झारखंड : सरकार की कुल आमदनी में राज्य की हिस्सेदारी हो रही है कम

Updated at : 06 Aug 2018 7:39 AM (IST)
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झारखंड : सरकार की कुल आमदनी में राज्य की हिस्सेदारी हो रही है कम

रांची : सरकार की कुल आमदनी (राजस्व) में राज्य का हिस्सा धीरे धीरे कम होता जा रहा है. महालेखाकार की रिपोर्ट के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2014-15 के दौरान सरकार की कुल आमदनी में राज्य का हिस्सा 47 प्रतिशत था, जो वित्तीय वर्ष 2016-17 में घट कर 40 प्रतिशत हो गया. यानी 100 रुपये की आमदनी […]

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रांची : सरकार की कुल आमदनी (राजस्व) में राज्य का हिस्सा धीरे धीरे कम होता जा रहा है. महालेखाकार की रिपोर्ट के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2014-15 के दौरान सरकार की कुल आमदनी में राज्य का हिस्सा 47 प्रतिशत था, जो वित्तीय वर्ष 2016-17 में घट कर 40 प्रतिशत हो गया. यानी 100 रुपये की आमदनी में राज्य अपने स्रोतों से पहले 47 रुपये जुटाता था, जो घट कर 40 रुपये हो गया है.
इससे इस बात का संकेत मिलता है कि राज्य सरकार विकास के मामलों में केंद्र पर अधिक निर्भर होता जा रहा है. राज्य सरकार अपने आवश्यक खर्चों के लिए टैक्स और नन टैक्स से पैसे जुटाती है. इसके बाद उसे केंद्रीय करों में हिस्सा मिलता है. साथ ही केंद्र सरकार राज्य को सहायता अनुदान देती है.
इन सभी स्रोतों से मिले पैसों से सरकार जब अपनी सभी खर्चे पूरी नहीं कर पाती है, तो वह कई स्रोतों से कर्ज लेती है. जब राज्य सरकार की अपनी आमदनी (टैक्स+नन टैक्स) केंद्र से मिलेवाली राशि (केंद्रीय करों में हिस्सा+सहायता अनुदान) से अधिक हो, तो राज्य की स्थिति बेहतर मानी जाती है. पर जब राज्य की आमदनी केंद्र से मिलनेवाली कुल राशि के कम हो, तो राज्य को केंद्र पर निर्भर माना जाता है.
एजी के आंकड़ों के अनुसार, सरकार को वित्तीय वर्ष 2014-15 में अपने टैक्स और नन टैक्स स्रोत से कुल 14684.87 करोड़ रुपये की आमदनी हुई थी. जबकि केंद्रीय करों में हिस्सेदारी और सहायता अनुदान के रूप में 16879.69 करोड़ रुपये मिले थे. इस तरह राज्य को अपने और केंद्रीय स्रोतों से कुल 31564.56 करोड़ रुपये मिले थे. इस पूरी राशि में राज्य ने अपने स्रोतों से 47 प्रतिशत राशि जुटायी थी. वित्तीय वर्ष 2015-16 में राज्य को अपने और केंद्रीय स्रोतों से कुल 40638.35 करोड़ रुपये मिले थे.
इसमें पूरी राशि में राज्य ने अपने स्रोतों से 43 प्रतिशत राशि जुटायी थी. एजी के आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2016-17 में यह 43 प्रतिशत से घट कर 40 प्रतिशत हो गया. आंकड़ों के अनुसार 2016-17 में राज्य को अपने और केंद्रीय स्रोतों से 47053.93 करोड़ रुपये मिलते थे. इस राशि में से राज्य ने अपने स्रोतों से सिर्फ 18650.66 करोड़ रुपये ही जुटाये थे.
अपने स्रोत से राज्य की आमदनी (करोड़ में)
कर का स्रोत 2014-15 2015-16 2016-17
कर राजस्व 10349.81 11478.95 13299.25
गैर कर राजस्व 4335.06 5853.01 5351.41
राज्य का कुल राजस्व 14684.87 17331.96 18650.66
केंद्र करों में हिस्सा व सहायता अनुदान (करोड़ में)
केंद्रीय करों में हिस्सा 9487.01 15968.75 19141.92
सहायता अनुदान 7392.68 7337.64 9261.35
कुल केंद्रीय राशि 16879.69 23306.39 28403.27
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