रांची : सेंट्रल यूनिवर्सिटी ने नहीं दिया प्रमाणपत्र, अवमानना का केस

Updated at : 24 Aug 2018 12:14 AM (IST)
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रांची : सेंट्रल यूनिवर्सिटी ने नहीं दिया प्रमाणपत्र, अवमानना का केस

रांची : यूनिवर्सिटी के पांच वर्षीय नैनो टेक्नोलाॅजी एंटीग्रेटेड कोर्स के छात्रों का सर्टिफिकेट विवि ने रोक रखा है. इस वजह से 16 विद्यार्थियों का भविष्य अधर में लटका हुआ है. जानकारी के मुताबिक हाइकोर्ट ने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड को यह आदेश दिया था कि वे छात्रों का प्रमाणपत्र दे दें. इसके बाद भी […]

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रांची : यूनिवर्सिटी के पांच वर्षीय नैनो टेक्नोलाॅजी एंटीग्रेटेड कोर्स के छात्रों का सर्टिफिकेट विवि ने रोक रखा है. इस वजह से 16 विद्यार्थियों का भविष्य अधर में लटका हुआ है. जानकारी के मुताबिक हाइकोर्ट ने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड को यह आदेश दिया था कि वे छात्रों का प्रमाणपत्र दे दें. इसके बाद भी उन्हें प्रमाणपत्र नहीं मिला.
16 विद्यार्थियों का रोका प्रमाणपत्र : विश्वविद्यालय के नैनो टेक्नोलॉजी डिपार्टमेंट के 18 छात्रों ने इस वर्ष गेट की परीक्षा पास की है, जिनमें से 16 विद्यार्थियों ने प्रमाणपत्र के लिए आवेदन दिये थे. आवेदन देनेवालों में श्वेताभ शिवम, मो फैजान रजा, गरिमा गुप्ता, शिवांश मिश्रा, इला अशोक, पूजा गुप्ता, प्रथमा प्रज्ञा, अपराजिता सिन्हा, श्वेता कुमारी, अन्येशा चक्रवर्ती, दिपांजलि, रिया अंबष्ठ, सात्विक अंशू, रोहित राज, अर्जुन महतो व दिपायन चटर्जी के नाम शामिल हैं.
क्या है मामला
संस्थान के पांच वर्षीय नैनो टेक्नोलॉजी एंटीग्रेटेड कोर्स में सत्र 2014 में नामांकित 16 छात्रों ने ग्रेजुएट एप्टीट्यूट टेस्ट (गेट) की परीक्षा पास की. इस परीक्षा के आधार पर उन्हें आइआइटी से एमटेक कोर्स करने का अवसर मिला. नियम के मुताबिक अगर कोई छात्र पांच वर्षीय एंटीग्रेटेड कोर्स(इसमें बीटेक व एमटेक एक साथ होता है) से चार वर्ष पूरा होने के बाद बीटेक की डिग्री लेकर अलग होना चाहता है, तो वह हो सकता है.
इसी आधार पर उन्होंने विवि से बीटेक की डिग्री देने को कहा. लेकिन विवि प्रशासन ने ऐसा करने से मना कर दिया. इसके बाद सभी छात्र हाइकोर्ट गये. जहां कोर्ट ने विवि से प्रमाणपत्र देने का आदेश दिया. आदेश के बाद भी विवि ने उक्त छात्रों को प्रमाणपत्र नहीं दिया. इसके बाद अवमानना की याचिका दायर करते हुए सभी छात्र वापस कोर्ट गये. इसके बाद कोर्ट ने विवि वीसी को सशरीर हाजिर होने को कहा है.
ले चुके हैं नामांकन
केस करनेवाले स्टूडेंट्स में शामिल छात्र शिवांश ने बताया कि गेट क्वालिफाइड छात्रों में से अधिकांश को विभिन्न आइआइटी में नामांकन मिल चुका है.
जहां उन्हें अपना प्रमाणपत्र दिये गये समय में जमा करना है. छात्रों का कहना है कि अगर हमें सही समय में प्रमाणपत्र नहीं मिले, तो नामांकन रद्द कर दिया जायेगा. इस वजह से इयर गैप होने व एक वर्ष बर्बाद होने का डर भी सता रहा है. गेट उत्तीर्ण छात्रों का आइआइटी मद्रास, बनारस, दिल्ली, खड़गपुर, मुंबई व पटना में नामांकन मिल चुका है.
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