नहीं सुलझा कई विधायकों के निर्वाचन का मामला

Updated at : 13 Jun 2014 1:54 PM (IST)
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नहीं सुलझा कई विधायकों के निर्वाचन का मामला

रांची: आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारी में राजनीतिक दल और विधायक जुट गये हैं. विधायक अपने-अपने क्षेत्रों में कैंप कर अपना किला मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं. इधर, वर्ष 2009 में हुए विधानसभा के चुनाव का मामला अब तक सुलझ नहीं पाया है. हाइकोर्ट में अब भी गुमला विधायक कमलेश सिंह और पांकी […]

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रांची: आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारी में राजनीतिक दल और विधायक जुट गये हैं. विधायक अपने-अपने क्षेत्रों में कैंप कर अपना किला मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं. इधर, वर्ष 2009 में हुए विधानसभा के चुनाव का मामला अब तक सुलझ नहीं पाया है.

हाइकोर्ट में अब भी गुमला विधायक कमलेश सिंह और पांकी विधायक विदेश सिंह के निर्वाचन का मामला लंबित है. बर्नवास हेंब्रम ने कमलेश उरांव के निर्वाचन को चुनौती दी है. याचिका में बर्नवास हेंब्रम ने अपने नामांकन को खारिज करने के फैसले को चुनौती दी है. कहा गया है कि डॉ हेंब्रम जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के मेंबर थे. यह लाभ का पद नहीं है. इसके बावजूद निर्वाचन पदाधिकारी ने डॉ हेंब्रम के आवेदन को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के सदस्य लाभ के पद के दायरे में आता है. इस मामले में अभी डॉ हेंब्रम की ओर से सुनवाई चल रही है. वहीं मधु सिंह ने विदेश सिंह के निर्वाचन को चुनौती दी थी. याचिका के लंबित रहने के दौरान मधु सिंह की मौत हो गयी. इसके बावजूद भी मामला कोर्ट के समक्ष विचाराधीन है.

कानूनविदें ने बताया कि करप्ट प्रैक्टिसेस का आरोप लगा कर दायर याचिकाओं की सुनवाई कार्यकाल समाप्त होने के बाद भी जारी रहती है. धांधली कर चुनाव जीतने के मामले में कोर्ट के आदेश के बाद ही याचिका निष्पादित होता है. अगर आरोप सही पाये जाते हैं, तो विजयी प्रत्याशी को छह वर्ष के लिए डिबार किया जा सकता है. वहीं नामांकन को चुनौती देने वाली निर्वाचन याचिकाएं कार्यकाल समाप्त होने के साथ ही अप्रासंगिक हो जाती है.

याचिका सुननेवाले जज रिटायर
झारखंड हाइकोर्ट में निर्वाचन याचिका की सुनवाई करनेवाले न्यायाधीश एनएन तिवारी रिटायर हो गये हैं. अब तक निर्वाचन याचिकाओं पर सुनवाई के लिए नये जज को नामित नहीं किया गया है. ग्रीष्मावकाश के बाद निर्वाचन याचिकाओं पर सुनवाई के लिए नये जज को नामित किया जायेगा.

केडी सिंह के निर्वाचन का मामला भी है विचाराधीन
हाइकोर्ट में राज्यसभा सांसद केडी सिंह के निर्वाचन का मामला भी विचाराधीन है. इस मामले पर सुनवाई के लिए 19 जून की तिथि तय की गयी है. कोर्ट में मामला लंबित रहने के कारण झारखंड में होनेवाले राज्यसभा के चुनाव को स्थगित कर दिया गया है. आयोग ने कहा कि कोर्ट से याचिका निष्पादित होने के बाद चुनाव की प्रक्रिया शुरू की जायेगी. अजय मारू और विधायक बैजनाथ राम ने केडी सिंह के निर्वाचन को चुनौती दी है. राज्यसभा सांसद केडी सिंह ने झारखंड के राज्यसभा पद से इस्तीफा दे दिया है. अब वह बंगाल से राज्यसभा के सांसद चुने गये हैं.

सुदेश समेत तीन विधायकों के खिलाफ दायर मामला खारिज

वर्ष 2009 के विधानसभा चुनाव के बाद झारखंड हाइकोर्ट में सिल्ली विधायक सुदेश महतो, नीलकंठ सिंह मुंडा, राजेश रंजन के निर्वाचन को चुनौती दी गयी थी. हाइकोर्ट ने इनके खिलाफ दायर निर्वाचन याचिकाओं को खारिज कर दिया है.

अमित महतो ने सिल्ली विधायक सुदेश महतो के निर्वाचन को चुनौती दी थी. कहा गया कि इन्होंने चुनाव में पदाधिकारी के साथ सांठगांठ कर चुनाव जीता है. कोर्ट ने अमित महतो के याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि अगर याचिकाकर्ता के आरोप सही भी पाये जाते हैं, तो परिणाम पर कोई असर नहीं पड़ेगा. सुदेश महतो 7707 वोट से चुनाव जीते हैं, जबकि पोलिंग एजेंट और फाइनल रिजल्ट सीट में सिर्फ 174 मतों का अंतर पाया गया है. वहीं नीलकंठ सिंह मुंडा और राजेश रंजन के खिलाफ दायर याचिका को याचिकाकर्ता के वकील के नहीं रहने के कारण खारिज कर दिया गया था. अनिल कश्यप ने नीलकंठ सिंह मुंडा और आशुतोष विद्यार्थी ने राजेश रंजन के निर्वाचन को चुनौती दी थी.

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