क्यों दर्ज नहीं हुई प्राथमिकी, जवाब दें

रांची : झारखंड हाइकोर्ट में शुक्रवार को जाली कागजात व गलत तरीके अपना कर कोयला का व्यापार करने को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई हुई. चीफ जस्टिस अनिरुद्ध बोस व जस्टिस डीएन पटेल की खंडपीठ ने सुनवाई करते हुए निगरानी (एसीबी) को नोटिस करने का निर्देश दिया. खंडपीठ ने पूछा कि अब तक प्राथमिकी […]
रांची : झारखंड हाइकोर्ट में शुक्रवार को जाली कागजात व गलत तरीके अपना कर कोयला का व्यापार करने को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई हुई. चीफ जस्टिस अनिरुद्ध बोस व जस्टिस डीएन पटेल की खंडपीठ ने सुनवाई करते हुए निगरानी (एसीबी) को नोटिस करने का निर्देश दिया. खंडपीठ ने पूछा कि अब तक प्राथमिकी दर्ज क्यों नहीं हुई. मामले की अगली सुनवाई के लिए खंडपीठ ने 26 अक्तूबर की तिथि निर्धारित की. इससे पूर्व प्रार्थी की अोर से अधिवक्ता राजीव कुमार ने खंडपीठ को बताया कि जाली कागजात व गलत तरीके अपना कर कोयला का व्यापार करने के मामले में निगरानी जांच का निर्देश दिया था.
चार जून 2015 को निगरानी ने पीई दर्ज कर मामले की जांच शुरू की थी. बाद में प्राथमिकी दर्ज करने के लिए वाणिज्यकर सचिव से मार्गदर्शन मांगा गया था. वर्ष 2016 से अब तक प्राथमिकी दर्ज करने का कोई निर्देश वाणिज्यकर सचिव की अोर से नहीं दिया गया है. अधिवक्ता ने बताया कि मामले में रामगढ़ के तत्कालीन वाणिज्यकर आयुक्त सुरेश सेराफिन, युगल किशोर, हेड क्लर्क कृष्णा कुमार वर्मा, लिपिक बैजनाथ राम के खिलाफ जांच की गयी है.
इनके अलावा सर्वेश्वरी मां भद्रकाली ट्रेडिंग कंपनी मरार रामगढ़, राशि ट्रेडिंग कंपनी मरार रामगढ़ सहित अन्य ट्रेडिंग कंपनी की स्थलीय जांच हुई थी. जिस पत्ते पर कंपनी को टीन नंबर आवंटित था, उसका कहीं पता-ठिकाना नहीं मिला.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










