगा. उल्लेखनीय है कि शिक्षकों की प्रोन्नति की मांग को लेकर राज्य भर के विश्वविद्यालय के शिक्षकों ने चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की है.
मांडर कॉलेज के तीन शिक्षकों की बर्खास्तगी पर फैसला : मांडर कॉलेज के तीन शिक्षकों की बर्खास्तगी पर भी 31 जनवरी को होनेवाली सिंडिकेट की बैठक में निर्णय लिया जायेगा. महाधिवक्ता की राय के बाद मामले की जांच के लिए नियुक्त जांच पदाधिकारी ने अपनी रिपोर्ट विवि को सौंप दी है. कॉलेज के शिक्षक सच्चिदानंद प्रसाद, मधूप किशोर व हरिशंकर प्रसाद पर आरोप है कि उन्होंने नियुक्ति के समय तथ्यों की गलत जानकारी दी.
डॉ गंगा प्रसाद सिंह की सेवा लेने पर निर्णय : नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय के उप कुलसचिव डॉ गंगा प्रसाद सिंह की सेवा रांची विवि के स्नातकोत्तर जंतु विज्ञान विभाग में लेने के मामले में महाधिवक्ता ने अपनी राय विश्वविद्यालय को दे दी है. अब सिंडिकेट की बैठक में इस पर अंतिम निर्णय लिया जायेगा. उल्लेखनीय है कि गंगा प्रसाद सिंह 31 जनवरी को ही नीलांबर-पीतांबर विवि के उप कुलसचिव पद से सेवानिवृत्त हो रहे हैं.
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