रांची : सीएम ने मिजल्स रुबेला अभियान की शुरुआत की, कहा, रिम्स में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, जिनको जाना है, जायें

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 27 Jul 2018 8:22 AM

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रांची : मुख्यमंत्री रघुवर दास ने गुरुवार को रिम्स से मिजल्स रुबेला टीकाकरण अभियान की शुरुआत की. 100 बेडवाले पेइंग वार्ड व पारा मेडिकल भवन का भी उद्घाटन किया. मौके पर उन्होंने कहा : रिम्स इस राज्य का आन-बान और शान है. रिम्स की व्यवस्था एम्स की तरह हो, जिससे देश में चर्चा हो. उन्होंने […]

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रांची : मुख्यमंत्री रघुवर दास ने गुरुवार को रिम्स से मिजल्स रुबेला टीकाकरण अभियान की शुरुआत की. 100 बेडवाले पेइंग वार्ड व पारा मेडिकल भवन का भी उद्घाटन किया. मौके पर उन्होंने कहा : रिम्स इस राज्य का आन-बान और शान है.

रिम्स की व्यवस्था एम्स की तरह हो, जिससे देश में चर्चा हो. उन्होंने चिकित्सकों से कहा कि सरकार गरीब के पैसे से आपको तनख्वाह देती है और अाप ड्यूटी सही से नहीं करेंगे? ऐसा नहीं चलेगा. लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगी. जिन्हें छोड़ कर जाना है, अभी चले जायें. डॉक्टरों का काम सेवा करना है.

सभी अपनी जिम्मेदारी समझें. उन्होंने डॉक्टरों, नर्सों व कर्मचारियों के कार्यों की सराहना भी की. मुख्यमंत्री ने कहा : कौन-कौन डॉक्टर रिम्स में सही तरह से ड्यूटी नहीं कर रहे हैं. ड्यूटी छोड़कर क्लिनिक में समय देते हैं, इसकी जांच करा रहा हूं. यह सब नहीं चलेगा. या तो नौकरी करो या क्लिनिक चलाओ. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि हॉस्पिटल एक्ट के तहत अस्पताल के आसपास कितने सेंटर खोले जा सकते हैं, इसकी जांच करें. जांच कर सबको सील करें, बंद करायें.

गुड गवर्नेंस की ओर जाना है : सीएम ने मिजल्स रुबेला अभियान की सराहना की. कहा : कुशासन और विकास न होना इस राज्य में सबसे बड़ी समस्या है. सरकार ने तय किया है कि बैड गवर्नेंस को हटा कर गुड गवर्नेंस की ओर जाना है.

यह अभियान केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है. हर उस व्यक्ति के लिए है, जो इस राज्य में है. इस अभियान को जन आंदोलन का रूप देना होगा, तभी इसकी सार्थकता सिद्ध होगी. कार्यक्रम में अपर निदेशक प्रशासन हर्ष मंगला, संयुक्त सचिव बीरेंद्र सिंह, उपनिदेशक प्रशासन गिरिजा शंकर प्रसाद, डॉ विवेक कश्यप, अधीक्षक संजय कुमार, पूर्व निदेशक प्रमुख डॉ सुमंत मिश्रा के अलावा रिम्स के कई चिकित्सक समेत स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौजूद थे.

रिम्स में चारों ओर डस्टबीन लगायें

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि रिम्स में चारों ओर डस्टबीन लगाओ. पैसा नहीं है, तो सरकार से मांग लो. लेकिन रिम्स स्वच्छ दिखना चाहिए. जैसे ही मरीज अंदर आये, अाधी बीमारी खत्म हो जाये. रिम्स परिसर में लोग ऐसे आते हैं, जैसे कि होनूलूलू घूम रहे हों. विजिटर्स को अंदर आने से रोको. विजिटर के लिए टाइम निर्धारित करें. चिकित्सक दो घंटे राउंड करें. राउंड खत्म होने के बाद ही किसी परिजन को अंदर जाने की इजाजत दी जाये.

बेहतर कार्य करनेवाले होंगे पुरस्कृत

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी कार्य के लिये आपस में प्रतिस्पर्धा जरूरी है. बगैर प्रतिस्पर्धा के कार्यों में गुणवत्ता नहीं आयेगी. उन्होंने कहा कि बेहतर कार्य करने वाले पांच विद्यालयों, एएनएम व सहिया को सरकार पुरस्कृत करेगी.

मुख्यमंत्री की नसीहत

उन्होंने कहा : आखिर एक इंसान को कितनी दौलत चाहिए, सुखी रहने के लिए. वैध हो या अवैध, क्या करोगे रुपये का? शांति मिलती है गरीबों की सेवा से. आपके पास जो ज्ञान है, उसका लाभ गरीबों को मिले. रिम्स में गरीब परिवार के लोग आते हैं. हमें यह भी सावधानी रखनी है.

