रांची : दो जनवरी को पारा शिक्षक लेंगे आंदोलन पर निर्णय, 49 दिनों में शिक्षकों का मानदेय 2836 रुपये तक बढ़ा
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 30 Dec 2018 8:45 AM
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आंदोलन की घोषणा के बाद से सरकार ने दो बार बढ़ाया मानदेय रांची : पारा शिक्षकों के आंदोलन की घोषणा और आंदोलन शुरू होने के बाद से अब तक सरकार ने उनके मानदेय में दो बार बढ़ोतरी कर चुकी है.गौरतलब है कि पारा शिक्षकों के आंदोलन की घोषणा के बाद एकीकृत पारा शिक्षक संघर्ष मोर्चा […]
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आंदोलन की घोषणा के बाद से सरकार ने दो बार बढ़ाया मानदेय
रांची : पारा शिक्षकों के आंदोलन की घोषणा और आंदोलन शुरू होने के बाद से अब तक सरकार ने उनके मानदेय में दो बार बढ़ोतरी कर चुकी है.गौरतलब है कि पारा शिक्षकों के आंदोलन की घोषणा के बाद एकीकृत पारा शिक्षक संघर्ष मोर्चा के प्रतिनिधियों की मुख्य सचिव के साथ वार्ता हुई थी, वार्ता में अप्रशिक्षित पारा शिक्षकों को छोड़ अन्य कोटि के शिक्षकों के मानदेय में बढ़ोतरी की गयी थी.
आंदोलन शुरू होने के बाद 27 दिसंबर को शिक्षा मंत्री डॉ नीरा यादव के साथ हुई पारा शिक्षकों की वार्ता में भी सरकार की ओर से मानदेय बढ़ोतरी की बात कही गयी. ऐसे में आंदोलन की घोषणा व आंदोलन शुरू होने के 49 दिनों के अंदर सरकार ने दो बार पारा शिक्षकों के मानदेय में बढ़ोतरी की स्वीकृति दी है.
जानकारी के मुताबिक शिक्षक पात्रता सफल पारा शिक्षक के मानदेय में सबसे अधिक व सबसे कम अप्रशिक्षित शिक्षकों के मानदेय में बढ़ोतरी हुई है. शिक्षक पात्रता परीक्षा सफल पारा शिक्षकों के मानदेय में सबसे अधिक 2836 रुपये, तो अप्रशिक्षित शिक्षकों मानदेय में सबसे कम 872 रुपये की बढ़ोतरी की गयी है. आंदोलन के पूर्व में बढ़ोतरी के लिए तैयार किये गये प्रस्ताव में अप्रशिक्षित पारा शिक्षकों के मानदेय में बढ़ोतरी नहीं की गयी थी, पर शिक्षा मंत्री नीरा यादव के साथ हुई वार्ता में अप्रशिक्षित शिक्षकों के मानदेय में भी बढ़ोतरी की गयी है.
500 के मानदेय पर नियुक्त हुए थे पारा शिक्षक : राज्य गठन के बाद शुरुआत में पारा शिक्षक अभियान विद्यालय में नियुक्त किये गये थे. डीपीइपी कार्यक्रम के तहत पारा शिक्षकों को प्रतिमाह 500 रुपये मानदेय दिया जाता था.
सर्व शिक्षा अभियान शुरू होने के बाद वर्ष 2003 में पारा शिक्षकों का मानेदय बढ़ा कर एक हजार कर दिया गया. वर्ष 2004 में मानदेय बढ़ा कर दो हजार कर दिया गया है. 2005 में आंदोलन के बाद पारा शिक्षकों के मानदेय को तीन स्लैब में बांट दिया गया. पारा शिक्षक को 2500, 3000 व 3500 रुपये दिये जाने लगे. वर्ष 2009 में मानदेय बढ़ा कर 5000, 5500 व 6000 रुपये कर दिया गया.
पारा शिक्षकों को वर्तमान में मिल रहा मानदेय
कक्षा एक से पांच
टेट पास 9438
प्रशिक्षित 8954
अप्रशिक्षित 8228
कक्षा छह से आठ
टेट पास 10164
प्रशिक्षित 8140
अप्रशिक्षित 8954
नवंबर 2018 में मानदेय में बढ़ोतरी का प्रस्ताव
कक्षा एक से पांच
टेट पास 11000
प्रशिक्षित 9200
अप्रशिक्षित 8228
कक्षा छह से आठ
टेट पास 12000
प्रशिक्षित 10000
अप्रशिक्षित 8954
27 दिसंबर को हुई वार्ता के बाद बढ़ोतरी का प्रस्ताव
कक्षा एक से पांच
टेट सफल 12000
प्रशिक्षित 11000
अप्रशिक्षित 9100
कक्षा छह से आठ
टेट सफल 13000
प्रशिक्षित 12000
अप्रशिक्षित 10000
छत्तीसगढ़ की तर्ज पर पारा शिक्षक कर रहे 5200 से 20 हजार रुपये के वेतनमान की मांग
पारा शिक्षक मानदेय बढ़ोतरी पर आंदोलन समाप्त करने को तैयार नहीं हैं. पारा शिक्षक छत्तीसगढ़ की तर्ज पर शिक्षकों को 5200 से 20 हजार रुपये का वेतनमान देने की मांग कर रहे हैं. सरकार का कहना है कि छत्तीसगढ़ व झारखंड में पारा शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया अलग-अलग है. ऐसे में बिना पूरी नियमावली का पालन किये शिक्षकों को छत्तीसगढ़ की तर्ज पर वेतनमान नहीं दिया जा सकता है. इसके लिए झारखंड में भी नियमावली बनाने की बात कही जा रही है.
दो जनवरी को पारा शिक्षक लेंगे आंदोलन पर निर्णय
शिक्षा मंत्री के साथ हुई वार्ता के बाद आंदोलन की आगे की रणनीति को लेकर एकीकृत पारा शिक्षक संघर्ष मोर्चा की राज्य कार्यकारिणी की दो जनवरी को बैठक होगी. बैठक में आंदोलन को लेकर अंतिम निर्णय लिया जायेगा. इसमें सभी जिलों के प्रतिनिधि भाग लेंगे.
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