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रघुवर सरकार के चार साल : सरकार के केंद्र में रहे आदिवासी, धरातल पर उतरने लगीं योजनाएं, कोई आरोप नहीं

Updated at : 28 Dec 2018 6:46 AM (IST)
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रघुवर सरकार के चार साल : सरकार के केंद्र में रहे आदिवासी, धरातल पर उतरने लगीं योजनाएं, कोई आरोप नहीं

मुख्यमंत्री रघुवर दास के नेतृत्व में भाजपा सरकार 28 दिसंबर को चार साल का कार्यकाल पूरा करेगी. चार साल के दौरान सरकार की ओर से विकास को लेकर कई योजनाएं शुरू की गयीं, जो धीरे-धीरे धरातल पर उतरने लगी हैं. शासन के चार साल के दौरान सरकार के केंद्र में आदिवासी रहे. इनके लिए जनजातीय […]

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मुख्यमंत्री रघुवर दास के नेतृत्व में भाजपा सरकार 28 दिसंबर को चार साल का कार्यकाल पूरा करेगी. चार साल के दौरान सरकार की ओर से विकास को लेकर कई योजनाएं शुरू की गयीं, जो धीरे-धीरे धरातल पर उतरने लगी हैं.
शासन के चार साल के दौरान सरकार के केंद्र में आदिवासी रहे. इनके लिए जनजातीय उप योजना के बजट आकार को 8767 करोड़ रुपये बढ़ाया गया. वर्ष 2014 में जनजातीय उपयोजना का बजट 11997.66 करोड़ था, जिसे 2018 में बढ़ा कर 20764.96 रुपये किया गया है. वर्ष 2019 में झारखंड हाइकोर्ट व झारखंड विधानसभा के नये भवन का काम पूरा हो जायेगा.
465 करोड़ की लागत से झारखंड विधानसभा के नये भवन का 73 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है. इस कार्य को अप्रैल 2019 तक पूर्ण करने का लक्ष्य है. इसी प्रकार 366 करोड़ की लागत से झारखंड उच्च न्यायालय के नये भवन का 93 प्रतिशत निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया गया है. इसे मई 2019 तक पूरा करने का लक्ष्य है.
सरकार के लिए शुरू की गयी योजनाओं को समय पर पूरा करना चुनौती है. आज झारखंड की वार्षिक आर्थिक विकास दर 8.6 प्रतिशत है, जो देश के सबसे विकसित होनेवाले राज्यों में गुजरात के बाद दूसरे स्थान पर है. चार साल के दौरान रघुवर सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप नहीं लगे. भ्रष्टाचार के मामले में 350 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है.
32 लाख से ज्यादा को रोजगार व स्वरोजगार
सरकार का दावा है कि चार में 32 लाख से ज्यादा लोगों को रोजगार व स्वरोजगार उपलब्ध कराया गया है. एक लाख से ज्यादा युवाओं को विभिन्न विभागों में सरकारी नौकरी मिली, जिसमें 95 प्रतिशत से ज्यादा झारखंडवासी हैं. 50 हजार सरकारी नियुक्तियों की प्रक्रिया जारी है.
महिलाओं को स्वावलंबी और सशक्त बनाने के लिए एक लाख से ज्यादा सखी मंडलों के माध्यम से 17 लाख से ज्यादा को स्वरोजगार उपलब्ध कराया गया है. मोमेंटम झारखंड के जरिये फूड प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल एवं अन्य निजी क्षेत्र में 68 हजार से ज्यादा युवक-युवतियों को प्रत्यक्ष व दो लाख लोगों को अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार उपलब्ध कराया गया है.
किसानों को प्रति एकड़ पांच हजार रुपये देगी राज्य सरकार
सरकार ने किसानों की आय दोगुनी करने को लेकर मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना शुरू की है. इसके तहत झारखंड के किसानों को खरीफ फसल से पहले बीज और खाद खरीदने के लिए सरकार प्रति वर्ष प्रति एकड़ पांच रुपये देगी. झारखंड देश में पहला राज्य है, जहां किसानों के फसल बीमा का प्रीमियम भी दिया जाता है. 019-20 में भी राज्य के किसानों का मुफ्त फसल बीमा कराया जायेगा.
इसके अलावा सरकार किसानों को एक साल की अवधि के लिए ब्याज रहित कृषि ऋण उपलब्ध करायेगी. चार साल में झारखंड की कृषि फसल विकास दर में 19 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. चार साल में कृषि के महाविद्यालय तीन से बढ़ कर 10 हो गये हैं. मछली का उत्पादन दोगुना हुआ है.
पांच मेडिकल कॉलेज, देवघर में एम्स व रांची में कैंसर अस्पताल
प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना आयुष्मान भारत के तहत झारखंड के 57 लाख
