रांची : डॉक्टरों व कर्मियों को सुबह नौ से शाम पांच बजे तक अस्पताल में रहना ही होगा

Updated at : 09 Dec 2018 8:59 AM (IST)
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रांची : डॉक्टरों व कर्मियों को सुबह नौ से शाम पांच बजे तक अस्पताल में रहना ही होगा

मुख्यमंत्री ने आदेश दिया है कि रिम्स को राज्य का गौरव बनाना है. अगर व्यवस्था सुधारने के लिए बड़े फैसले लेने हों, तो इसके लिए रिम्स निदेशक स्वतंत्र हैं. इसी के मद्देनजर रिम्स के नवनियुक्त निदेशक डॉ दिनेश कुमार सिंह ने अस्पताल के डॉक्टर व कर्मचारियों से स्पष्ट कहा है कि उन्हें अपने ड्यूटी ऑवर […]

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मुख्यमंत्री ने आदेश दिया है कि रिम्स को राज्य का गौरव बनाना है. अगर व्यवस्था सुधारने के लिए बड़े फैसले लेने हों, तो इसके लिए रिम्स निदेशक स्वतंत्र हैं. इसी के मद्देनजर रिम्स के नवनियुक्त निदेशक डॉ दिनेश कुमार सिंह ने अस्पताल के डॉक्टर व कर्मचारियों से स्पष्ट कहा है कि उन्हें अपने ड्यूटी ऑवर के आठ घंटे रिम्स को देने ही होंगे. लंच ऑवर में अस्पताल परिसर छोड़ कर नहीं जायें. हो सके तो डॉक्टर व कर्मचारी घर से ही अपना लंच लेकर आयें. अगर यह संभव नहीं है, तो रिम्स प्रबंधन उन्हें लंच मुहैया करायेगा, पर सुबह नौ से शाम पांच बजे तक रिम्स में रहना होगा.

राजीव पांडेय

रांची : कुछ डॉक्टरों द्वारा अस्पताल को समय नहीं देने निजी प्रैक्टिस करने की सूचना पर रिम्स के नव नियुक्त निदेशक डॉ दिनेश कुमार सिंह काफी नाराज हैं. उनका कहना है कि चिकित्सा सेवा को बेहतर करने के बजाय सिर्फ उपकरण व सामान की खरीदारी ही रिम्स द्वारा की जा रही है. बेहतर चिकित्सा सेवा पर किसी का ध्यान नहीं है. लेकिन, अब ऐसा नहीं होगा. डॉक्टरों को ड्यूटी ऑवर में आठ घंटे मरीजों व रिम्स काे देने ही होंगे. उन्होंने कहा कि क्लिनिकल साइड के डॉक्टर एक बजते ही अस्पताल छाेड़ना शुरू कर देते हैं. दो बजे सीनियर डॉक्टर नहीं रहते हैं. दोपहर के ओपीडी में सीनियर डॉक्टरों के नहीं रहने से मरीजों को परेशानी होती है.

निदेशक ने कहा कि संभव हो तो डॉक्टर टिफिन लेकर आयें. अस्पताल में ही खाना खायें. अगर टिफिन लाने में दिक्कत होती है, तो रिम्स प्रबंधन उन्हें भोजन उपलब्ध करायेगा. रिम्स के किचन में खाना तैयार होगा. इससे किचन के खाने की क्वालिटी की जांच भी हो जायेगी. मरीज को बेहतर व हाइजीन खाना भी मिलने लगेगा. इसके लिए रिम्स के सभी विभागाध्यक्षों के साथ बैठक की जायेगी. उनके भी सुझाव लिये जायेंगे.

निजी प्रैक्टिस करना है, तो रिम्स छोड़ दें : निदेशक ने कहा है कि रिम्स जैसे बड़े अस्पताल का टैग लगाकर निजी प्रैक्टिस नहीं करने दिया जायेगा. अगर निजी प्रैक्टिस करना है, तो रिम्स को छोड़ दें. बाहर ही बेहतर सेवा दें. इससे लोगों का भला होगा. एक व्यक्ति दो जगह बेहतर सेवा किसी हाल में नहीं दे सकता है. 24 घंटे का ही समय होता है. इसमें आप रिम्स भी आते हैं, निजी प्रैक्टिस भी करते हैं और परिवार को भी समय देते हैं. इसमें किसी के साथ न्याय नहीं होता है.

संभव हो तो डॉक्टर टिफिन लेकर आयें, नहीं तो रिम्स प्रबंधन उपलब्ध करायेगा भोजन, पर आठ घंटे देने ही होंगे : निदेशक

रिम्स के वार्डों से गायब होनेवाली नर्सों को सिर्फ चेतावनी देकर छोड़ने की तैयारी में है प्रबंधन मेडिसिन व सर्जरी वार्ड से 22 नवंबर को बिना सूचना के गायब हो गयी थीं पांच नर्सें, जांच में हुई है पुष्टि

रांची : रिम्स के मेडिसिन व सर्जरी वार्ड से विगत 22 नवंबर को बिना सूचना के गायब होने वाली पांच नर्सों को रिम्स प्रबंधन सिर्फ चेतावनी देकर छोड़ने की तैयारी में है.

हालांकि यह मामला निदेशक के पास भेजा गया है. अब निदेशक ही तय करेंगे कि नर्सों पर क्या कार्रवाई की जाये. इधर, अधीक्षक की अध्यक्षता में बनी जांच टीम ने भी पाया था कि नर्सें बिना सूचना के वार्ड से गायब हो गयी थीं. नर्सों ने मेट्रॉन ऑफिस में छुट्टी का अावेदन जमा तो किया था, लेकिन उनकी छुट्टी स्वीकृत नहीं हुई थी. इसके बावजूद नर्सें निर्धारित समय पर ड्यूटी पर नहीं आयीं. इस वजह से यूनिट में भर्ती मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा था. जांच टीम ने निदेशक से नर्सों को चेतावनी देकर छोड़ देने की अनुशंसा की है.

मरीजों को परेशानी होने पर परिजनों ने अधीक्षक को खुद फोन कर नर्सों के ड्यूटी पर नहीं होने की सूचना दी थी. अधीक्षक के निर्देश पर मेट्रॉन ने आनन-फानन में कुछ वार्डों में वैकल्पिक व्यवस्था की थी, लेकिन कई वार्ड में व्यवस्था नहीं हो पायी थी.

वार्डों में पानी की समस्या से परिजन रहे परेशान

रांची़ रिम्स के कई वार्डों में शनिवार को पानी की समस्या रही.इससे मरीज व उनके परिजन परेशानी रहे. गैलरी में लगे वाटर कूलर में पीने का पानी भी नहीं आ रहा था. लोग बोतलबंद पानी खरीद कर ला रहे थे. दिनचर्या के लिए लोग बाल्टी में पानी लाकर बेड के नीचे रखे हुए थे. दोपहर दो बजे के करीब पानी की आपूर्ति वार्ड में हुई.

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