मुर्दों का वारंट लेकर घूम रही थी पुलिस

Updated at : 26 Jul 2018 8:35 AM (IST)
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मुर्दों का वारंट लेकर घूम रही थी पुलिस

अजय दयाल राजधानी में वारंटियों की गिरफ्तारी के लिए हो रही छापेमारी रांची : रांची जिला की पुलिस इन दिनों स्थायी वारंटियों (लाल वारंटियों) की गिरफ्तारी के लिए एसएसपी अनीश गुप्ता के निर्देश पर विशेष छापाामारी अभियान चला रही है. पिछले कई दिनों से चल रहे इस अभियान में कई वारंटी पकड़े भी जा चुके […]

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अजय दयाल
राजधानी में वारंटियों की गिरफ्तारी के लिए हो रही छापेमारी
रांची : रांची जिला की पुलिस इन दिनों स्थायी वारंटियों (लाल वारंटियों) की गिरफ्तारी के लिए एसएसपी अनीश गुप्ता के निर्देश पर विशेष छापाामारी अभियान चला रही है. पिछले कई दिनों से चल रहे इस अभियान में कई वारंटी पकड़े भी जा चुके हैं. लेकिन कुछेक मामलों में वारंटियों की धर-पकड़ के दौरान पुलिस की लापरवाही भी नजर आती है.
ऐसा ही बरियातू थाना से जुड़ा मामला सामने आया है, जिसमें पुलिस के काम करने का तरीका पता चलता है. दरअसल बरियातू पुलिस वर्ष 1989 के दो व वर्ष 1992 के दो केस के आरोपियों का वारंट लेकर 25 जुलाई की रात उन्हें गिरफ्तार करने निकली थी़
डकैती कांड के इन आरोपियाें में बरियातू थाना पीरीटोला निवासी गोले उर्फ लंगड़ा मुंडा, शिबू पासवान, लालू मुंडा व टैगोर हिल, बनिया टोली निवासी किशुन मुंडा शामिल थे़ बरियातू पुलिस की पूरी टीम जब उनके घर पहुंची, तब पता चला कि काफी दिनों पहले इन लोगों की मौत हो गयी है़ इसके बाद उनके परिजनों से पूछताछ कर पुलिस बैरंग वहां से लौट आयी.
थाना प्रभारी, आइओ को आरोपियों के जमानत की जानकारी नहीं
मामला से खुद को अप टू डेट नहीं रखने के कारण थाना प्रभारी, आइओ को आरोपियों के जमानत की जानकारी नहीं रहती है. जबकि विभिन्न केस के आइओ थाना प्रभारी (इंस्पेक्टर), दारोगा व जमादार ही होते है़ं किसी भी अपराधी के खिलाफ वारंट निर्गत कराने की जिम्मेदारी भी इन्हीं पर होती है, क्योंकि ये ही वारंट निर्गत करने का आवेदन देते हैं.
यदि ये पुलिस अधिकारी अप टू डेट होते, तो उन्हें अवश्य ही इस बात की जानकारी होती कि संबंधित केस के आरोपी की मौत हो चुकी है अथवा उसने जमानत ले ली है़ वहीं न्यायालय से भी किसी मामले के आरोपी की जमानत होती है, तो जमानत की एक काॅपी थाना को भेज दी जाती है. इसके बाद भी मुर्दा व जमानत ले चुके आरोपियों का वारंट निर्गत करने के लिए आवेदन देना पुलिस की घोर लापरवाही को दर्शाता है़
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