रांची पहाड़ी के पत्थरों की हालत खराब यहां किसी तरह का बड़ा निर्माण न करें

Updated at : 02 Aug 2018 5:44 AM (IST)
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रांची पहाड़ी के पत्थरों की हालत खराब यहां किसी तरह का बड़ा निर्माण न करें

भू वैज्ञानिकों ने उपायुक्त को सौंपी जांच रिपोर्ट, दिये कई सुझाव रांची : सोसाइटी ऑफ जियो साइंटिस्ट के नौ सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को पहाड़ी मंदिर के संरक्षण के लिए तैयार की गयी जांच रिपोर्ट उपायुक्त राय महिमापत रे को सौंपी. जियो साइंटिस्ट के इस दल ने कुछ दिन पहले ही पहाड़ी पर हो रहे […]

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भू वैज्ञानिकों ने उपायुक्त को सौंपी जांच रिपोर्ट, दिये कई सुझाव
रांची : सोसाइटी ऑफ जियो साइंटिस्ट के नौ सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को पहाड़ी मंदिर के संरक्षण के लिए तैयार की गयी जांच रिपोर्ट उपायुक्त राय महिमापत रे को सौंपी. जियो साइंटिस्ट के इस दल ने कुछ दिन पहले ही पहाड़ी पर हो रहे भू-स्खलन और पहाड़ी मंदिर में आ रही दराराें की जांच की थी.
भू विज्ञानियों ने अपनी जांच रिपोर्ट में कहा है कि पहाड़ी के पत्थरों का प्रकार और उनकी गुणवत्ता की स्थिति काफी खराब है. इसलिए इस पहाड़ी पर किसी प्रकार का बड़ा निर्माण कार्य नहीं कराया जाये. साथ ही पहाड़ी के पुराने गार्डवाल/रिटेनिंग वॉल को मजबूत किया जाये, ताकि ऊपर में किये गये निर्माण सुरक्षित बने रह सकें. इसके अलावा उत्तर और उत्तर-पूर्व के ढलान में तेजी से बढ़ने वाली घास व झाड़ियां लगायी जायें. उपायुक्त को जांच रिपोर्ट सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में प्रो उदय सहाय, एसएन सिन्हा, डॉ अनल सिन्हा और विभाष तिर्की आदि शामिल थे.
मंदिर के आसपास में निर्माण के लिए हो भू तकनीकी अध्ययन : भू वैज्ञानिकों ने अपनी रिपोर्ट में यह सलाह भी दी है कि अगर पहाड़ी मंदिर और उसके आसपास किसी प्रकार का सिविल कार्य करना जरूरी हो, तो उससे पहले विस्तृत भू तकनीकी अध्ययन करा लिया जाये. इसके अलावा टूटे हुए पत्थरों के टुकड़े को राेकने के लिए सिविल इंजीनियरिंग कार्य किये जाने की जरूरत है.
जलाभिषेक से निकलने वाले जल की निकासी के लिए रास्ता बने : वैज्ञानिकों ने यह सलाह भी दी है कि पहाड़ी मंदिर में श्रद्धालु शिवलिंग पर जो जल चढ़ाते हैं, उसकी निकासी के लिए समुचित व्यवस्था की जानी चाहिए. इसके अलावा पहाड़ी में अलग-अलग ऊंचाई पर नाली का निर्माण कराया जाये. फिर नीचे लाकर सभी को एक नाले में जोड़ दिया जाये.
पहाड़ी पर लगे फ्लैग पर कुछ भी कहने से बचते रहे भू वैज्ञानिक : उपायुक्त को जांच रिपोर्ट सौंपने वाले भू वैज्ञानिकों से पूछा गया कि क्या पहाड़ी के चोटी पर लगाये गये फ्लैग पोस्ट के कारण पहाड़ी की यह हालत हो रही है? साथ ही यह कि क्या इस फ्लैग पोस्ट को यहां से हटा दिया जाना चाहिए? इस पर उनका कहना था कि इसके लिए विस्तृत सर्वे की जरूरत है. उस पर हम कुछ नहीं कह सकते हैं.
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