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रांची : सैनिक स्कूल, तिलैया के भवन निर्माण में घोटाला, स्कूल प्रबंधन की शिकायत के बाद करायी गयी जांच

Updated at : 19 Nov 2018 8:03 AM (IST)
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रांची : सैनिक स्कूल, तिलैया के भवन निर्माण में घोटाला, स्कूल प्रबंधन की शिकायत के बाद करायी गयी जांच

शकील अख्तर रांची : 6.60 करोड़ रुपये की लागत से बने सैनिक स्कूल (तिलैया) के आवासीय भवन निर्माण में गड़बड़ी हुई है. इसकी पुष्टि निगरानी विभाग (तकनीकी सेल) की जांच में हुई. तकनीकी सेल की रिपोर्ट के आधार पर स्कूली शिक्षा सचिव एपी सिंह ने दोषी इंजीनियरों और ठेकेदारों के खिलाफ एसीबी में प्राथमिकी दर्ज […]

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शकील अख्तर
रांची : 6.60 करोड़ रुपये की लागत से बने सैनिक स्कूल (तिलैया) के आवासीय भवन निर्माण में गड़बड़ी हुई है. इसकी पुष्टि निगरानी विभाग (तकनीकी सेल) की जांच में हुई.
तकनीकी सेल की रिपोर्ट के आधार पर स्कूली शिक्षा सचिव एपी सिंह ने दोषी इंजीनियरों और ठेकेदारों के खिलाफ एसीबी में प्राथमिकी दर्ज करने की अनुशंसा की है. भवन निर्माण प्रमंडल (हजारीबाग) की ओर से आवासीय भवन का निर्माण कराया गया था. वर्ष 2015 में भवन स्कूल प्रबंधन को सौंप दिया गया. कुछ दिन बाद ही करोड़ों की लागत से बने भवन की छतों से पानी टपकने लगा, दीवारों से पानी का रिसाव होने लगा, दरारें पड़ गयी.
अर्थिंग भी नहीं लगाया गया. स्कूल प्रबंधन ने घटिया भवन निर्माण की शिकायत विभाग और उच्च पदाधिकारियों से की. इसके बाद स्कूली शिक्षा विभाग ने फरवरी 2018 में भवन निर्माण की जांच तकनीकी सेल से कराने की अनुशंसा की थी. तकनीकी सेल की जांच में कई गड़बड़ियां उजागर हुई.
बिना प्राक्कलन इंजीनियरों ने कराया काम : जांच के दौरान पाया गया कि भवन प्रमंडल (हजारीबाग) के इंजीनियरों ने मरम्मत समेत अन्य काम किया. हालांकि इसके लिए कोई प्राक्कलन तैयार नहीं किया गया और न ही इस मद में सरकारी पैसे खर्च किये गये.
इससे प्रतीत होता है कि भवन प्रमंडल (हजारीबाग) के इंजीनियरों ने गड़बड़ी को छुपाने के लिए ठेकेदारों के सहयोग से मरम्मत का काम किया. जांच रिपोर्ट में पूरे मामले के लिए ठेकेदारों के अलावा अधीक्षण अभियंता बबन दास, कार्यपालक अभियंता निशिकांत प्रसाद, सहायक अभियंता जॉन डाग और कनीय अभियंता अतुल शेखर को दोषी करार दिया है.
6.60 करोड़ की लागत से बना है स्कूल का आवासीय भवन, घोटाले की पुिष्ट के बाद मुकदमा दर्ज करने की िसफािरश
निर्माण कार्य ठेकेदारों को किये गये भुगतान का ब्योरा
भुगतान ठेकेदार निर्माण कार्य का ब्योरा
1,88,99,347.00 कल्पना इंटरप्राइजेज, हजारीबाग ‘ए’ टाइप आवासीय भवन में दो
ब्लॉक (24 यूनिट) का निर्माण
1,62,81,276.00 कल्पना इंटरप्राइजेज, हजारीबाग ‘बी’ टाइप आवासीय भवन में दो
ब्लॉक (12 यूनिट) का निर्माण
46,46,378.00 राजेंद्र कुमार, झुमरी तिलैया लाइब्रेरी सह मोटिवेशनल
हाल का निर्माण
1,29,95,412.00 अनमोल कंस्ट्रक्शन, झुमरी तिलैया ‘डी’ टाइप आवासीय भवन में एक
ब्लॉक (छह यूनिट) का निर्माण
1,27,87,685.00 कल्पना इंटरप्राइजेज, हजारीबाग अतिरिक्त ‘डी’ टाइप आवासीय भवन में एक ब्लॉक (छह यूनिट) का निर्माण
खुद ही बदल िदया स्पेसिफिकेशन
रिपोर्ट में कहा गया है कि इन इंजीनियरों ने अपने ही स्तर से निर्माण के कार्य के स्पेसिफिकेशन में बदलाव किया. स्पेसिफिकेशन के बदले अपनी मर्जी से सामग्री का इस्तेमाल कराया. इसके लिए ठेकेदारों से दूसरा एकरारनामा नहीं किया गया, जो गलत है. अधीक्षण अभियंता बबन दास ने उन अतिरिक्त कार्यों को भी अपने ही स्तर से स्वीकृत कर दिया, जिसे मुख्य अभियंता के स्तर से स्वीकृत किया जाना है.
सिर्फ इतना ही नहीं, पेयजल के लिए एचवाइडीटी (हाइ इल्ड ड्रिल्ड ट्यूबवेल) भी 182 मीटर के बदले 168 मीटर बोर किया गया. पहले इसी के अनुरूप ठेकेदार को भुगतान किया गया. बाद में उसी स्थान पर 182 मीटर ड्रिल करने का उल्लेख करते हुए भुगतान किया गया, यह संभव नहीं है, क्योंकि एक जगह पर एचवाइडीटी का काम पूरा करने के बाद फिर उसी जगह दूसरा एचवाइडीटी नहीं लगाया जा सकता है.
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