झारखंड : सांसद सुनील महतो हत्याकांड, एनआइए से जांच कराने का प्रस्ताव हुआ तैयार
Author Prabhat khabar digital desk
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II प्रणव II रांची : जमशेदपुर से झामुमो के सांसद सुनील महतो हत्याकांड की नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी (एनआइए) से जांच करायी जा सकती है. मुख्यमंत्री रघुवर दास के निर्देश पर पुलिस मुख्यालय ने एनआइए से जांच कराने संबंधी प्रस्ताव तैयार कर लिया है. शीघ्र पुलिस मुख्यालय की ओर से एनआइए को पत्र भेजा जायेगा. उल्लेखनीय […]
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II प्रणव II
रांची : जमशेदपुर से झामुमो के सांसद सुनील महतो हत्याकांड की नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी (एनआइए) से जांच करायी जा सकती है. मुख्यमंत्री रघुवर दास के निर्देश पर पुलिस मुख्यालय ने एनआइए से जांच कराने संबंधी प्रस्ताव तैयार कर लिया है.
शीघ्र पुलिस मुख्यालय की ओर से एनआइए को पत्र भेजा जायेगा. उल्लेखनीय है कि दिवंगत सांसद सुनील महतो की मां खांदो देवी ने छह फरवरी को मुख्यमंत्री रघुवर दास से मुलाकात की थी. उस वक्त सीएम ने उन्हें एनआइए से जांच कराने का आश्वासन दिया था.
चार मार्च 2007 को नक्सलियों ने खेली थी खून की होली :
चार मार्च 2007 को होली का त्योहार था. इसी दिन घाटशिला प्रखंड के बाघुड़िया स्कूल मैदान में फुटबॉल मैच खेला जा रहा था. जमशेदपुर के तत्कालीन सांसद सुनील महतो मुख्य अतिथि थे. लोग मैच का अानंद उठा रहे थे, इस दौरान नक्सलियों ने सांसद महतो को टारगेट कर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी.
घटनास्थल पर ही सांसद सुनील महतो की मौत हो गयी. साथ ही झामुमो के प्रखंड सचिव प्रभाकर महतो और सांसद के दो अंगरक्षक भी मारे गये थे. नक्सलियों ने चार इंसास राइफल भी लूट लिया.
सांसद हत्याकांड की जांच जिला पुलिस के अलावा सीआइडी और सीबीआइ ने की, लेकिन परिजनों को उक्त एजेंसियों की जांच पर अब तक संतुष्टि नहीं मिली. सीबीआइ सरेंडर करनेवाले मुख्य शूटर रंजीत पाल को भी गिरफ्त में नहीं ले पायी.
सीबीआइ ने जिन्हें जेल भेजा, वे साक्ष्य के अभाव में बरी हो गये :
सांसद हत्याकांड मामले की जांच कर रही सीबीआइ ने बाघुड़िया से सूनाराम सोरेन, सुधीर सोरेन, चाड़री के फूलचंद टुडू, गुड़ाझोर के रामचंद्र सिंह, सुबोध सिंह, केशरपुर के उत्तम मंडल, नरसिंहपुर के राजन महतो और निर्मल महतो को गिरफ्तार किया था. एक साल बाद ही साक्ष्य के अभाव में सभी बरी हो गये.
सरेंडर के बाद मुख्य शूटर रंजीत पाल बन गया होमगार्ड :
सांसद हत्याकांड के मुख्य शूटर सह हार्डकोर नक्सली रंजीत पाल उर्फ राहुल अपनी नक्सली पत्नी झरना के साथ 25 जनवरी 2017 को कोलकाता में सरेंडर किया था.
इससे पूर्व हत्याकांड में संलिप्त महिला नक्सली जागुरी बास्के, रामचंद्र सोरेन, जयंतो समेत अन्य कई नक्सलियों ने भी बंगाल में सरेंडर किया. बंगाल सरकार ने सरेंडर पॉलिसी के तहत राहुल को 35 लाख रुपये और होमगार्ड की नौकरी दी. वह वर्तमान में बंगाल में पुलिस सेफ हाउस में अपनी पत्नी के साथ रह रहा है. राहुल के सरेंडर करने के बाद जब सीबीआइ उससे पूछताछ करना चाही, तो बंगाल सरकार ने अनुमति नहीं दी.
नक्सली असीम मंडल, सचिन व द्विजैन हेंब्रम गिरफ्त से दूर :
सांसद हत्याकांड में संलिप्त प्रमुख नक्सली नेता बंगाल स्टेट कमेटी के सचिव असीम मंडल उर्फ आकाश उर्फ राकेश जी, सचिन, द्विजैन हेंब्रम समेत अन्य कई नक्सली हैं, जो घटना के 11 साल बाद भी पुलिस पकड़ से बाहर हैं.
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