रांची : प्रदूषण कम करने के लिए 20 वर्ष पुराने व्यावसायिक वाहन स्क्रैप घोषित होंगे

Updated at : 24 Nov 2018 9:00 AM (IST)
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रांची : प्रदूषण कम करने के लिए 20 वर्ष पुराने व्यावसायिक वाहन स्क्रैप घोषित होंगे

केंद्र सरकार ने योजना बनायी, पत्र भेज कर राज्य सरकार से मांगी है राय सुनील चौधरी रांची : वायु प्रदूषण कम करने के लिए 20 साल पुराने व्यावसायिक वाहन स्क्रैप घोषित किये जायेंगे. केंद्र सरकार ने इसके लिए स्क्रैप स्कीम बनायी है. राज्य के मुख्य सचिवों को पत्र भेज कर इस मामले में राज्य सरकार […]

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केंद्र सरकार ने योजना बनायी, पत्र भेज कर राज्य सरकार से मांगी है राय
सुनील चौधरी
रांची : वायु प्रदूषण कम करने के लिए 20 साल पुराने व्यावसायिक वाहन स्क्रैप घोषित किये जायेंगे. केंद्र सरकार ने इसके लिए स्क्रैप स्कीम बनायी है. राज्य के मुख्य सचिवों को पत्र भेज कर इस मामले में राज्य सरकार की राय मांगी गयी है. मुख्य सचिव के साथ-साथ सभी राज्यों के परिवहन सचिवों व परिवहन आयुक्तों को भी पत्र भेजा गया है.
केंद्र सरकार ने स्क्रैप स्कीम का ड्राफ्ट भी भेजा है.ड्राफ्ट में नये वाहन खरीदने को प्रोत्साहित करने की बात कही गयी है.क्या है स्क्रैप स्कीम: केंद्र सरकार के ड्राफ्ट में लिखा गया है कि देश में वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंचता जा रहा है. वायुमंडल में कार्बन मोनो अॉक्साइड, हाइड्रोकार्बन, नाइट्रोजन और पार्टिकल मैटर की मात्रा बढ़ती जा रही है. इसकी मुख्य वजह भारत में वाहनों से प्रदूषण को माना गया है. देश में 20 करोड़ से अधिक वाहन निबंधित हैं.
इनमें मिडियम एवं हेवी कॉमर्शियल व्हीकल(बस, ट्रक), लाइट कॉमर्शियल व्हीकल (टैक्सी, थ्री व्हीलर) की भागीदारी पांच प्रतिशत है और इनके द्वारा 65 से 70 प्रतिशत तक प्रदूषण फैलता है.इनमें भी वर्ष 2000 के पहले बने वाहनों की संख्या एक प्रतिशत है, पर प्रदूषण में इनकी भागीदारी 15 प्रतिशत है. ऐसे वाहन नये मानकों के तहत बने वाहनों से 10 से 25 फीसदी ज्यादा प्रदूषण पैदा करते हैं.जो कि आधुनिक वाहनों से 10 से 25 गुना ज्यादा है. इन वाहनों में ईंधन की खपत भी ज्यादा होती है.
माइलेज कम होता है. वायुमंडल में प्रदूषण कम करने के लिए ऐसे वाहनों को स्क्रैप घोषित करने स्कीम लायी जा रही है. आगे लिखा गया है कि कार्बन डाइअॉक्साइड को कम करने के लिए व्हीकल में जो शर्तें निर्धारित हैं.
उन शर्तों पर वर्ष 2000 के बाद काम शुरू हुआ. इसके पहले के वाहनों प्रदूषण के मानक ज्यादा नहीं होते थे. वित्त मंत्री और कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में तय किया गया है, जो वाहन 20 साल पुराने हो चुके हैं उनका निबंधन रद्द कर दिया जायेगा. यह स्कीम एक अप्रैल 2020 से प्रभावी होगा. निजी वाहनों के लिए यह स्कीम लागू नहीं होगी.
गाड़ी बदलने पर सरकार देगी इनसेंटिव
सरकार पुराने वाहनों के बदलने पर इनसेंटिव देने पर भी विचार कर रही है. इसमें पुराने वाहनों का स्क्रैप वैल्यू देना, जब पुराने वाहन पर नया वाहन खरीदेंगे तो जीएसटी काउंसिल की मंजूरी के बाद जीएसटी में 28 प्रतिशत की जगह 18 प्रतिशत जीएसटी देने के प्रावधान करने पर पर विचार किया जा रहा है. इसके पीछे तर्क दिया गया है कि वाहन स्क्रैप होगा तो नये वाहन जब खरीदे जायेंगे उसका माइलेज ज्यादा होगा.
तेल की खपत कम होगी. प्रदूषण कम होगा. क्रूड अॉयल खरीदने का बोझ भी सरकार पर कम होगा.जिसका फायदा देश की अर्थव्यवस्था को भी होगा. इसके लिए एक आइटी सिस्टम स्थापित किया जायेगा. स्क्रैप उद्योग को भी बेहतर करने की बात कही गयी है. सरकार उम्मीद है कि इस योजना से लगभग 16100 करोड़ का लाभ होगा.
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