रांची : ट्रेजरी से नहीं हो रही है पैसे की निकासी, फंसा वेतन

Updated at : 10 Dec 2018 8:18 AM (IST)
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रांची : ट्रेजरी से नहीं हो रही है पैसे की निकासी, फंसा वेतन

ट्रेजरी में लग रहा विपत्रों का ढेर, कई विभागों का बिल लटका जेलकर्मियों को अक्तूबर से नहीं मिला है वेतन कृषि विभाग, स्वास्थ्य विभाग सहित अन्य विभागों के कर्मियों का वेतन भी कोषागार में लटका मनोज लाल/राजेश तिवारी रांची : राज्य के ट्रेजरी से पैसे की निकासी नहीं हो रही है. ट्रेजरी में विपत्रों का […]

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ट्रेजरी में लग रहा विपत्रों का ढेर, कई विभागों का बिल लटका
जेलकर्मियों को अक्तूबर से नहीं मिला है वेतन
कृषि विभाग, स्वास्थ्य विभाग सहित अन्य विभागों के कर्मियों का वेतन भी कोषागार में लटका
मनोज लाल/राजेश तिवारी
रांची : राज्य के ट्रेजरी से पैसे की निकासी नहीं हो रही है. ट्रेजरी में विपत्रों का ढेर लग रहा है. अलग-अलग विभागों से बिल जाकर ट्रेजरी में फंस रहा है. यह स्थिति रांची कोषागार में भी है. अलग-अलग मदों से संबंधित अधिकतर विपत्र फंसे हुए हैं. यहां तक कि वेतन भुगतान भी लटक रहा है. अभी तक रांची जिले के कई विभागों के कर्मियों को वेतन नहीं मिला है.
कृषि विभाग, स्वास्थ्य विभाग सहित अन्य विभागों के कर्मियों के वेतन का बिल रांची ट्रेजरी में लटका हुआ है. कृषि विभाग का बिल चार दिसंबर से ही रांची कोषागार में पड़ा हुआ है. जबकि, वेतन का बिल दो दिन में ही क्लीयर हो जाता है. वहीं, जेलकर्मियों को अक्तूबर माह से वेतन नहीं मिला है. बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा के अधीक्षक से लेकर जेलर, क्लर्क, कक्षपाल, चिकित्सक व सिपाही को वेतन नहीं मिल रहा है. वेतन की राशि की निकासी नहीं होने से हर दिन संबंधित कर्मी ट्रेजरी का चक्कर लगा रहे हैं.
योजनाअों की राशि भी लटकी
ट्रेजरी से सरकारी योजनाअों के भुगतान से संबंधित बिल की निकासी भी नहीं हो पा रही है. आधारभूत संरचना के निर्माण के एवज में होनेवाला भुगतान भी लटका हुआ है. ठेकेदारों का बकाया बढ़ता जा रहा है. सड़क निर्माण सहित अन्य योजनाअों के बकाये का भुगतान एक माह से भी ज्यादा समय से नहीं हुआ है. वे भी संबंधित विभागों की दौड़ लगा रहे हैं.
क्या कह रहे हैं अफसर
वेतन व योजनाअों की राशि की निकासी ट्रेजरी से नहीं होने का कारण अलग-अलग बताया जा रहा है. कोषागार में विपत्र भुगतान के लिए जानेवाले कर्मियों से कहा जा रहा है कि तकनीकी समस्या होने के कारण विपत्र पास नहीं हो रहा है.
ऐसे में भुगतान लटक रहा है. जल्द ही स्थिति में सुधार हो जायेगी. वहीं यह भी कहा जा रहा है कि पैसे की कमी हो गयी है. जल्द ही स्थिति में सुधार होगा. हालांकि इस बारे में अफसर अधिकारिक तौर पर कुछ भी कहने से परहेज कर रहे हैं.
साफ दिख रही है हलचल
रांची कोषागार सहित अन्य कोषागारों में भुगतान रुके होने को लेकर होनेवाली हलचल साफ दिख रही है. कर्मचारी सुबह से ही रांची कोषागार में बिल की स्थिति का पता लगाने पहुंच जाते हैं. देर शाम तक वहीं रहते हैं.
लेकिन, विपत्र पारित नहीं होता देख बैरन वापस लौट रहे हैं. अपने बिल के बाबत जानकारी ले रहे हैं. ठेकेदारों की भी लाइन लग रही है. वे भी कोषागारों का चक्कर लगा रहे हैं. कोषागार से कुछ क्लीयर नहीं होने पर वे संबंधित विभागों में भी दौड़ रहे हैं.
सरायकेला में तीन दिसंबर से नहीं हो रहा भुगतान
सरायकेला-खरसावां के कोषागार पदाधिकारी ने तो सारे निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी को सूचित किया है कि पीएमयू सेल में तकनीकी खराबी के कारण तीन दिसंबर से विपत्रों का भुगतान नहीं हो पा रहा है. उन्होंने यह सूचना दी है कि तकनीकी खराबी में सुधार 10 दिसंबर तक होने की संभावना है. इसके लिए उन्होंने सूचना जारी की है.
जल्द नहीं हुआ भुगतान, तो फंसेगा मामला
कुछ कर्मियों का कहना है कि अगर वेतन या योजनाअों का भुगतान जल्द नहीं हुआ, तो मामला फंसेगा. वेतन नहीं मिलने से राज्यकर्मियों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा. उनके समक्ष आर्थिक समस्या आने से स्थिति बिगड़ेगी. इसका असर कामकाज पर पड़ेगा. वहीं सड़क सहित अन्य योजनाअों का भुगतान नहीं होने पर काम बिल्कुल धीमा हो गया है.
और कुछ दिनों तक ठेकेदारों को पैसा नहीं मिला, तो राज्य में पूरी तरह काम ठप हो जायेगा. मजदूरों से लेकर सप्लायरों का भुगतान भी लटक जायेगा. ऐसे में फिर नये सिरे से काम शुरू करने में काफी परेशानी होगी. सारी योजनाएं समय सीमा से काफी पीछे रह जायेगी. इसका असर राज्य के भौतिक व वित्तीय दोनों प्रगति पर प्रतिकूल पड़ेगा.
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