रांची कॉलेज के प्राचार्य डॉ मेहता ने सरकार से पूछा, क्या है मेरा कार्य, पद की बतायें स्थिति

Updated at : 06 Jul 2018 7:57 AM (IST)
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रांची कॉलेज के प्राचार्य डॉ मेहता ने सरकार से पूछा, क्या है मेरा कार्य, पद की बतायें स्थिति

सुनील कुमार झा रांची : डॉ यूसी मेहता बिना किसी कार्य व दायित्व के गत एक माह से रांची कॉलेज के प्राचार्य बने हुए हैं. इस दौरान बतौर प्राचार्य उनके हस्ताक्षर से न तो कोई निर्देश जारी हुआ है और न कोई कार्य हुआ है. डॉ मेहता ने इस संबंध में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा […]

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सुनील कुमार झा
रांची : डॉ यूसी मेहता बिना किसी कार्य व दायित्व के गत एक माह से रांची कॉलेज के प्राचार्य बने हुए हैं. इस दौरान बतौर प्राचार्य उनके हस्ताक्षर से न तो कोई निर्देश जारी हुआ है और न कोई कार्य हुआ है. डॉ मेहता ने इस संबंध में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा सह कौशल विकास विभाग को पत्र लिखा है.
उन्होंने विभाग से अपने पद व दायित्व के बारे में पूछा है. जानकार लोगों को कहना है कि यह समस्या रांची कॉलेज को डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विवि में अपग्रेड करने के लिए जारी अधिसूचना में कुछ बातें स्पष्ट नहीं होने के कारण उत्पन्न हुई है. रांची कॉलेज का अस्तित्व अभी समाप्त नहीं हुआ है और डॉ मेहता रांची कॉलेज के प्राचार्य हैं. विवि के पद सृजन का मामला कैडर विभाजन को लेकर भी नहीं सुलझा है.
राज्य सरकार ने गत वर्ष रांची कॉलेज को डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विवि में अपग्रेड किया. रांची कॉलेज को श्यामा प्रसाद मुखर्जी विवि में अपग्रेड करने के बाद विवि में कुलपति, कुलसचिव, डीएसडब्लू, परीक्षा नियंत्रक व वित्त पदाधिकारी का पद सृजित किया गया. विवि गठन को लेकर जारी गजट में रांची कॉलेज प्राचार्य समेत वहां से शिक्षक व कर्मियों के बारे में कुछ नहीं कहा गया.
रांची कॉलेज के प्राचार्य का पद विलोपित नहीं किया गया. ऐसे में डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विवि के शिक्षक व कर्मियों के वेतन भुगतान के लिए राशि अब भी रांची विश्वविद्यालय द्वारा रांची कॉलेज के नाम से भेजा जाता है.
रांची कॉलेज को विवि में किया गया अपग्रेड, पर प्राचार्य का पद नहीं किया गया विलोपित
राजभवन को दी जायेगी पूरी जानकारी
डॉ यूसी मेहता के मामले की पूरी जानकारी विवि की ओर से राजभवन को दी जायेगी. वह मूल से रूप विनोबा भावे विवि से प्राचार्य कैडर के हैं. उनका अंतर विश्वविद्यालय स्थानांतरण रांची विवि में हुआ है. रांची विवि में वे पहले मारवाड़ी कॉलेज के भी प्राचार्य बनाये गये, इसके बाद उन्हें रांची कॉलेज के प्राचार्य रूप में पदस्थापित किया गया.
कुलपति के रूप में नहीं लिया था लियन
डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विवि के कुलपति के कार्यकाल के दौरान डॉ यूसी मेहता ने रांची विवि से लियन नहीं लिया था. डॉ मेहता ने लियन के लिए रांची विवि में आवेदन तो दिया था, पर बाद में आवेदन वापस ले लिया.
इस संबंध में डॉ मेहता का कहना है कि प्रभारी कुलपति के रूप में उन्हें लियन लेने की आवश्यकता नहीं थी. अगर उनके लिए लियन लेना आवश्यक था, तो फिर डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विवि के सभी शिक्षक व पदाधिकारी को भी लियन लेना चाहिए था. कुलपति के रूप में उनका कार्यकाल निश्चित नहीं था, इस कारण उन्होंने लियन नहीं लिया.
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