देश और राज्य को केवल नेताओं ने नहीं बनाया है. इस राज्य और देश को वैज्ञानिक, डॉक्टर, टीचर आप सबों ने बनाया है. बीमारी टेंशन की वजह से होती है.जो ज्यादा पैसा कमा लेता है, वह भी तनाव में रहता है. पैसा कहां रखें, नहीं तो इनकम टैक्स कटेगा. क्या मतलब है, ऐसे पैसे कमाने से. जो गरीब है, वह भी तनाव में है कि उसकी बीमारी का इलाज कैसे हो? आज पैसे वाला हो या गरीब. हर लोग तनाव में हैं. तनाव के कारण डिप्रेशन हो रहा है. उन्होंने कहा : तनाव काहे लेते हो. एकदम हंसते-खेलते जीवन जिओ. भगवान ने जो भी रूखा-सूखा दिया है, उसी को खा-पीकर जिंदगी जीना है.

इस टीकाकरण में 13 करोड़ 61 लाख खर्च होंगे: स्वास्थ्य मंत्री

स्वास्थ्य मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी ने कहा : यह अभियान लगातार पांच सप्ताह तक चलेगा. इसकी सफलता के लिए समाज के हर एक व्यक्ति को आगे आना होगा. अभियान में लगभग 13 करोड़ 61 लाख रुपये खर्च हाेंगे. अभियान के लिए 418 चिकित्सक, 92048 शिक्षक, 40 हजार सहिया व 8731 एएनएम को प्रशिक्षित किया गया है. पेइंग वार्ड में सभी तरह की सुविधाएं होंगी. प्रतिदिन एक हजार रुपये के तौर पर शुल्क निर्धारित किये गये हैं.

एक करोड़ 17 लाख बच्चे चिह्नित किये गये: निधि खरे

स्वास्थ्य विभाग की प्रधान सचिव निधि खरे ने कहा : इस अभियान को शुरू करनेवाला झारखंड 16वां राज्य हो गया है. एक करोड़ 17 लाख बच्चे चिह्नित किये गये हैं, जिन्हें टीका दिया जायेगा. इसके अलावा सरकारी व गैर सरकारी स्कूलों में भी यह अभियान चलाया जा रहा है.

निमोकोकल को भी जल्द लांच किया जायेगा: कृपानंद झा

एनएचएम के अभियान निदेशक कृपानंद झा ने कहा : मिजल्स रुबेला की शुरुआत की गयी है. रुबेला खतरनाक नहीं है. लेकिन, अगर गर्भवती महिलाओं को यह टीका नहीं दिया जाये तो इसका असर होनेवाले बच्चे पर पड़ सकता है. वैक्सीन कर इसे ठीक किया जा सकता है. जल्द ही झारखंड में निमोनिया से बचाव के लिए निमोकोकल के टीके को लांच किया जायेगा. इस बारे में केंद्र सरकार से बात चल रही है.

मिजेल्स रुबेला अभियान की शुरुआत चार बच्चों का टीकाकरण कर की गयी. इसके अलावा पोस्टर जारी किया गया, जिसमें सिने अभिनेता अमिताभ बच्चन मिजल्स रुबेला अभियान के बारे में जानकारी देते नजर आ रहे हैं.

हॉस्पिटल में कोई हड़ताल नहीं होनी चाहिए

मुख्यमंत्री ने कहा : मेरे लिए कोई डॉक्टर या नर्स अपना या पराया नहीं है. रिम्स में अनुशासन हो, कोई हड़ताल नहीं होनी चाहिए. आप सेवा करने आये हैं. आप काला बिल्ला लगा कर विरोध कर सकते हैं. आप कोई राजनीतिक दल के लोग नहीं हैं. पिछले दिनों रिम्स में जो घटना घटी, वह काफी दु:खद है. कोई सरकार इसकी इजाजत नहीं दे सकती. आप काम करते हुए भी विरोध दर्ज करा सकते हैं. उन्होंने विदेशों का उदाहरण दिया, कहा : आपकी जो भी मांगे हैं, सरकार के पास रखें, बोर्ड के पास रखें.

चिकित्सक व प्रशासन के अलग-अलग कार्य

मुख्यमंत्री ने कहा : मरीजों को खाना मिल रहा है या नहीं, साफ-सफाई हो रही है या नहीं, यह देखना डॉक्टरों का काम नहीं है. इसके लिए अलग से मैनेजमेंट होता है. मैनेजमेंट व डॉक्टरों का काम अलग-अलग है. उन्होंने जमशेदपुर के टीएमएच का उदाहरण दिया. कहा कि जब टाटा में यह सुविधा हो सकती है, तो रिम्स में क्यों नहीं.

इलाज में लापरवाही हुई तो निदेशक को दें सूचना

सीएम ने कहा : मरीजों के परिजन आये दिन डॉक्टरों व नर्सों पर आरोप लगाते हैं. कहा जाता है कि इलाज सही से नहीं हुआ. कोई डॉक्टर या नर्स जानबूझ कर किसी मरीज को खराब ट्रीटमेंट नहीं देता है. अगर इलाज में किसी तरह की लापरवाही का अंदेशा होता है, तो सीधे निदेशक को सूचना दें. इसकी विभागीय जांच होगी. लेकिन, हॉस्पिटल के अंदर किसी को गुंडागर्दी करने की इजाजत नहीं है. उन्होंने आमजनों से अपील की और कहा कि अस्पताल में कोई दंगा-फसाद नहीं होनी चाहिए.

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