रांची : 12 एनजीओ ने सीआइडी को सौंपे दस्तावेज, 25 का बाकी

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 14 Aug 2018 8:24 AM

विज्ञापन

संस्थाओं पर एफसीआरए के तहत मिले फंड का धर्मांतरण में इस्तेमाल का आरोप रांची : फॉरेन कंट्रीब्यूशन रेग्युलेशन एक्ट (एफसीआरए) के तहत मिले विदेशी फंड के दुरुपयोग मामले में आरोपों में घिरे 12 एनजीओ द्वारा सीआइडी को कई तरह के दस्तावेज उपलब्ध कराये गये हैं. सीआइडी ने 10 अगस्त को रांची के 36 और रामगढ़ […]

विज्ञापन
संस्थाओं पर एफसीआरए के तहत मिले फंड का धर्मांतरण में इस्तेमाल का आरोप
रांची : फॉरेन कंट्रीब्यूशन रेग्युलेशन एक्ट (एफसीआरए) के तहत मिले विदेशी फंड के दुरुपयोग मामले में आरोपों में घिरे 12 एनजीओ द्वारा सीआइडी को कई तरह के दस्तावेज उपलब्ध कराये गये हैं. सीआइडी ने 10 अगस्त को रांची के 36 और रामगढ़ में एक एनजीओ के ठिकाने पर पड़ताल की थी. संस्थाओं ने कौन-कौन से दस्तावेज दिये हैं, इसकी स्क्रूटनी होनी अभी बाकी है. इसके बाद ही पता चलेगा कि सीआइडी द्वारा मांगे गये सारे दस्तावेज संस्थाओं की ओर से दिये गये हैं अथवा नहीं. मंगलवार को भी कुछ और संस्थाओं द्वारा सीआइडी को दस्तावेज मिलने की उम्मीद है.
जांच टीम को नहीं मिले संस्थानों से दस्तावेज
रांची : झारखंड राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने सोमवार को भी शेल्टर होम की जांच की. आज करुणा आश्रम, बालश्रय अौर किशोरी निकेतन की जांच की गयी. जांच टीम में आयोग की अध्यक्ष आरती कुजूर और जिला समाज कल्याण पदाधिकारी कंचन सिंह शामिल थीं. इस दौरान टीम को संस्थानों से आवश्यक कागजात नहीं मिले और न ही स्पष्ट जानकारी संस्थान संचालकों ने उपलब्ध करायी. इससे पूर्व भी आंचल शिशु आश्रम में भी जांच के क्रम में मरम्मत कार्य को लेकर जांच टीम को मांगी गयी सूचना और दस्तावेज नहीं दिये गये थे.
बिजुपाड़ा स्थित किशोरी निकेतन में भी टीम को मांगी गयी सूचना और दस्तावेज नहीं दी गयी. संस्था के वार्डेन ने कहा कि संस्था के सक्षम अधिकारी नहीं हैं, वे बगल में गये हैं. परंतु जब उन्हें बुलाने की बात कही गयी, तो वे नहीं आये. निरीक्षण के क्रम में वहां भवन के पीछे जलजमाव की स्थिति मिली. आयोग की अध्यक्ष ने निर्देश दिया कि व्यवस्था को दुरुस्त किया जाये और कर्मचारी रखने की भी व्यवस्था की जाये. यहां जांच में 18 बच्चियां मिली. इसके बाद करुणा आश्रम का निरीक्षण किया गया. यहां जांच में पाया गया कि बालक और बालिकाअों को एक साथ ही रखा गया था.
इन्हें अलग-अलग रखने का निर्देश दिया गया. यहां साफ-सफाई भी नहीं थी. जांच समिति ने संस्था के अधिकारी को संस्था के भवन के छत जाने वाले सीढ़ी में दरवाजा लगाने और व्यवस्था दुरुस्त करने की नसीहत दी. इसके बाद दीया सेवा संस्थान में देर शाम तक निरीक्षण किया गया. मौके पर बाल कल्याण समिति से श्रीकांत, सीमा, पीयूष सेन सहित कई सदस्य शामिल थे.
इन संस्थाओं ने दिये हैं दस्तावेज
डॉटर ऑफ संत अन्ना रांची, सरकुलर रोड, डॉन बास्को टेक्निकल स्कूल, खोरहाटोली, रांची, इंस्टीट्यूट ऑफ मिशनरीज ऑफ जीसस द इंटनरल प्रिस्ट, बरियातू, रांची, लुथेरियन गर्ल्स हॉस्टल, रांची, सोसाइटी ऑफ रांची फ्रांसिसियन ब्रदर्स, नामकुम, रांची, द कैमलिन सिस्टर्स सोसाइटी, कुम्हार टोली, पुरुलिया, रांची, ओबलेट सिस्टर्स इमाकुलेटेड ऑफ मैरी, रामपुर, रांची, मातृछाया, रांची, कालवेरी गोसपेल मिनिस्ट्रस ट्रस्ट और मेडिकल सिस्टर्स ऑफ संत फ्रांसिस एएसएसआइएसआइ, रामगढ़ व दो अन्य संस्था.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola