प्रभात खबर से विशेष बातचीत: बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष ने कहा, मिशनरीज ऑफ चैरिटी को ब्लैक लिस्टेड करा बंद करायेंगे
Author Prabhat khabar digital desk
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रांची : बच्चों को बेचे जाने के मामले में बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) की अध्यक्ष रूपा कुमारी से प्रभात खबर ने विशेष बातचीत की. इस दौरान उन्होंने कहा कि वह कोशिश कर रही हैं कि सबसे पहले मिशनरीज ऑफ चैरिटी को ब्लैक लिस्टेड कराया जाये. उसके बाद इसे बंद कराया जाये. सीडब्ल्यूसी की अध्यक्ष ने […]
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रांची : बच्चों को बेचे जाने के मामले में बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) की अध्यक्ष रूपा कुमारी से प्रभात खबर ने विशेष बातचीत की. इस दौरान उन्होंने कहा कि वह कोशिश कर रही हैं कि सबसे पहले मिशनरीज ऑफ चैरिटी को ब्लैक लिस्टेड कराया जाये. उसके बाद इसे बंद कराया जाये. सीडब्ल्यूसी की अध्यक्ष ने कहा कि वे इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच के लिए भी सरकार को लिखेंगी. पेश है उनसे बातचीत के प्रमुख अंश –
आपको कैसे पता चला कि मिशन ऑफ चैरिटी संस्था द्वारा बच्चों को बेचा गया है?
यूपी के सोनभद्र जिला निवासी अग्रवाल दंपती की शिकायत की थी कि 1.20 लाख में एक बच्चे को मिशनरीज ऑफ चैरिटी से खरीदा था. जांच के क्रम में संस्था की कर्मचारी अनिमा इंदवार ने अपने बयान में छह बच्चों को बेचे जाने की बात का खुलासा किया.
क्या आपको लगता है कि मिशनरीज ऑफ चैरिटी जैसी संस्थाओं की संलिप्तता बड़े मामले की ओर इशारा करती है?
जांच में मिशनरीज ऑफ चैरिटी का नाम आना ही हमारे लिए सेंशेनल विषय हो गया कि यह संस्था बच्चों का व्यापार कर रही है.
यह बात भी सामने आयी है कि बाल कल्याण समिति द्वारा प्रॉपर तरीके से मिशनरीज ऑफ चैरिटी जैसी अन्य संस्थाओं के कार्यकलापों की जांच नहीं की जाती थी?
देखिए! हमारे पास शिकायत आयी, उसकी जांच की गयी, तभी तो मामले का खुलासा हुआ. मुझे इस केस में यह लग रहा है कि गोरखधंधे में शामिल लोगों द्वारा रजिस्टर में बच्चों के नाम का उल्लेख नहीं किया जाता है.
इससे साफ है कि सीडब्लूसी द्वारा सही तरीके से संस्थाओं पर नजर नहीं रखी जा रही थी?
ऐसी बात नहीं है. संस्था द्वारा बच्चों को सीडब्ल्यूसी के सामने बच्चों को पेश नहीं किया जाता था. शिकायत के बाद क्रॉस चेक किया गया. भौतिक सत्यापन हुआ. तब मामला सामने आया.
आपको क्या लगता है कि इस संस्था के और भी ब्रांच हैं, क्या वहां भी इस तरह की बात सामने आयी है?
हां, इस संस्था के छह और ब्रांच हैं, जिनकी जांच पुलिस कर रही है. देखते हैं कि इसमें क्या सामने आता है. उसके बाद सरकार से उच्चस्तरीय जांच का अनुरोध किया जायेगा.
अभी कितनी गर्भवती महिलाएं हैं, जिनकी कोख का सौदा हुआ है?
अभी निर्मल हृदय में 13 गर्भवतियों का पता चला है. जांच जारी है. इसके बाद ही पता चलेगा कि कितने माताओं की कोख का सौदा हुआ है.
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