गरीब परिवारों का पांच लाख रुपये तक का मुफ्त स्वास्थ्य बीमा कराया गया है. तीन माह में 18 हजार से ज्यादा लोग इस योजना के तहत मुफ्त इलाज करा चुके हैं. इस दौरान पांच मेडिकल कॉलेज, देवघर में एम्स और रांची में कैंसर अस्पताल का निर्माण कार्य शुरू कराया गया है.
एमबीबीएस की सीटों की संख्या बढ़ कर 900 हो गयी है. चार साल में 112 निजी और 15 सरकारी नर्सिंग कॉलेज और ट्रेनिंग सेंटर खुले. इसके अलावा एक सरकारी और तीन निजी डेंटल कॉलेज भी खुले. अब झारखंड में 23 जिला अस्पताल व 26 ब्लड बैंक हैं.
एससी, एसटी व ओबीसी के 30 लाख से अधिक बच्चों को 527 करोड़ की राशि
आदिवासी कल्याण को लेकर सरकार की ओर कई योजनाएं चलायी जा रही हैं. प्री मैट्रिक व पोस्ट मैट्रिक के तहत एससी, एसटी और ओबीसी के 30 लाख से अधिक बच्चों को 527 करोड़ रुपये की राशि प्रदान की गयी. आदिवासी बहुल गांव में आदिवासी ग्राम समिति का गठन किया गया है. पांच लाख तक के विकास कार्य समिति द्वारा कराये जा रहे हैं. रांची में बिरसा मुंडा जेल को संग्रहालय के रूप में विकसित किया जा रहा है.
यहां पर भगवान बिरसा मुंडा की 25 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित की जायेगी. झारखंड में पहली बार मानकी को तीन हजार, ग्राम प्रधान को दो हजार एवं डाकुवा, परगणेत, पराणिक, जोगमांझी, कुड़ाम, नायकी, गोड़ैत, मूल रैयत, पड़हा राजा, ग्राम सभा के प्रदान, घटवाल व तावेदार को एक हजार रुपये प्रति माह सम्मान राशि दी जा रही है. सरकार ने अनुसूचित जाति आयोग का गठन किया है. सरकार पिछड़ा वर्ग के विकास को लेकर वित्त विकास निगम का गठन करेगी. पिछड़े वर्ग को उनकी आबादी के अनुरूप आरक्षण व अन्य सुविधाएं दी जायेंगी.
65 लाख घरों तक पहुंची बिजली
झारखंड में हर गांव तक बिजली पहुंच चुकी है. आधारभूत संरचना का काम जारी है. सरकार ने 2019 तक हर घर तक बिजली पहुंचाने का लक्ष्य रखा है. चार साल में 65 लाख घरों तक बिजली पहुंचा दी गयी है. ट्रांसमिशन लाइन बढ़ कर 3,813 किमी हो गयी है. झारखंड में अब 40 ग्रिड सब स्टेशन बन गये हैं.
43 नये आइटीआइ बने, ड्रॉप आउट हुआ खत्म
चार साल के दौरान सरकार की ओर से 34,939 स्कूलों में बेंच-डेस्क लगवाये गये. 2014 से पहले सिर्फ 3269 स्कूलों में बेंच-डेस्क थे. इस दौरान 43 नये आइटीआइ व 13 पॉलिटेक्निक कॉलेज बने. 2014 में ड्रॉप आउट दर 5.31 थी, जो घट कर शून्य पर पहुंच गयी है.
महत्वपूर्ण उपलब्धियां
झारखंड खुले में शौच से मुक्त हुआ. चार साल में बने 40 लाख से ज्यादा शौचालय. झारखंड में महिलाओं के नाम पर 50 लाख के मकान व जमीन की रजिस्ट्री एक रुपये में हो रही है. 1.20 लाख महिलाओं ने उठाया योजना का लाभ.
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत राज्य के ग्रामीण इलाकों में 4.51 लाख व शहरी क्षेत्रों में 31,375 घरों का निर्माण हुआ. झारखंड में 26 लाख से ज्यादा महिलाओं को मिला गैस कनेक्शन. यहां गैस कनेक्शन के साथ चूल्हा मुफ्त दिया जा रहा है.
चार साल में 8044 गांवों को सतही पेयजल से जोड़ा गया और राज्य की 32 फीसदी आबादी को पाइपलाइन से पेयजल उपलब्ध कराया गया.
खेल के क्षेत्र में 50 स्टेडियम, तीन खेल छात्रावास व दो इंडोर स्टेडियम के निर्माण की स्वीकृति दी गयी है. राज्य से 400 बच्चों का चयन कर उन्हें रांची में 11 अलग-अलग खेलों में प्रशिक्षण दिलाया जा रहा है.
चार साल में पर्यटकों की संख्या में 271.75 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. 2017 में विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ कर 1,70,987 हो गयी है. देवघर में क्यू कॉम्प्लेक्स फेज एक का निर्माण कार्य पूरा हुआ.
चार साल में 3698 किमी सड़कों का निर्माण हुआ. प्रतिदिन 3.18 किमी सड़क का निर्माण हो रहा है. इस दौरान 111 उच्चस्तरीय पुल व 4650 किमी सड़कों का चौड़ीकरण व मजबूतीकरण हुआ.
रांची में 55 करोड़ की लागत से हज हाउस का निर्माण कराया जा रहा है. डोरंडा स्थित रिसालदार बाबा के मजार परिसर में मुसाफिरखाना का निर्माण कराया जा रहा है. चार साल में 11352 यात्रियों को हज यात्रा पर भेजा गया.
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