रांची : हड्डी विभाग का दर्द नहीं सुन रहा रिम्स प्रबंधन व स्वास्थ्य विभाग

Updated at : 26 Aug 2018 1:28 AM (IST)
विज्ञापन
रांची  : हड्डी विभाग का दर्द नहीं सुन रहा रिम्स प्रबंधन व स्वास्थ्य विभाग

प्रबंधन को कई बार विभागाध्यक्ष बता चुके हैं विभाग की पीड़ा रांची : राज्य के सबसे बड़े अस्पताल रिम्स के हड्डी विभाग का दुख-दर्द सुननेवाला कोई नहीं है. हड्डी विभाग रिम्स प्रबंधन व स्वास्थ्य विभाग को अपनी पीड़ा से कई बार अवगत करा चुका है, लेकिन कहीं से सुनवाई नहीं हो रही है. दरअसल हड्डी […]

विज्ञापन
प्रबंधन को कई बार विभागाध्यक्ष बता चुके हैं विभाग की पीड़ा
रांची : राज्य के सबसे बड़े अस्पताल रिम्स के हड्डी विभाग का दुख-दर्द सुननेवाला कोई नहीं है. हड्डी विभाग रिम्स प्रबंधन व स्वास्थ्य विभाग को अपनी पीड़ा से कई बार अवगत करा चुका है, लेकिन कहीं से सुनवाई नहीं हो रही है.
दरअसल हड्डी विभाग में मरीजों की देखभाल में डॉक्टरों की कमी आड़े आ रही है. हड्डी विभाग में ढाई सौ से ज्यादा मरीजों का इंडोर में इलाज होता है, लेकिन इलाज का जिम्मा सिर्फ तीन डॉक्टरों पर है. विभाग में कुछ सीनियर रेजीडेंट डॉक्टर हैं, लेकिन मरीजों के इलाज के लिए वह पर्याप्त नहीं है.
हड्डी विभाग के विभिन्न वार्डों में 136 मरीजों की भर्ती कर इलाज करने की क्षमता है, लेकिन दोगुना से ज्यादा मरीज का इलाज किया जाता है. इस कारण आधा से ज्यादा मरीजों को फर्श पर अपना इलाज कराना पड़ता है.
जानकारी के मुताबिक विभाग में विभागाध्यक्ष डॉ एलबी मांझी, डॉ विजय कुमार व डॉ गोविंद कुमार गुप्ता की यूनिट है, जिसमें इन मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जाता है. हड्डी विभाग द्वारा प्रबंधन को भेजी गयी सूचना के अनुसार, वर्ष 2018 में अब तक 37,814 मरीजों को ओपीडी में परामर्श मिला है.
वहीं 2,859 मरीजों का इलाज वार्ड में भर्ती कर किया गया है. विभाग में इस साल अब तक 1,103 बड़े ऑपरेशन किये गये हैं. इसके अलावा 1,610 मरीजों की हड्डी संबंधी बीमारी का इलाज छोटे ऑपरेशन के माध्यम से किया गया है. विभाग ने इस साल दो नी रिप्लेसमेंट भी किया है. वहीं 16 हिप रिप्लेसमेंट भी किया गया है.
फैकल्टी की कमी से जूझ रहा विभाग:
हड्डी विभाग में मरीजों को बेहतर इलाज मुहैया कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग व रिम्स प्रबंधन द्वारा मॉड्यूलर ओटी का निर्माण किया जा रहा है. ऑपरेशन थिएटर का निर्माण दो माह में हो जायेगा, लेकिन विभाग में चिकित्सकों की कमी बरकरार है. ऐसे में हड्डी के मरीजों को बेहतर चिकित्सा मुहैया कराना संभव नहीं लगता है.
हर बार रोस्टर क्लियरिंग की दुहाई
हड्डी विभाग द्वारा डॉक्टरों की कमी की जानकारी देने पर रिम्स प्रबंधन डॉक्टरों की ड्यूटी रोस्टर की क्लियरिंग की दुहाई देता है. प्रबंधन द्वारा बताया जाता है कि डॉक्टरों के ड्यूटी रोस्टर को क्लियरिंग के लिए विभाग में भेजा गया है.
हड्डी विभाग में मैन पावर की काफी कमी है. इस कारण मरीजों के इलाज में काफी दिक्कतें हो रही हैं. ओपीडी से लेकर ऑपरेशन में भी परेशानी होती है. मरीजों को लंबे समय तक ऑपरेशन के लिए इंतजार करना पड़ता है. स्वास्थ्य विभाग और रिम्स प्रबंधन दोनों को समस्या से अवगत कराया गया है, लेकिन कहीं से कोई सुनवाई नहीं हो रही है.
डॉ एलबी मांझी, विभागाध्यक्ष, हड्डी विभाग
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola