आयुष्मान भारत योजना : लुंजपुंज सरकारी अस्पताल सुधार करें, नहीं तो कठोर फैसला: सीएम रघुवर दास
Updated at : 04 Oct 2018 6:53 AM (IST)
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रांची : अायुष्मान भारत योजना शुरू होने के बाद मरीजों के पास इलाज का विकल्प है. वे सरकारी अस्पताल को छोड़ कर निजी अस्पतालों में चिकित्सा सुविधा ले सकते हैं. ऐसे में सरकारी अस्पतालों में सुधार जरूरी है. अागे भी यही स्थिति रही, तो लुंजपुंज सरकारी अस्पतालों को बंद करने जैसे कठोर निर्णय भी लिये […]
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रांची : अायुष्मान भारत योजना शुरू होने के बाद मरीजों के पास इलाज का विकल्प है. वे सरकारी अस्पताल को छोड़ कर निजी अस्पतालों में चिकित्सा सुविधा ले सकते हैं. ऐसे में सरकारी अस्पतालों में सुधार जरूरी है.
अागे भी यही स्थिति रही, तो लुंजपुंज सरकारी अस्पतालों को बंद करने जैसे कठोर निर्णय भी लिये जा सकते हैं. ये बातें मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कही. वह बुधवार को प्रोजेक्ट भवन सभागार में आयुष्मान भारत योजना की समीक्षा कर रहे थे.
िकसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जायेगी लापरवाही
मुख्यमंत्री ने बीमा कंपनी को निर्देश देते हुए कहा कि मरीजों की बड़ी संख्या
को देखते हुए रिम्स सहित तीनों मेडिकल कॉलेज सह अस्पतालों में अपना तकनीकी प्रतिनिधि रखे. इससे मरीजों के साथ-साथ अस्पताल प्रबंधन को भी सहायता मिलेगी. रिम्स में एक-दो दिनों में ही यह व्यवस्था कर लेने को कहा गया.
वहीं पीएमसीएच धनबाद तथा एमजीएम जमशेदपुर में जल्द ही यह व्यवस्था कर लेने को कहा. सीएम ने बैठक में उपस्थित मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्यों तथा सिविल सर्जनों से कहा कि प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी. उन्होंने कहा कि यह योजना झारखंड से शुरू हुई है, इसलिए इसमें हमसे अपेक्षा भी अधिक है. उन्होंने अस्पताल प्रबंधनों को लाभुक मरीजों के प्रति व्यवहार सुधारने तथा उन्हें अस्पतालों में कोई परेशानी न हो, इसे सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया. इसके साथ ही गोल्डेन कार्ड के वितरण, आरोग्य मित्रों के प्रशिक्षण तथा प्रधानमंत्री के पत्रों के वितरण की स्थिति की भी समीक्षा की गयी. यह भी कहा गया कि रिम्स में आयुष्मान भारत के मरीजों को पेइंग वार्ड में ही रखे जाने पर विचार हो. चूंकि ऐसे मरीज पेड मरीज होते हैं, इसलिए उन्हें इसका लाभ भी मिलना चाहिए.
इससे पहले, स्वास्थ्य सचिव निधि खरे ने सभी जिलों के सिविल सर्जनों से कहा कि वे अायुष्मान भारत के तहत निबंधित अस्पतालों की संख्या तेजी से बढ़ाएं. गौरतलब है कि अभी 191 सरकारी अस्पतालों सहित कुल 415 अस्पतालों को आयुष्मान भारत के तहत सूचीबद्ध किया जा चुका है. सचिव ने सिविल सर्जनों से प्रतिस्पर्द्धा में बने रहने के लिए मिशन मोड में काम करने को कहा है.
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